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Karnal News: 985 मुकदमों में अदालत नहीं पहुंच रहे गवाह, मिल रही तारीख पर तारीख

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 17 Jul 2026 02:58 AM IST
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Witnesses in 985 cases are not reaching court, and dates are being given.
- जिले की अदालतों में 87384 मुकदमे लंबित, इनमें 61809 आपराधिक और 25575 सिविल
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जगदीप
करनाल। जिले की अदालतों में लंबित मुकदमों का बोझ लगातार बढ़ रहा है। न्याय मिलने में देरी की सबसे बड़ी वजहों में गवाहों का अदालत में पेश नहीं होना सामने आया है। अदालतों के रिकॉर्ड के अनुसार, 985 मुकदमों में गवाहों की अनुपस्थिति के कारण सुनवाई आगे नहीं बढ़ पा रही है। ऐसे मामलों में बार-बार अगली तारीख तय करनी पड़ रही है जिससे पीड़ित, वादी और आरोपी सभी को लंबे इंतजार का सामना करना पड़ रहा है।
अदालती रिकॉर्ड के अनुसार जिले की विभिन्न अदालतों में 87,384 मामले लंबित हैं। इनमें 61,809 आपराधिक और 25,575 सिविल मुकदमे शामिल हैं। लंबित मामलों की संख्या न्यायिक व्यवस्था पर बढ़ते दबाव को भी दर्शाती है। सिर्फ गवाहों की गैरहाजिरी ही नहीं बल्कि अन्य कारण भी मामलों के निस्तारण में बाधा बन रहे हैं। 444 मुकदमों में अधिवक्ता उपलब्ध नहीं हैं जबकि 295 मामलों में पुलिस अब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। इसके चलते इन मामलों में लगातार इंतजार किया जा रहा है।
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इसके अलावा 212 मामलों में आवश्यक दस्तावेजों का इंतजार है और 133 मुकदमे विभिन्न कारणों से स्थगित हैं। अदालती रिकॉर्ड के अनुसार 75 मामलों में हाईकोर्ट, पांच मामलों में जिला अदालत और एक मामले में सुप्रीम कोर्ट की ओर से स्थगन (स्टे) आदेश प्रभावी हैं। वहीं 54 मामलों में अन्य गवाहों की जरूरत है जबकि 23 मामलों में संबंधित पक्ष ही सुनवाई में रुचि नहीं ले रहे हैं। चिंता की बात यह भी है कि 151 मुकदमे ऐसे हैं जो 10 वर्षों से अधिक समय से लंबित हैं।
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पुराने मामलों का बोझ भी बड़ी चुनौती
लंबित मामलों का विश्लेषण बताता है कि जिले की अदालतों में वर्षों पुराने मुकदमे अभी भी फैसले की प्रतीक्षा कर रहे हैं। अदालतों में 151 मुकदमे दस साल से लंबित हैं, वहीं पांच से दस साल के अंतराल से लंबित मुकदमे 6206 हैं। इनमें 3798 मामले आपराधिक और 2408 सिविल मामले हैं। वहीं तीन से पांच साल के लंबित मुकदमे भी 15117 हैं। इनमें 11025 मुकदमे आपराधिक और 4092 सिविल मामले शामिल हैं। वहीं एक से तीन साल के मध्य के लंबित मुकदमे 26819 हैं। इनमें 19112 आपराधिक और 7707 सिविल मामले शामिल हैं। वहीं एक साल से कम अवधि से 39091 मामले लंबित हैं। इनमें 27804 आपराधिक और 11287 सिविल मामले लंबित हैं।

मुकदमों में अटक रही सुनवाई-
कारण कुल केस आपराधिक सिविल
गवाह नहीं हैं : 985 : 779 : 206
वकील नहीं : 444 : :
आरोपी पकड़ से बाहर : 295 : 295 :
कागजात का इंतजार : 212 : :
कारणों को लेकर स्थगित : 133 :
हाइकोर्ट से स्टे : 75 : 27 :
ओर गवाहों की जरूरत : 54 : 53 :
कोई पक्ष रूचि नहीं ले रहा : 23 : :
जिला अदालत से स्टे : 5 : 03 :
सुप्रीम कोर्ट से स्टे : 1 : 01 :

केस-1 : असंध क्षेत्र के एक गांव निवासी हनुमंत ने बताया कि कि असंध पुलिस ने उन्हें 2022 में जुआ खेलते हुए एक मुकदमे में पकड़ा था। तभी से अदालत में केस चल रहा है। अभी तक मामले में पुलिस की ओर से गवाही नहीं करवाई गई है। गवाही के कारण उनका मुकदमा अटका हुआ है।


केस-2 गंगाटेहड़ी गांव निवासी विमला देवी ने बताया कि उनका गांव में जमीन को लेकर विवाद चला हुआ है। असंध थाना में प्राथमिकी भी दर्ज की गई थी। जांच के बाद पुलिस ने प्राथमिकी रद्द कर दी थी। इसके बाद फरवरी 2023 में उन्होंने अदालत में मुकदमा दायर किया था। अभी भी मुकदमे में अगस्त माह की तारीख लगी है। दूसरे पक्ष के लोग नहीं पहुंच रहे हैं। इस कारण से मुकद्मा लंबित है।
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