{"_id":"6a174f369abd903d9b0e719c","slug":"those-taking-png-connections-will-have-to-surrender-their-lpg-connections-karnal-news-c-18-knl1018-915530-2026-05-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: पीएनजी कनेक्शन लेने वालों को सरेंडर करना होगा एलपीजी कनेक्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: पीएनजी कनेक्शन लेने वालों को सरेंडर करना होगा एलपीजी कनेक्शन
Thu, 28 May 2026 01:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Thu, 28 May 2026 01:38 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
करनाल। अब जिन उपभोक्ताओं के घर पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन लग चुका है उन्हें घरेलू एलपीजी सिलेंडर कनेक्शन रखना महंगा पड़ सकता है। केंद्र सरकार ने इस व्यवस्था पर सख्ती करते हुए नया नियम लागू कर दिया है। इसे लेकर पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से अधिसूचना जारी की गई है। इसके अनुसार पीएनजी कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को 30 दिनों के भीतर अपना एलपीजी कनेक्शन या तो सरेंडर करना होगा या फिर भविष्य में गैर-पीएनजी क्षेत्र में उपयोग के लिए ट्रांसफर वाउचर लेना होगा।
भारत सरकार ने गजट में यह अधिसूचना जारी की है। आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए सरकार ने गैस कनेक्शन में यह बदलाव लागू किया है। नई अधिसूचना के अनुसार अगर किसी व्यक्ति या परिवार के पास पहले से घरेलू एलपीजी कनेक्शन है और बाद में वह पीएनजी कनेक्शन प्राप्त कर लेता है तो वह तुरंत प्रभाव से एलपीजी सिलेंडर की रिफिल नहीं ले सकेगा। साथ ही उसे पीएनजी कनेक्शन मिलने की तारीख से 30 दिन के भीतर एलपीजी कनेक्शन समाप्त कराने के लिए आवेदन करना होगा।
सरकार ने ऐसे उपभोक्ताओं को एक विकल्प भी दिया है। अगर कोई उपभोक्ता भविष्य में ऐसे क्षेत्र में शिफ्ट होता है जहां पीएनजी सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो वह एलपीजी कनेक्शन बंद कराने की बजाय ट्रांसफर वाउचर ले सकता है। इस वाउचर के आधार पर वह बाद में गैर-पीएनजी क्षेत्र में एलपीजी कनेक्शन दोबारा प्राप्त कर सकेगा। देश के कई बड़े शहरों में तेजी से पीएनजी नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है। ऐसे में लाखों उपभोक्ताओं के पास एक साथ एलपीजी और पीएनजी दोनों सुविधाएं मौजूद थीं। सरकार लंबे समय से इस दोहरे उपयोग को नियंत्रित करने पर विचार कर रही थी। शहर में भी फिलहाल पीएनजी के करीब 18 हजार कनेक्शन हैं जबकि एलपीजी के तीन लाख से ज्यादा कनेक्शन हैं।
विज्ञापन
पीएनजी कनेक्शन लेने वालों को 30 दिन में अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा। इसे लेकर सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है। अगर उपभोक्ता सरेंडर करता है तो उसे बाद में जहां पीएनजी लाइन नहीं है वहां एलपीजी कनेक्शन मिल सकता है। -मुकेश कुमार, डीएफएससी, करनाल।
विज्ञापन
भारत सरकार ने गजट में यह अधिसूचना जारी की है। आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए सरकार ने गैस कनेक्शन में यह बदलाव लागू किया है। नई अधिसूचना के अनुसार अगर किसी व्यक्ति या परिवार के पास पहले से घरेलू एलपीजी कनेक्शन है और बाद में वह पीएनजी कनेक्शन प्राप्त कर लेता है तो वह तुरंत प्रभाव से एलपीजी सिलेंडर की रिफिल नहीं ले सकेगा। साथ ही उसे पीएनजी कनेक्शन मिलने की तारीख से 30 दिन के भीतर एलपीजी कनेक्शन समाप्त कराने के लिए आवेदन करना होगा।
विज्ञापन
सरकार ने ऐसे उपभोक्ताओं को एक विकल्प भी दिया है। अगर कोई उपभोक्ता भविष्य में ऐसे क्षेत्र में शिफ्ट होता है जहां पीएनजी सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो वह एलपीजी कनेक्शन बंद कराने की बजाय ट्रांसफर वाउचर ले सकता है। इस वाउचर के आधार पर वह बाद में गैर-पीएनजी क्षेत्र में एलपीजी कनेक्शन दोबारा प्राप्त कर सकेगा। देश के कई बड़े शहरों में तेजी से पीएनजी नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है। ऐसे में लाखों उपभोक्ताओं के पास एक साथ एलपीजी और पीएनजी दोनों सुविधाएं मौजूद थीं। सरकार लंबे समय से इस दोहरे उपयोग को नियंत्रित करने पर विचार कर रही थी। शहर में भी फिलहाल पीएनजी के करीब 18 हजार कनेक्शन हैं जबकि एलपीजी के तीन लाख से ज्यादा कनेक्शन हैं।
विज्ञापन
पीएनजी कनेक्शन लेने वालों को 30 दिन में अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा। इसे लेकर सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है। अगर उपभोक्ता सरेंडर करता है तो उसे बाद में जहां पीएनजी लाइन नहीं है वहां एलपीजी कनेक्शन मिल सकता है। -मुकेश कुमार, डीएफएससी, करनाल।