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Karnal News: जिले में गैस सिलिंडरों की आपूर्ति घटी
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जिले में रसोई गैस सिलिंडर की आपूर्ति में कमी आई है। रविवार को गैस कंपनियों की ओर से 13 हजार सिलिंडरों का स्टॉक ही भेजा गया। आम दिनों में यह आंकड़ा 18 से 19 हजार के बीच रहता था।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में रोजाना करीब 9 से 10 हजार सिलिंडरों की खपत होती है। खपत से अधिक सिलिंडरों को ट्रांजिट कोटे में रखा जाता है। विगत दिनों के संकट से कोटा खत्म होने के कगार पर है। गैस एजेंसियों के पास उपलब्ध स्टॉक घट रहा है।
इधर पांच किलो गैस सिलिंडर के वितरण को लेकर सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों की सोमवार को होने वाली बैठक स्थगित हो गई। अब ये बैठक मंगलवार को होगी। जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से जिले से 15 हजार प्रवासी मजदूर परिवारों का डाटा सरकार को भेजा गया है। इस आंकड़े के हिसाब से ही जिले में छोटे सिलिंडर अलॉट किए जाएंगे। बताया जा रहा है कि इसके लिए प्रवासी सिर्फ पहचानपत्र देकर सिलिंडर ले सकते हैं। इसके लिए सरकार सरल नियम बनाएगी।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के नियंत्रक मुकेश कुमार ने बताया कि चिंता की कोई बात नहीं है। जिले में गैस की आपूर्ति पूरी है। छोटे सिलिंडरों के वितरण को लेकर रणनीति बनाई जा रही है।
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करनाल। जिले में रसोई गैस सिलिंडर की आपूर्ति में कमी आई है। रविवार को गैस कंपनियों की ओर से 13 हजार सिलिंडरों का स्टॉक ही भेजा गया। आम दिनों में यह आंकड़ा 18 से 19 हजार के बीच रहता था।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में रोजाना करीब 9 से 10 हजार सिलिंडरों की खपत होती है। खपत से अधिक सिलिंडरों को ट्रांजिट कोटे में रखा जाता है। विगत दिनों के संकट से कोटा खत्म होने के कगार पर है। गैस एजेंसियों के पास उपलब्ध स्टॉक घट रहा है।
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इधर पांच किलो गैस सिलिंडर के वितरण को लेकर सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों की सोमवार को होने वाली बैठक स्थगित हो गई। अब ये बैठक मंगलवार को होगी। जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से जिले से 15 हजार प्रवासी मजदूर परिवारों का डाटा सरकार को भेजा गया है। इस आंकड़े के हिसाब से ही जिले में छोटे सिलिंडर अलॉट किए जाएंगे। बताया जा रहा है कि इसके लिए प्रवासी सिर्फ पहचानपत्र देकर सिलिंडर ले सकते हैं। इसके लिए सरकार सरल नियम बनाएगी।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के नियंत्रक मुकेश कुमार ने बताया कि चिंता की कोई बात नहीं है। जिले में गैस की आपूर्ति पूरी है। छोटे सिलिंडरों के वितरण को लेकर रणनीति बनाई जा रही है।