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Karnal News: विधायक से बोले आढ़ती, जब बाहरी गेहूं मंडी के बाहर पकड़ा गया तो आढ़ती कैसे जिम्मेदार हुआ
Sun, 10 May 2026 01:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sun, 10 May 2026 01:31 AM IST
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इंद्री गेहूं से अटी नई अनाज मंडी। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
इंद्री। इंद्री मंडी कमेटी के सचिव की ओर से इंद्री और ब्याना मंडी के पांच प्रमुख आढ़तियों पर धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े के आरोप लगाकर दर्ज कराई गई एफआईआर के खिलाफ आढ़ती यूनियन आ गई है। मामले को लेकर आढ़ती एसोसिएशन के पदाधिकारी विधायक से भी मिले और कहा कि जब गेहूं मंडी से बाहर पकड़ा गया तो इसका जिम्मेदार आढ़ती कैसे हो सकता है।
यूनियन ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की घोषणा की है। मामले की पूरी परिस्थिति रखकर न्याय की मांग की जाएगी। बता दें कि मंडी कमेटी के सचिव ने सात मई को इंद्री व ब्याना मंडी की पांच फर्मों जिनमें इंद्री की जसमेर सिंह-जरनैल सिंह, सरधा राम-जय भगवान, राम सरूप-रतन लाल और ब्याना की अमर सिंह-राय सिंह और मोनांक एंटरप्राइजेज के खिलाफ थाना इंद्री में धोखाधड़ी, फर्जी बिलिंग और मंडी के राजस्व में हेराफेरी के आरोपों की एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोपों के अनुसार आढ़तियों ने उत्तर प्रदेश से गेहूं लाकर क्षेत्र के किसानों के पोर्टल पर चढ़ाकर सरकार को मिलने वाले राजस्व मे हेराफेरी करने का प्रयास किया है। हालांकि, आढ़ती यूनियन का दावा है कि ये आरोप मिथ्या हैं।
यूनियन के अध्यक्ष सुमेर कांबोज ने बताया कि यह एफआईआर बिना ठोस सबूत के दर्ज की गई है। इसे लेकर वे शुक्रवार को इंद्री विधायक रामकुमार कश्यप से मिले थे, उन्होंने जांच करवाने का आश्वासन दिया है। अगर जरूरत पड़ी तो वे आढ़तियों के हितों की रक्षा के लिए मुख्यमंत्री से भी मिलेंगे और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करेंगे। मंडी का कारोबार ठप होने की कगार पर है जिसका असर स्थानीय किसानों पर पड़ेगा।
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- इंद्री मंडी, जो करनाल जिले की प्रमुख अनाज मंडी है, यहां गेहूं, चावल और सरसों जैसे फसलों का करोड़ों का कारोबार होता है। इस घटना से आढ़तियों में आक्रोश व्याप्त है। पुलिस ने अभी तक किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है, लेकिन जांच जारी है।
बोले आढ़ती :
- सचिव ने गेहूं से भरी ट्रालियों को मंडी के बाहर सड़क पर पकड़ा था। गेहूं मंडी में पहुंची ही नहीं। गेहूं दुकान पर पकड़ा जाता तो घोटाला होता- जयप्रकाश बंसल, आढ़़ती।
- गेहूं भी पकड़ी, जुर्माना भी लगाया, जे फार्म भरकर फीस भी काटी, उसके बाद मामला भी दर्ज कराया। यह अन्याय है- बालकृष्ण लांबा, आढ़़ती।
- आढ़तियों के खिलाफ मंडी सचिव की ओर से दर्ज करवाए गए मामले को लेकर आढ़ती यूनियन के सदस्य मेरे पास आए थे। इस मामले में निष्पक्ष जांच करवाने का आश्वासन दिया है- रामकुमार कश्यप, विधायक, इंद्री।
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इंद्री। इंद्री मंडी कमेटी के सचिव की ओर से इंद्री और ब्याना मंडी के पांच प्रमुख आढ़तियों पर धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े के आरोप लगाकर दर्ज कराई गई एफआईआर के खिलाफ आढ़ती यूनियन आ गई है। मामले को लेकर आढ़ती एसोसिएशन के पदाधिकारी विधायक से भी मिले और कहा कि जब गेहूं मंडी से बाहर पकड़ा गया तो इसका जिम्मेदार आढ़ती कैसे हो सकता है।
यूनियन ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की घोषणा की है। मामले की पूरी परिस्थिति रखकर न्याय की मांग की जाएगी। बता दें कि मंडी कमेटी के सचिव ने सात मई को इंद्री व ब्याना मंडी की पांच फर्मों जिनमें इंद्री की जसमेर सिंह-जरनैल सिंह, सरधा राम-जय भगवान, राम सरूप-रतन लाल और ब्याना की अमर सिंह-राय सिंह और मोनांक एंटरप्राइजेज के खिलाफ थाना इंद्री में धोखाधड़ी, फर्जी बिलिंग और मंडी के राजस्व में हेराफेरी के आरोपों की एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोपों के अनुसार आढ़तियों ने उत्तर प्रदेश से गेहूं लाकर क्षेत्र के किसानों के पोर्टल पर चढ़ाकर सरकार को मिलने वाले राजस्व मे हेराफेरी करने का प्रयास किया है। हालांकि, आढ़ती यूनियन का दावा है कि ये आरोप मिथ्या हैं।
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यूनियन के अध्यक्ष सुमेर कांबोज ने बताया कि यह एफआईआर बिना ठोस सबूत के दर्ज की गई है। इसे लेकर वे शुक्रवार को इंद्री विधायक रामकुमार कश्यप से मिले थे, उन्होंने जांच करवाने का आश्वासन दिया है। अगर जरूरत पड़ी तो वे आढ़तियों के हितों की रक्षा के लिए मुख्यमंत्री से भी मिलेंगे और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करेंगे। मंडी का कारोबार ठप होने की कगार पर है जिसका असर स्थानीय किसानों पर पड़ेगा।
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- इंद्री मंडी, जो करनाल जिले की प्रमुख अनाज मंडी है, यहां गेहूं, चावल और सरसों जैसे फसलों का करोड़ों का कारोबार होता है। इस घटना से आढ़तियों में आक्रोश व्याप्त है। पुलिस ने अभी तक किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है, लेकिन जांच जारी है।
बोले आढ़ती :
- सचिव ने गेहूं से भरी ट्रालियों को मंडी के बाहर सड़क पर पकड़ा था। गेहूं मंडी में पहुंची ही नहीं। गेहूं दुकान पर पकड़ा जाता तो घोटाला होता- जयप्रकाश बंसल, आढ़़ती।
- गेहूं भी पकड़ी, जुर्माना भी लगाया, जे फार्म भरकर फीस भी काटी, उसके बाद मामला भी दर्ज कराया। यह अन्याय है- बालकृष्ण लांबा, आढ़़ती।
- आढ़तियों के खिलाफ मंडी सचिव की ओर से दर्ज करवाए गए मामले को लेकर आढ़ती यूनियन के सदस्य मेरे पास आए थे। इस मामले में निष्पक्ष जांच करवाने का आश्वासन दिया है- रामकुमार कश्यप, विधायक, इंद्री।