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Karnal News: सड़क पर रहने वाले बच्चों को मुख्य धारा में लाएगा प्रशासन, लगाया विशेष शिविर, 64 की जगह पहुंचे 74 बच्चे
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करनाल। महिला एवं बाल विकास विभाग और जिला बाल संरक्षण यूनिट की ओर से बुधवार को सेक्टर 16 के राजकीय पाॅलीक्लिनिक में मलिन बस्तियों (स्लम एरिया) के बच्चों के पुनर्वास के लिए विशेष शिविर लगाया गया। इसमें स्वास्थ्य विभाग, श्रम विभाग, जिला रेडक्रास सोसायटी, नागरिक संशाधन सूचना विभाग (क्रीड), शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल संरक्षण यूनिट आदि की ओर से अलग-अलग काउंटर स्थापित किए गए थे, इसमें सीडब्ल्यूसी की ओर से 64 बच्चे चिह्नित किए गए थे लेकिन 74 पहुंचे।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य योजना के तहत स्वास्थ्य विभाग के डाक्टरों द्वारा बच्चों का रक्तचाप, वजन, ऊंचाई, सिर व बाजू का माप के अलावा जन्मजात विकारों यथा-दिल में छेद, आदि की जांच की गई। गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए बच्चों का टीकाकरण भी किया गया। क्रीड की ओर 15 बच्चों के मौके पर ही आधार कार्ड बनाए गए। शून्य से छह साल के 10 बच्चे आंगनबाड़ी केंद्रों और 6 से 15 साल के 19 बच्चे स्कूल में प्रवेश के योग्य पाए गए। संबंधित विभाग को अब इनका आंगनबाड़ी केंद्र और स्कूलों में दाखिला सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, इसके अलावा 14-15 साल की युवतियों को एचपीवी वैक्सीन के प्रति जागरूक किया गया। अठारह बच्चों का एचआईवी टेस्ट भी किया गया। जिला रेडक्रास सोसायटी की ओर से बच्चों को अल्पाहार वितरित किया गया।
उपायुक्त डाॅ. आनंद कुमार शर्मा ने शिविर का जायजा लिया। डॉक्टरों, आशा वर्कर्स, जन्म व मृत्यु काउंटर पर बैठे कर्मचारियों शिविर में पहुंचे बच्चों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि शिविर में आए हर बच्चे की गहनता से जांच की जाए। ऐसा नहीं होना चाहिए कि एक-दो काउंटर पर पहुंचकर बच्चा बीच में ही लौट जाए। इसका मुख्य उद्देश्य निराश्रित, बेसहारा, भिक्षावृति, बालश्रम जैसी परिस्थियों में सड़क पर रहने वाले बच्चों को समाज की मुख्य धारा में लाना है। दस्तावेज तैयार होने के बाद ये बच्चे सरकार की विभिन्न योजनाओं का भी फायदा उठा सकते हैं। करनाल में ऐसे करीब 350 बच्चों की पहचान की गई है। उन्होंने कहा कि शिविर में बच्चों के साथ आने वाली महिलाएं भी स्वास्थ्य जांच करा सकती हैं। इस दौरान उपायुक्त ने महिला एवं बाल विकास विभाग को बच्चों व माता-पिता की काउंसलिंग के लिए अलग व सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने और इन कैंपों में निगम द्वारा जन्म प्रमाणपत्र बनाने का काउंटर लगाने के निर्देश दिए।
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आज शनि मंदिर में लगेगा शिविर
उन्होंने बताया कि अगले चार दिनों में भी ऐसे शिविर शहर के अलग-अलग स्थानों पर लगाए जाएंगे। 14 मई को नमस्ते चौक के नजदीक शनि मंदिर, 18 को सेक्टर 12 में पेट्रोल पंप के नजदीक पाठक अस्पताल के विपरीत, 20 व 21 मई को सेक्टर 33 के न्यू कम्युनिटी सेंटर में भी शिविर स्लम क्षेत्र के बच्चों के लिए शिविर आयोजित किए जाएंगे।
