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Karnal News: हरियाणा के सरकारी कालेजों में पहली बार बने सुपरिटेंडेंट के पद, 7 साल बाद पूरी हुई मांग
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हरियाणा के सरकारी कालेजों में पहली बार बने सुपरिटेंडेंट के पद, 7 साल बाद पूरी हुई मांग
22 जिलों में से 10 कालेजों में स्वीकृत हुए पद, 4000 से अधिक छात्रों वाले संस्थानों को मिली प्राथमिकता
पहले डिप्टी सुपरिटेंडेंट तक पहुंच पाते थे कालेज कर्मचारी, अब क्लास बी के लिए मिला मौका
प्रदेश में हैं 187 सरकारी कालेज, एसोसिएशन ने शिक्षामंत्री महिपाल ढांडा से की मुलाकात
फोटो-
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल।
: हरियाणा के सरकारी कालेजों के इतिहास में पहली बार सुपरिटेंडेंट के पद सृजित किए गए हैं। उच्चतर शिक्षा विभाग ने कालेज कैडर में ग्रुप-सी की 10 नई पोस्टों को मंजूरी दी है। ये पद उन 10 सरकारी कालेजों में बनाए गए हैं जहां 4000 से अधिक छात्र और स्टाफ की संख्या अधिक है। लंबे समय से चली आ रही इस मांग को सरकार द्वारा 2019 में पदों को सृजित कर पूरा किया गया था परंतु इन पदों के लिए सर्विस रूल्स बनवाने का कार्य यूनियन के लंबे संघर्ष व प्रयासों के बाद 2026 में जाकर पूरा किया गया है। उच्चतर शिक्षा विभाग, पंचकूला द्वारा जारी आदेश के अनुसार हरियाणा के राज्यपाल ने शिक्षा विभाग के कालेज कैडर ग्रुप-सी सेवा में 10 नए सुपरिटेंडेंट पदों के सृजन को स्वीकृति दी है। ये पद लेवल-7, हरियाणा सिविल सर्विसेज संशोधित वेतन नियम 2016 के अनुसार होंगे। पहले राजकीय महाविद्यालयों में क्लर्क डिप्टी सुपरिटेंडेंट के पद तक पहुंचकर ही रिटायर हो जाते थे, लेकिन अब वरिष्ठता के आधार पर सुपरिटेंडेंट के पद तक पहुंच सकेंगे। इसको लेकर आल हरियाणा राजकीय मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन के राज्य प्रधान मनीष घनघस व उनकी टीम ने शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा का विशेष आभार व्यक्त किया है।उनका कहना है कि मंत्री के हस्तक्षेप और उच्चतर शिक्षा विभाग के अधिकारियों के प्रयासों से ही यह ऐतिहासिक फैसला संभव हो पाया। यह कालेजों के सुचारू संचालन की दिशा में बड़ा कदम है। सुपरिटेंडेंट की नियुक्ति से प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और गति आएगी, जिसका सीधा लाभ छात्रों और स्टाफ को मिलेगा।
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इन 10 कालेजों में बनेंगे पद
विभाग ने प्रदेश के 22 जिलों में से उन 10 जिलों के कालेजों का चयन किया है जहां विद्यार्थियों और स्टाफ का दबाव सबसे ज्यादा है। चयनित कालेजों की सूची में राजकीय कालेज भिवानी, पं. जेएलएन राजकीय कालेज फरीदाबाद, द्रोणाचार्य राजकीय कालेज गुरुग्राम, सेक्टर-14 का राजकीय महिला कालेज गुरूग्राम, राजकीय कालेज हिसार, पं. सीएल शर्मा राजकीय कालेज करनाल, राजकीय कालेज नारनौल, आई सी राजकीय महिला कालेज रोहतक, प नेकी राम राजकीय कॉलेज रोहतक और राजकीय राष्ट्रीय कालेज सिरसा शामिल हैं। प्रत्येक कालेज में एक-एक सुपरिटेंडेंट का पद सृजित किया गया है।
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2019 से चल रहा था संघर्ष
प्रदेश के कालेजों में सुपरिटेंडेंट के पदों के लिए 2019 से लगातार इस मांग को उठा रहे थे। क्लर्क और हेड क्लर्क के स्तर पर ही पूरा काम निपटाने से फाइलों का निपटारा समय पर नहीं हो पाता था। एक सुपरिटेंडेंट स्तर का अधिकारी होने से बजट, स्थापना, लेखा और विद्यार्थी संबंधी कार्यों में तेजी आएगी। 6 अगस्त 2019 को वित्त विभाग की सहमति के बाद पदों को स्वीकृति मिली थी, लेकिन पदों के लिए सर्विस रूल्स का नोटिफिकेशन अब 2026 में हो पाया है। इन पदों पर होने वाला खर्च 2019-20 के स्वीकृत बजट प्रावधानों में से ही किया जाएगा।
