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Karnal News: बातचीत से बन गई बात... तलाक की जिद अड़े थे, फिर आए साथ
Mon, 27 Apr 2026 01:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Mon, 27 Apr 2026 01:57 AM IST
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करीब एक साल तक एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए अलग रहने वाले दंपती काउंसिलिंग के बाद एक हो गए। छोटी सी बात पर विवाद हुआ था। बातचीत बंद हुई तो दूरियां बढ़ती गईं। तलाक की जिद पर अड़े हुए थे। महिला थाने के महिला संरक्षण कार्यालय में तीन चरणों की काउंसिलिंग के दौरान दोनों के बीच फिर बातचीत शुरू हुई। गिले-शिकवे दूर हो गए।
महिला थाना संरक्षण कार्यालय में बीते एक साल में तलाक के कुल 190 मामले सामने आए। इनमें से 58 मामलों को काउंसिलिंग के जरिए सुलझाया गया। महिला संरक्षण अधिकारी सविता राणा ने बताया कि हर माह ऐसे मामले सामने आते हैं, जिनमें पति-पत्नी के बीच छोटे-छोटे कारणों से रिश्ते टूटने की कगार पर पहुंच जाते हैं। अब रिश्तों में सहनशीलता कम होती जा रही है। पहले जहां परिवार और समाज के स्तर पर समझौते और बातचीत से विवाद सुलझ जाते थे, वहीं अब लोग जल्दी निर्णय ले लेते हैं। अहंकार, मोबाइल का अत्यधिक उपयोग और लिव-इन रिलेशनशिप जैसी प्रवृत्तियां वैवाहिक जीवन को सबसे अधिक प्रभावित कर रही हैं। पति-पत्नी के बीच संवाद की कमी और एक-दूसरे को समझने की इच्छा में कमी भी रिश्तों के टूटने का बड़ा कारण बन रही है।
25 वर्षीय युवती ने महिला संरक्षण कार्यालय में तलाक के लिए शिकायत दर्ज करवाई। इसमें उसने बताया कि शादी कम उम्र में कर दी गई थी। पति कुछ समय तो ठीक रहा लेकिन एक साल बाद ही किसी अन्य महिला के साथ लिव इन में रहने लगा। कई बार समझाया लेकिन सुधार नहीं देखने को मिला। सविता राणा ने बताया कि पति-पत्नी की काउंसलिंग की गई। काउंसिलिंग में महिला ने साथ रहने की इच्छा जताई। काउंसिलिंग के दौरान दोनों के बीच बातचीत भी कराई गई। बातचीत से बात बन गई। दोनों ने एक साथ रहने का फैसला किया।
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37 वर्षीय महिला ने बताया कि वह कामकाजी महिला हैं। अकसर परिवार में पति के साथ काम को लेकर कलह होती है। दोनों के बीच आत्मनिर्भर होने के कारण अहंकार रिश्ते के बीच में आने लगा था। काउंसिलिंग कर सामने आया कि महिला काम करना चाहती हैं पति को भी इससे इंकार नहीं है लेकिन छोटी-छोटी बहस से बात बिगड़ रही है। सविता राणा ने बताया कि काउंसिलिंग में झगड़े की शुरुआत कैसे होती है इस पर बात की गई। पता चला कि छोटी से बात पर बहस शुरू हुई और विवाद बढ़ता गया। दो चरणों की काउंसिलिंग के बाद दोनों ने कमियों को समझा और फिर से एक-दूसरे के साथ खुशी से रहने का फैसला किया।
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करीब एक साल तक एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए अलग रहने वाले दंपती काउंसिलिंग के बाद एक हो गए। छोटी सी बात पर विवाद हुआ था। बातचीत बंद हुई तो दूरियां बढ़ती गईं। तलाक की जिद पर अड़े हुए थे। महिला थाने के महिला संरक्षण कार्यालय में तीन चरणों की काउंसिलिंग के दौरान दोनों के बीच फिर बातचीत शुरू हुई। गिले-शिकवे दूर हो गए।
महिला थाना संरक्षण कार्यालय में बीते एक साल में तलाक के कुल 190 मामले सामने आए। इनमें से 58 मामलों को काउंसिलिंग के जरिए सुलझाया गया। महिला संरक्षण अधिकारी सविता राणा ने बताया कि हर माह ऐसे मामले सामने आते हैं, जिनमें पति-पत्नी के बीच छोटे-छोटे कारणों से रिश्ते टूटने की कगार पर पहुंच जाते हैं। अब रिश्तों में सहनशीलता कम होती जा रही है। पहले जहां परिवार और समाज के स्तर पर समझौते और बातचीत से विवाद सुलझ जाते थे, वहीं अब लोग जल्दी निर्णय ले लेते हैं। अहंकार, मोबाइल का अत्यधिक उपयोग और लिव-इन रिलेशनशिप जैसी प्रवृत्तियां वैवाहिक जीवन को सबसे अधिक प्रभावित कर रही हैं। पति-पत्नी के बीच संवाद की कमी और एक-दूसरे को समझने की इच्छा में कमी भी रिश्तों के टूटने का बड़ा कारण बन रही है।
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25 वर्षीय युवती ने महिला संरक्षण कार्यालय में तलाक के लिए शिकायत दर्ज करवाई। इसमें उसने बताया कि शादी कम उम्र में कर दी गई थी। पति कुछ समय तो ठीक रहा लेकिन एक साल बाद ही किसी अन्य महिला के साथ लिव इन में रहने लगा। कई बार समझाया लेकिन सुधार नहीं देखने को मिला। सविता राणा ने बताया कि पति-पत्नी की काउंसलिंग की गई। काउंसिलिंग में महिला ने साथ रहने की इच्छा जताई। काउंसिलिंग के दौरान दोनों के बीच बातचीत भी कराई गई। बातचीत से बात बन गई। दोनों ने एक साथ रहने का फैसला किया।
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37 वर्षीय महिला ने बताया कि वह कामकाजी महिला हैं। अकसर परिवार में पति के साथ काम को लेकर कलह होती है। दोनों के बीच आत्मनिर्भर होने के कारण अहंकार रिश्ते के बीच में आने लगा था। काउंसिलिंग कर सामने आया कि महिला काम करना चाहती हैं पति को भी इससे इंकार नहीं है लेकिन छोटी-छोटी बहस से बात बिगड़ रही है। सविता राणा ने बताया कि काउंसिलिंग में झगड़े की शुरुआत कैसे होती है इस पर बात की गई। पता चला कि छोटी से बात पर बहस शुरू हुई और विवाद बढ़ता गया। दो चरणों की काउंसिलिंग के बाद दोनों ने कमियों को समझा और फिर से एक-दूसरे के साथ खुशी से रहने का फैसला किया।