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Karnal News: कलियां महका रहीं चमन… बनीं शहर की पहचान
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। फूल ही नहीं चमन की कलियां भी उसे महका रही हैं। कर्णनगरी की बालिकाओं की प्रतिभा की चमक ने जिले को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। कई बेटियां ऐसी भी हैं जो पहले प्रयास में हार से मिली निराशा को आशा की किरण बनाते हुए मेहनत में जुट गई हैं। राष्ट्रीय बालिका दिवस आइए इन बालिकाओं से रूबरू हों...
12 की उम्र में फुटबाल में जीता सोना
फुटबॉल की खिलाड़ी महक ने जिला स्तर की फुटबॉल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक अपने नाम किए है। वह अभी मात्र 12 साल की है और उन्होंने प्रदेश व जिला स्तर की कई प्रतियोगिताओं में भाग लेकर जिले का नाम रोशन कर रही है। पिछले महीने आयोजित हुई स्कूली फुटबॉल प्रतियोगिता में उन्होंने हिस्सा लिया था, हालांकि वह इसमें पदक नहीं जीत पाई।
निराशा से जगी आशा की किरण
एथलेटिक्स की 11 वर्षीय खिलाड़ी आशिमा ने प्रदेश व जिला स्तर की प्रतियोगिता में हिस्सा लिया है लेकिन वह अभी तक कोई पदक नहीं जीत पाई। उन्होंने अंडर-14 प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर काफी अनुभव प्राप्त किया है। इस निराशा को उन्होंने आशा में बदलते हुए प्रयास शुरू किया है ताकि लक्ष्य को प्राप्त कर सकें।
छह माह पहले ही शुरू किया अभ्यास
धावक श्रेया ने अभी तक प्रदेश व जिला स्तर की प्रतियोगिता में हिस्सा लिया है और प्रदेश स्तर की प्रतियोगिता में वह चौथे स्थान पर आई थीं। कर्ण स्टेडियम में वह निरंतर अभ्यास कर रही हैं। जून में होने वाली प्रतियोगिता की तैयारी कर रही हैं। छह माह पहले ही अभ्यास शुरू कर दिया है, बोलीं असफलता में सफलता का संदेश छुपा होता है।
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प्रदेश स्तर पर जीत चुकी हैं सोना
लंबी कूद की खिलाड़ी की दिपांशी ने प्रदेश स्तर की प्रतियोगिता में स्वर्ण व रजत पदक जीत कर जिले का नाम रोशन कर चुकी हैं। दिपांशी लंबी कूद के साथ-साथ 100 मीटर दौड़ की भी खिलाड़ी हैं। अब राष्ट्रीय स्तर पर खेलने की तैयारी है। स्टेडियम में खेलते दूसरे खिलाड़ियों को देखकर वह प्रेरित हुई थीं।
शॉटपुट में अनिका का सोने सा नाम
शॉटपुट की खिलाड़ी अनिका ने प्रदेश व जिला स्तर पर स्वर्ण पदक जीत कर जिले का नाम रोशन किया है। अनिका ने प्रदेश स्तर पर रजत पदक भी अपने नाम कर रखा है और अब उनकी तैयारी किड्स राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेने की है।
जीता सबसे अच्छी अभिनेत्री का खिताब
रिशिका गत वर्ष राज्य स्तर पर वैज्ञानिक ड्रामा में सबसे अच्छी अभिनेत्री रह चुकी हैं। बोलीं, लक्ष्य तय किया गया है कि वह राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बनाएंगी। रिशिका को अभिनय का शौक है। राज्य स्तर पर विज्ञान के महत्व व जरूरत पर जिले का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।
विज्ञान क्विज में चमकाया नाम