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22 जिलों में से 10 कालेजों में स्वीकृत हुए पद, 4000 से अधिक छात्रों वाले संस्थानों को मिली प्राथमिकता
पहले डिप्टी सुपरिटेंडेंट तक पहुंच पाते थे कालेज कर्मचारी, अब क्लास बी के लिए मिला मौका
प्रदेश में हैं 187 सरकारी कालेज, एसोसिएशन ने शिक्षामंत्री महिपाल ढांडा से की मुलाकात
फोटो-
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल।
: हरियाणा के सरकारी कालेजों के इतिहास में पहली बार सुपरिटेंडेंट के पद सृजित किए गए हैं। उच्चतर शिक्षा विभाग ने कालेज कैडर में ग्रुप-सी की 10 नई पोस्टों को मंजूरी दी है। ये पद उन 10 सरकारी कालेजों में बनाए गए हैं जहां 4000 से अधिक छात्र और स्टाफ की संख्या अधिक है। लंबे समय से चली आ रही इस मांग को सरकार द्वारा 2019 में पदों को सृजित कर पूरा किया गया था परंतु इन पदों के लिए सर्विस रूल्स बनवाने का कार्य यूनियन के लंबे संघर्ष व प्रयासों के बाद 2026 में जाकर पूरा किया गया है। उच्चतर शिक्षा विभाग, पंचकूला द्वारा जारी आदेश के अनुसार हरियाणा के राज्यपाल ने शिक्षा विभाग के कालेज कैडर ग्रुप-सी सेवा में 10 नए सुपरिटेंडेंट पदों के सृजन को स्वीकृति दी है। ये पद लेवल-7, हरियाणा सिविल सर्विसेज संशोधित वेतन नियम 2016 के अनुसार होंगे। पहले राजकीय महाविद्यालयों में क्लर्क डिप्टी सुपरिटेंडेंट के पद तक पहुंचकर ही रिटायर हो जाते थे, लेकिन अब वरिष्ठता के आधार पर सुपरिटेंडेंट के पद तक पहुंच सकेंगे। इसको लेकर आल हरियाणा राजकीय मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन के राज्य प्रधान मनीष घनघस व उनकी टीम ने शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा का विशेष आभार व्यक्त किया है।उनका कहना है कि मंत्री के हस्तक्षेप और उच्चतर शिक्षा विभाग के अधिकारियों के प्रयासों से ही यह ऐतिहासिक फैसला संभव हो पाया। यह कालेजों के सुचारू संचालन की दिशा में बड़ा कदम है। सुपरिटेंडेंट की नियुक्ति से प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और गति आएगी, जिसका सीधा लाभ छात्रों और स्टाफ को मिलेगा।
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इन 10 कालेजों में बनेंगे पद
विभाग ने प्रदेश के 22 जिलों में से उन 10 जिलों के कालेजों का चयन किया है जहां विद्यार्थियों और स्टाफ का दबाव सबसे ज्यादा है। चयनित कालेजों की सूची में राजकीय कालेज भिवानी, पं. जेएलएन राजकीय कालेज फरीदाबाद, द्रोणाचार्य राजकीय कालेज गुरुग्राम, सेक्टर-14 का राजकीय महिला कालेज गुरूग्राम, राजकीय कालेज हिसार, पं. सीएल शर्मा राजकीय कालेज करनाल, राजकीय कालेज नारनौल, आई सी राजकीय महिला कालेज रोहतक, प नेकी राम राजकीय कॉलेज रोहतक और राजकीय राष्ट्रीय कालेज सिरसा शामिल हैं। प्रत्येक कालेज में एक-एक सुपरिटेंडेंट का पद सृजित किया गया है।
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2019 से चल रहा था संघर्ष
प्रदेश के कालेजों में सुपरिटेंडेंट के पदों के लिए 2019 से लगातार इस मांग को उठा रहे थे। क्लर्क और हेड क्लर्क के स्तर पर ही पूरा काम निपटाने से फाइलों का निपटारा समय पर नहीं हो पाता था। एक सुपरिटेंडेंट स्तर का अधिकारी होने से बजट, स्थापना, लेखा और विद्यार्थी संबंधी कार्यों में तेजी आएगी। 6 अगस्त 2019 को वित्त विभाग की सहमति के बाद पदों को स्वीकृति मिली थी, लेकिन पदों के लिए सर्विस रूल्स का नोटिफिकेशन अब 2026 में हो पाया है। इन पदों पर होने वाला खर्च 2019-20 के स्वीकृत बजट प्रावधानों में से ही किया जाएगा।
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