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Karnal News: जुए में रुपये हारा तो रची लूट की कहानी
Tue, 02 Jun 2026 01:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Tue, 02 Jun 2026 01:44 AM IST
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जुंडला में लूट की सूचना पर पहुंची पुलिस की टीम।
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करनाल। जुंडला से बांसा रोड पर रविवार रात को हुई 2.90 लाख रुपये की सनसनीखेज लूट की वारदात पूरी तरह फर्जी निकली। कूरियर सर्विस का काम करने।वाले रामनगर निवासी पवन कुमार ने जुआ में रुपये हार जाने के खुद को कर्ज और साले के लेन-देन से बचाने के लिए पिटाई करके रुपये लूटने की मनगढ़ंत कहानी रची थी। पुलिस की सख्ती के आगे आरोपी का झूठ टिक नहीं सका और उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
सदर थाना पुलिस ने अब आरोपी के खिलाफ ही झूठी सूचना देकर पुलिस को गुमराह करने संबंधी धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। हालांकि सूचना पर तुरंत निसिंग और सदर थाना की पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। जुंडला चाैकी प्रभारी गाैरव ने बताया कि रविवार रात को डायल 112 पर रामनगर निवासी पवन कुमार ने पुलिस को सूचना दी थी कि जुंडला-बांसा रोड पर बदमाशों ने उसे लूट लिया है। वारदात की सूचना मिलते ही निसिंग थाना और सदर थाना की पुलिस टीम माैके पर पहुंची थी। आरोपी का पैर बाइक के साथ बंधा हुआ था।
उसने पुलिस को बताया कि उसने जुंडला में अपना एक प्लाॅट बेचा था। उसके 2.90 लाख रुपये लेकर वह अपने साला को रुपये देने के लिए बांसा गांव की तरफ जा रहा था। बांसा वाले रास्ते पर दो बाइकों पर आए चार बदमाशों ने उसकी बाइक को टक्कर मारकर गिरा दिया, उसके हाथ-पैर बांध दिए। उसकी पिटाई की गई। आरोपी उससे 2.90 लाख रुपये लूटकर भाग गए। मौके पर पहुंचे पवन के रिश्तेदारों ऋषिदेव और राकेश ने भी लूट होने की बात पुलिस को बताई थी। इसके बाद पुलिस आरोपी को अपने साथ ले गई।
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बयानों के विरोधाभास ने खोला राज, आरोपी ने कबूला सच
सदर थाना प्रभारी तरसेम चंद ने बताया कि वारदात की जांच के दौरान जब पवन से सख्ती से पूछताछ की गई, तो वह घबरा गया। उसके बयानों में लगातार विरोधाभास मिल रहा था। वह कभी बदमाशों की संख्या 3 तो कभी 4 बता रहा था। जब पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और घटनास्थल के आस-पास की कड़ियों को जोड़ा, तो पूरी कहानी संदिग्ध नजर आई। पुलिस की सख्ती के आगे पवन ने माना कि लूट की कोई वारदात नहीं हुई थी और ना ही उसके पास रुपये थे। दरअसल, पवन इन रुपये को जुए में हार चुका था और प्लॉट बिक्री से मिले पैसों में से उसे अपने साले का लेन-देन चुकाना था। साले को पैसे न देने पड़े और जुए में हारे रुपये का बहाना मिल जाए, इसलिए उसने खुद ही अपने हाथ-पैर बांधकर लूट की कहानी रची थी।
झूठी सूचना देकर पुलिस को गुमराह करना एक गंभीर अपराध है। आरोपी के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह से कानून और पुलिस प्रशासन का मजाक बनाने की हिम्मत न करे। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। -तरसेम चंद, थाना प्रभारी, सदर थाना
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सदर थाना पुलिस ने अब आरोपी के खिलाफ ही झूठी सूचना देकर पुलिस को गुमराह करने संबंधी धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। हालांकि सूचना पर तुरंत निसिंग और सदर थाना की पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। जुंडला चाैकी प्रभारी गाैरव ने बताया कि रविवार रात को डायल 112 पर रामनगर निवासी पवन कुमार ने पुलिस को सूचना दी थी कि जुंडला-बांसा रोड पर बदमाशों ने उसे लूट लिया है। वारदात की सूचना मिलते ही निसिंग थाना और सदर थाना की पुलिस टीम माैके पर पहुंची थी। आरोपी का पैर बाइक के साथ बंधा हुआ था।
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उसने पुलिस को बताया कि उसने जुंडला में अपना एक प्लाॅट बेचा था। उसके 2.90 लाख रुपये लेकर वह अपने साला को रुपये देने के लिए बांसा गांव की तरफ जा रहा था। बांसा वाले रास्ते पर दो बाइकों पर आए चार बदमाशों ने उसकी बाइक को टक्कर मारकर गिरा दिया, उसके हाथ-पैर बांध दिए। उसकी पिटाई की गई। आरोपी उससे 2.90 लाख रुपये लूटकर भाग गए। मौके पर पहुंचे पवन के रिश्तेदारों ऋषिदेव और राकेश ने भी लूट होने की बात पुलिस को बताई थी। इसके बाद पुलिस आरोपी को अपने साथ ले गई।
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बयानों के विरोधाभास ने खोला राज, आरोपी ने कबूला सच
सदर थाना प्रभारी तरसेम चंद ने बताया कि वारदात की जांच के दौरान जब पवन से सख्ती से पूछताछ की गई, तो वह घबरा गया। उसके बयानों में लगातार विरोधाभास मिल रहा था। वह कभी बदमाशों की संख्या 3 तो कभी 4 बता रहा था। जब पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और घटनास्थल के आस-पास की कड़ियों को जोड़ा, तो पूरी कहानी संदिग्ध नजर आई। पुलिस की सख्ती के आगे पवन ने माना कि लूट की कोई वारदात नहीं हुई थी और ना ही उसके पास रुपये थे। दरअसल, पवन इन रुपये को जुए में हार चुका था और प्लॉट बिक्री से मिले पैसों में से उसे अपने साले का लेन-देन चुकाना था। साले को पैसे न देने पड़े और जुए में हारे रुपये का बहाना मिल जाए, इसलिए उसने खुद ही अपने हाथ-पैर बांधकर लूट की कहानी रची थी।
झूठी सूचना देकर पुलिस को गुमराह करना एक गंभीर अपराध है। आरोपी के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह से कानून और पुलिस प्रशासन का मजाक बनाने की हिम्मत न करे। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। -तरसेम चंद, थाना प्रभारी, सदर थाना