{"_id":"69825f8fa899586fe706e46a","slug":"the-online-company-will-have-to-take-back-the-goods-and-pay-rs-karnal-news-c-18-knl1018-838173-2026-02-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: ऑनलाइन कंपनी को सामान वापस लेकर देने होंगे रुपये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: ऑनलाइन कंपनी को सामान वापस लेकर देने होंगे रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Wed, 04 Feb 2026 02:20 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म एजीओ से सामान मंगवाकर उसे वापस करने के विवाद में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। आयोग ने कंपनी को आदेश दिया कि वह शिकायतकर्ता महिला रीचा से सामान वापस ले और उनके 4,980 रुपये लौटाए। उपभोक्ता के 9 प्रतिशत सामान वापस करने के बारे में कंपनी के तर्क को अदालत ने खारिज कर दिया।
सेक्टर-14 निवासी रीचा गुप्ता ने एजीओ एप से जून, 2023 में अलग-अलग तारीखों पर करीब 11 हजार से ज्यादा का सामान मंगवाया था। रीचा का आरोप है कि डिलीवर किए गए बैग और कपड़े घटिया क्वालिटी के थे। साइज भी सही नहीं थे। जब उन्होंने कंपनी की रिटर्न पॉलिसी के तहत सामान वापस करना चाहा तो मना कर दिया गया। महिला ने खुद के खर्च पर कूरियर भी भेजा लेकिन कंपनी ने स्वीकार नहीं किया।
आयोग के समक्ष अदालत में एजीओ (रिलायंस रिटेल लिमिटेड) ने चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए। कंपनी ने बताया कि ग्राहक के दो अलग-अलग अकाउंट्स का इतिहास संदिग्ध है। अकाउंट एक से 40 हजार 293 रुपये के ऑर्डर दिए गए, जिसमें से बड़ी संख्या में रिटर्न या कैंसिल हुए। महिला के दूसरे अकाउंट से एक लाख 58 हजार 674 रुपये के कुल ऑर्डर में से लगभग 90 प्रतिशत ऑर्डर या तो कैंसिल कर दिए गए या वापस भेज दिए गए। कंपनी का तर्क था कि ग्राहक की इस आदत के कारण डिलीवरी पार्टनर ने उनके पते को ब्लैकलिस्ट कर दिया था और वहां सर्विस देना बंद कर दिया था। कंपनी ने यह भी आरोप लगाया कि ग्राहक ने कई बार एजीओ के असली प्रोडक्ट की जगह कोई दूसरा ही सामान वापस भेजने की कोशिश की।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आयोग के अध्यक्ष जसवंत सिंह और सदस्यों ने फैसला सुनाया कि कंपनी को 4,980 की राशि रीचा गुप्ता को वापस करनी होगी। यह रिफंड तभी देय होगा जब ग्राहक वह सामान कंपनी को सौंप देगी। इन आदेशों का पालन 45 दिनों के भीतर करना होगा। 45 दिन में भुगतान नहीं हुआ तो कंपनी को नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना पड़ेगा।
Trending Videos
करनाल। ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म एजीओ से सामान मंगवाकर उसे वापस करने के विवाद में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। आयोग ने कंपनी को आदेश दिया कि वह शिकायतकर्ता महिला रीचा से सामान वापस ले और उनके 4,980 रुपये लौटाए। उपभोक्ता के 9 प्रतिशत सामान वापस करने के बारे में कंपनी के तर्क को अदालत ने खारिज कर दिया।
सेक्टर-14 निवासी रीचा गुप्ता ने एजीओ एप से जून, 2023 में अलग-अलग तारीखों पर करीब 11 हजार से ज्यादा का सामान मंगवाया था। रीचा का आरोप है कि डिलीवर किए गए बैग और कपड़े घटिया क्वालिटी के थे। साइज भी सही नहीं थे। जब उन्होंने कंपनी की रिटर्न पॉलिसी के तहत सामान वापस करना चाहा तो मना कर दिया गया। महिला ने खुद के खर्च पर कूरियर भी भेजा लेकिन कंपनी ने स्वीकार नहीं किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
आयोग के समक्ष अदालत में एजीओ (रिलायंस रिटेल लिमिटेड) ने चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए। कंपनी ने बताया कि ग्राहक के दो अलग-अलग अकाउंट्स का इतिहास संदिग्ध है। अकाउंट एक से 40 हजार 293 रुपये के ऑर्डर दिए गए, जिसमें से बड़ी संख्या में रिटर्न या कैंसिल हुए। महिला के दूसरे अकाउंट से एक लाख 58 हजार 674 रुपये के कुल ऑर्डर में से लगभग 90 प्रतिशत ऑर्डर या तो कैंसिल कर दिए गए या वापस भेज दिए गए। कंपनी का तर्क था कि ग्राहक की इस आदत के कारण डिलीवरी पार्टनर ने उनके पते को ब्लैकलिस्ट कर दिया था और वहां सर्विस देना बंद कर दिया था। कंपनी ने यह भी आरोप लगाया कि ग्राहक ने कई बार एजीओ के असली प्रोडक्ट की जगह कोई दूसरा ही सामान वापस भेजने की कोशिश की।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आयोग के अध्यक्ष जसवंत सिंह और सदस्यों ने फैसला सुनाया कि कंपनी को 4,980 की राशि रीचा गुप्ता को वापस करनी होगी। यह रिफंड तभी देय होगा जब ग्राहक वह सामान कंपनी को सौंप देगी। इन आदेशों का पालन 45 दिनों के भीतर करना होगा। 45 दिन में भुगतान नहीं हुआ तो कंपनी को नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना पड़ेगा।