अश्लेषा ने राज्य स्तर पर विज्ञान क्विज प्रतियोगिता में पहला स्थान प्राप्त किया। इससे पहले जिले में भी कई बार विज्ञान प्रतियोगिता में नाम रोशन कर चुकी हैं। उन्होंने बताया कि वह वैज्ञानिक बनना चाहती हैं। कोशिश रहती है कि विज्ञान विषय पर अधिक से अधिक जानकारी जुटा कर ज्ञान को बढ़ाया जाए। उन्होंने बताया कि राज्य स्तर से अब राष्ट्रीय स्तर पर जाने की तैयारी कर रही हैं।
सबसे कम उम्र में जीता पदक
पहलवान वासवी राज्य स्तर पर कांस्य पदक हासिल कर चुकी हैं। वह पांच बार राज्य स्तर पर जिले का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। राज्य स्तर पर हरियाणा की सबसे कम उम्र की पहलवानी करने वाली खिलाड़ी बनीं। तीन साल की उम्र से पहलवानी शुरू की। पिछले नौ साल से अभ्यास कर रही हैं। मार्च में होने वाले राष्ट्रीय स्तर पर खेल के लिए तैयारी में जुटी हैं।
दंगल में हासिल किया प्रथम स्थान
पहलवान आरवी अंडर-36 किलो भारवर्ग की खिलाड़ी हैं। राज्य स्तर पर खेल रही हैं। तीन बार राज्य स्तर पर पहलवानी कर चुकी हैं। इससे पहले दंगल प्रतियोगिताओं में भी कई बार हिस्सा ले चुकी हैं। जिला स्तर पर प्रथम स्थान हासिल किया। आरवी ने बताया कि वह अपनी बड़ी बहन से प्रेरित होकर पहलवानी क्षेत्र में आईं जिसमें भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर तक देश व जिले का नाम रोशन करना मुख्य लक्ष्य है।
सबसे कम उम्र में जीता स्वर्ण पदक
मानवी ने देश में सबसे कम उम्र यानी सिर्फ चार साल की आयु में ही मार्शल आर्ट में जिला स्तर पर स्वर्ण पदक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कांस्य पदक प्राप्त किया है। वह किंडर वर्ल्ड प्ले स्कूल में पढ़ती हैं। उन्होंने बताया कि वह अपने कोच को आदर्श मानती हैं। भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक लाने के लिए तैयारी कर रही हैं।
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12 की उम्र में फुटबाल में जीता सोना
फुटबॉल की खिलाड़ी महक ने जिला स्तर की फुटबॉल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक अपने नाम किए है। वह अभी मात्र 12 साल की है और उन्होंने प्रदेश व जिला स्तर की कई प्रतियोगिताओं में भाग लेकर जिले का नाम रोशन कर रही है। पिछले महीने आयोजित हुई स्कूली फुटबॉल प्रतियोगिता में उन्होंने हिस्सा लिया था, हालांकि वह इसमें पदक नहीं जीत पाई।
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निराशा से जगी आशा की किरण
एथलेटिक्स की 11 वर्षीय खिलाड़ी आशिमा ने प्रदेश व जिला स्तर की प्रतियोगिता में हिस्सा लिया है लेकिन वह अभी तक कोई पदक नहीं जीत पाई। उन्होंने अंडर-14 प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर काफी अनुभव प्राप्त किया है। इस निराशा को उन्होंने आशा में बदलते हुए प्रयास शुरू किया है ताकि लक्ष्य को प्राप्त कर सकें।
छह माह पहले ही शुरू किया अभ्यास
धावक श्रेया ने अभी तक प्रदेश व जिला स्तर की प्रतियोगिता में हिस्सा लिया है और प्रदेश स्तर की प्रतियोगिता में वह चौथे स्थान पर आई थीं। कर्ण स्टेडियम में वह निरंतर अभ्यास कर रही हैं। जून में होने वाली प्रतियोगिता की तैयारी कर रही हैं। छह माह पहले ही अभ्यास शुरू कर दिया है, बोलीं असफलता में सफलता का संदेश छुपा होता है।
