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Karnal News: रुक्मणी विवाह प्रसंग के वर्णन से श्रद्धालु भक्ति के रस में सराबोर
Sat, 02 May 2026 02:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sat, 02 May 2026 02:06 AM IST
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कुंजपुरा गांव में आयोजित भागवत कथा में रुक्मणी विवाह का श्रवण करते श्रद्धालु। संवाद
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कुंजपुरा। गांव की कर्मचंद बत्रा धर्मशाला के सनातन धर्म मंदिर में शुक्रवार को आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में रुक्मणी विवाह प्रसंग का वर्णन किया गया। कथा व्यास कुमार स्वामी चित्रकूट वाले, पंडित अरविंद शर्मा व स्वामी अयोध्या दास ने श्रीकृष्ण जन्म और गोवर्धन लीला सहित विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर किया।
कथा के दौरान बताया गया कि विदर्भ की राजकुमारी रुक्मणी ने भगवान श्रीकृष्ण को बिना देखे ही अपने पति के रूप में स्वीकार कर लिया था। हालांकि उनके भाई रुक्मी ने उनका विवाह शिशुपाल से तय कर दिया था, लेकिन रुक्मणी के आग्रह पर श्रीकृष्ण ने उनका हरण कर द्वारका में विधिवत विवाह किया। यह प्रसंग भक्ति, प्रेम और विश्वास की अनूठी मिसाल के रूप में प्रस्तुत किया गया। कथा व्यास ने बताया कि पौराणिक मान्यता के अनुसार रुक्मणी विवाह गुजरात के माधवपुर घेड़ में संपन्न हुआ था, जहां आज भी इस प्रसंग को उत्सव के रूप में मनाया जाता है।
मंदिर में शनिवार को भी कथा जारी रहेगी, जबकि तीन मई को समापन अवसर पर भंडारा किया जाएगा। कथा में यजमान अशोक गुप्ता, वीके सिंगला, विशेष अतिथि प्रेमपाल सागर, प्रधान पवन विरमानी, सतपाल वधवा, शेखर विरमानी, वेदप्रकाश वधवा, संजय बत्रा और राजपाल रोजड़ा माैजूद रहे।
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कथा के दौरान बताया गया कि विदर्भ की राजकुमारी रुक्मणी ने भगवान श्रीकृष्ण को बिना देखे ही अपने पति के रूप में स्वीकार कर लिया था। हालांकि उनके भाई रुक्मी ने उनका विवाह शिशुपाल से तय कर दिया था, लेकिन रुक्मणी के आग्रह पर श्रीकृष्ण ने उनका हरण कर द्वारका में विधिवत विवाह किया। यह प्रसंग भक्ति, प्रेम और विश्वास की अनूठी मिसाल के रूप में प्रस्तुत किया गया। कथा व्यास ने बताया कि पौराणिक मान्यता के अनुसार रुक्मणी विवाह गुजरात के माधवपुर घेड़ में संपन्न हुआ था, जहां आज भी इस प्रसंग को उत्सव के रूप में मनाया जाता है।
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मंदिर में शनिवार को भी कथा जारी रहेगी, जबकि तीन मई को समापन अवसर पर भंडारा किया जाएगा। कथा में यजमान अशोक गुप्ता, वीके सिंगला, विशेष अतिथि प्रेमपाल सागर, प्रधान पवन विरमानी, सतपाल वधवा, शेखर विरमानी, वेदप्रकाश वधवा, संजय बत्रा और राजपाल रोजड़ा माैजूद रहे।
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