इसमें सहायक आयुक्त (प्रशिक्षणाधीन) सोहम शैलेंद्र, एसएमओ नीरू बाला, डाॅ. नवजीत सिंह, संरक्षण अधिकारी सुमन, काउंसलर डाॅ. पूनम शर्मा, सीडब्ल्यूसी के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश, सदस्य सुमन व सुषमा, क्रिड से पिंकी देशवाल, प्रदीप, मनजीत, राहुल, सोशल वर्कर प्रदीप शर्मा आदि मौजूद रहे।
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राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य योजना के तहत स्वास्थ्य विभाग के डाक्टरों द्वारा बच्चों का रक्तचाप, वजन, ऊंचाई, सिर व बाजू का माप के अलावा जन्मजात विकारों यथा-दिल में छेद, आदि की जांच की गई। गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए बच्चों का टीकाकरण भी किया गया। क्रीड की ओर 15 बच्चों के मौके पर ही आधार कार्ड बनाए गए। शून्य से छह साल के 10 बच्चे आंगनबाड़ी केंद्रों और 6 से 15 साल के 19 बच्चे स्कूल में प्रवेश के योग्य पाए गए। संबंधित विभाग को अब इनका आंगनबाड़ी केंद्र और स्कूलों में दाखिला सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, इसके अलावा 14-15 साल की युवतियों को एचपीवी वैक्सीन के प्रति जागरूक किया गया। अठारह बच्चों का एचआईवी टेस्ट भी किया गया। जिला रेडक्रास सोसायटी की ओर से बच्चों को अल्पाहार वितरित किया गया।
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उपायुक्त डाॅ. आनंद कुमार शर्मा ने शिविर का जायजा लिया। डॉक्टरों, आशा वर्कर्स, जन्म व मृत्यु काउंटर पर बैठे कर्मचारियों शिविर में पहुंचे बच्चों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि शिविर में आए हर बच्चे की गहनता से जांच की जाए। ऐसा नहीं होना चाहिए कि एक-दो काउंटर पर पहुंचकर बच्चा बीच में ही लौट जाए। इसका मुख्य उद्देश्य निराश्रित, बेसहारा, भिक्षावृति, बालश्रम जैसी परिस्थियों में सड़क पर रहने वाले बच्चों को समाज की मुख्य धारा में लाना है। दस्तावेज तैयार होने के बाद ये बच्चे सरकार की विभिन्न योजनाओं का भी फायदा उठा सकते हैं। करनाल में ऐसे करीब 350 बच्चों की पहचान की गई है। उन्होंने कहा कि शिविर में बच्चों के साथ आने वाली महिलाएं भी स्वास्थ्य जांच करा सकती हैं। इस दौरान उपायुक्त ने महिला एवं बाल विकास विभाग को बच्चों व माता-पिता की काउंसलिंग के लिए अलग व सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने और इन कैंपों में निगम द्वारा जन्म प्रमाणपत्र बनाने का काउंटर लगाने के निर्देश दिए।
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आज शनि मंदिर में लगेगा शिविर
उन्होंने बताया कि अगले चार दिनों में भी ऐसे शिविर शहर के अलग-अलग स्थानों पर लगाए जाएंगे। 14 मई को नमस्ते चौक के नजदीक शनि मंदिर, 18 को सेक्टर 12 में पेट्रोल पंप के नजदीक पाठक अस्पताल के विपरीत, 20 व 21 मई को सेक्टर 33 के न्यू कम्युनिटी सेंटर में भी शिविर स्लम क्षेत्र के बच्चों के लिए शिविर आयोजित किए जाएंगे।
इसमें सहायक आयुक्त (प्रशिक्षणाधीन) सोहम शैलेंद्र, एसएमओ नीरू बाला, डाॅ. नवजीत सिंह, संरक्षण अधिकारी सुमन, काउंसलर डाॅ. पूनम शर्मा, सीडब्ल्यूसी के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश, सदस्य सुमन व सुषमा, क्रिड से पिंकी देशवाल, प्रदीप, मनजीत, राहुल, सोशल वर्कर प्रदीप शर्मा आदि मौजूद रहे।