प्रदेश स्तर पर जीत चुकी हैं सोना
लंबी कूद की खिलाड़ी की दिपांशी ने प्रदेश स्तर की प्रतियोगिता में स्वर्ण व रजत पदक जीत कर जिले का नाम रोशन कर चुकी हैं। दिपांशी लंबी कूद के साथ-साथ 100 मीटर दौड़ की भी खिलाड़ी हैं। अब राष्ट्रीय स्तर पर खेलने की तैयारी है। स्टेडियम में खेलते दूसरे खिलाड़ियों को देखकर वह प्रेरित हुई थीं।
शॉटपुट में अनिका का सोने सा नाम
शॉटपुट की खिलाड़ी अनिका ने प्रदेश व जिला स्तर पर स्वर्ण पदक जीत कर जिले का नाम रोशन किया है। अनिका ने प्रदेश स्तर पर रजत पदक भी अपने नाम कर रखा है और अब उनकी तैयारी किड्स राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेने की है।
जीता सबसे अच्छी अभिनेत्री का खिताब
रिशिका गत वर्ष राज्य स्तर पर वैज्ञानिक ड्रामा में सबसे अच्छी अभिनेत्री रह चुकी हैं। बोलीं, लक्ष्य तय किया गया है कि वह राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बनाएंगी। रिशिका को अभिनय का शौक है। राज्य स्तर पर विज्ञान के महत्व व जरूरत पर जिले का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।
विज्ञान क्विज में चमकाया नाम
अश्लेषा ने राज्य स्तर पर विज्ञान क्विज प्रतियोगिता में पहला स्थान प्राप्त किया। इससे पहले जिले में भी कई बार विज्ञान प्रतियोगिता में नाम रोशन कर चुकी हैं। उन्होंने बताया कि वह वैज्ञानिक बनना चाहती हैं। कोशिश रहती है कि विज्ञान विषय पर अधिक से अधिक जानकारी जुटा कर ज्ञान को बढ़ाया जाए। उन्होंने बताया कि राज्य स्तर से अब राष्ट्रीय स्तर पर जाने की तैयारी कर रही हैं।
सबसे कम उम्र में जीता पदक
पहलवान वासवी राज्य स्तर पर कांस्य पदक हासिल कर चुकी हैं। वह पांच बार राज्य स्तर पर जिले का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। राज्य स्तर पर हरियाणा की सबसे कम उम्र की पहलवानी करने वाली खिलाड़ी बनीं। तीन साल की उम्र से पहलवानी शुरू की। पिछले नौ साल से अभ्यास कर रही हैं। मार्च में होने वाले राष्ट्रीय स्तर पर खेल के लिए तैयारी में जुटी हैं।
दंगल में हासिल किया प्रथम स्थान
पहलवान आरवी अंडर-36 किलो भारवर्ग की खिलाड़ी हैं। राज्य स्तर पर खेल रही हैं। तीन बार राज्य स्तर पर पहलवानी कर चुकी हैं। इससे पहले दंगल प्रतियोगिताओं में भी कई बार हिस्सा ले चुकी हैं। जिला स्तर पर प्रथम स्थान हासिल किया। आरवी ने बताया कि वह अपनी बड़ी बहन से प्रेरित होकर पहलवानी क्षेत्र में आईं जिसमें भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर तक देश व जिले का नाम रोशन करना मुख्य लक्ष्य है।
सबसे कम उम्र में जीता स्वर्ण पदक
मानवी ने देश में सबसे कम उम्र यानी सिर्फ चार साल की आयु में ही मार्शल आर्ट में जिला स्तर पर स्वर्ण पदक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कांस्य पदक प्राप्त किया है। वह किंडर वर्ल्ड प्ले स्कूल में पढ़ती हैं। उन्होंने बताया कि वह अपने कोच को आदर्श मानती हैं। भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक लाने के लिए तैयारी कर रही हैं।