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Kurukshetra News: पांच माह में 9409 एमआरआई और सीटी स्कैन, 8226 मरीजों ने मुफ्त में कराई जांच
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कुरुक्षेत्र। एलएनजेपी में एमआरआई मशीन में जांच होती हुई। संवाद
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कुरुक्षेत्र। लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल (एलएनजेपी) में शुरू हुई एमआरआई और सीटी स्कैन सुविधा जिले के मरीजों के लिए बड़ी राहत बनकर उभरी है। पिछले पांच माह में अस्पताल में 9409 मरीजों की एमआरआई और सीटी स्कैन जांच की गई है। इनमें 8226 मरीजों ने आयुष्मान भारत, बीपीएल और अन्य सरकारी योजनाओं के तहत मुफ्त जांच सुविधा का लाभ उठाया।
अस्पताल में यह सुविधा सार्वजनिक-निजी सहभागिता (पीपीपी) मॉडल के तहत संचालित की जा रही है। जांच सेवाएं 10 नवंबर 2025 से शुरू हो गई थीं। हालांकि इसका औपचारिक उद्घाटन मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 28 मई को वर्चुअल माध्यम से किया था। तब तक यहां हजारों मरीज जांच करवा चुके थे।
अस्पताल में लगी 1.5 टेसला एमआरआई मशीन और 16 स्लाइस सीटी स्कैन मशीन के जरिए सामान्य जांचों के साथ-साथ कार्डियक एमआरआई, कैंसर, नसों और अन्य जटिल बीमारियों से संबंधित विशेष जांचें भी की जा रही हैं। पहले ऐसी जांचों के लिए मरीजों को बड़े शहरों या निजी केंद्रों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब यह सुविधा जिले में ही उपलब्ध है।
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अस्पताल प्रशासन के अनुसार यहां जांच की दरें निजी केंद्रों की तुलना में करीब 70 प्रतिशत तक कम हैं। इमरजेंसी के नाम पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाता। मरीजों को लंबी प्रतीक्षा सूची का सामना भी नहीं करना पड़ रहा। अधिकांश मामलों में जांच और रिपोर्ट उसी दिन उपलब्ध करा दी जाती है, जिससे इलाज शुरू करने में देरी नहीं होती।
अस्पताल में लगी आधुनिक मशीनों की एक खासियत यह भी है कि इनमें शोर अपेक्षाकृत कम होता है। इससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को जांच के दौरान कम परेशानी होती है। यही कारण है कि जिले के अलावा कैथल, करनाल, यमुनानगर और आसपास के क्षेत्रों से भी मरीज यहां जांच कराने पहुंच रहे हैं।
पांच माह में इतनी हुई जांच
जनवरी में 690 सीटी स्कैन और 980 एमआरआई, फरवरी में 831 सीटी स्कैन और 917 एमआरआई, मार्च में 836 सीटी स्कैन और 1170 एमआरआई, अप्रैल में 830 सीटी स्कैन और 1190 एमआरआई तथा मई में 855 सीटी स्कैन और 1110 एमआरआई जांचें की गईं। पांच माह में कुल 9409 जांचें दर्ज की गईं।
मुफ्त जांच का लगातार बढ़ा लाभ
जनवरी में 1429, फरवरी में 1528, मार्च में 1652, अप्रैल में 1737 और मई में 1880 मरीजों ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत मुफ्त जांच करवाई। पांच माह में कुल 8226 मरीजों को निशुल्क एमआरआई और सीटी स्कैन सुविधा मिली।
गरीब परिवारों के लिए साबित हो रहा मिल का पत्थर : सीएमओ
सीएमओ डॉ. सुखबीर ने कहा कि जो परिवार महंगा इलाज और जांच करवाने में सक्षम नहीं हैं वे इस सुविधा का लाभ ले रहे है। उन परिवारों के लिए यह सुविधा मील का पत्थर साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि हर रोज करीब हजारों मरीज यहां ओपीडी में आते है। उन सबके लिए यह सुविधा बेहद खास है।
अस्पताल में यह सुविधा सार्वजनिक-निजी सहभागिता (पीपीपी) मॉडल के तहत संचालित की जा रही है। जांच सेवाएं 10 नवंबर 2025 से शुरू हो गई थीं। हालांकि इसका औपचारिक उद्घाटन मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 28 मई को वर्चुअल माध्यम से किया था। तब तक यहां हजारों मरीज जांच करवा चुके थे।
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अस्पताल में लगी 1.5 टेसला एमआरआई मशीन और 16 स्लाइस सीटी स्कैन मशीन के जरिए सामान्य जांचों के साथ-साथ कार्डियक एमआरआई, कैंसर, नसों और अन्य जटिल बीमारियों से संबंधित विशेष जांचें भी की जा रही हैं। पहले ऐसी जांचों के लिए मरीजों को बड़े शहरों या निजी केंद्रों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब यह सुविधा जिले में ही उपलब्ध है।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार यहां जांच की दरें निजी केंद्रों की तुलना में करीब 70 प्रतिशत तक कम हैं। इमरजेंसी के नाम पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाता। मरीजों को लंबी प्रतीक्षा सूची का सामना भी नहीं करना पड़ रहा। अधिकांश मामलों में जांच और रिपोर्ट उसी दिन उपलब्ध करा दी जाती है, जिससे इलाज शुरू करने में देरी नहीं होती।
अस्पताल में लगी आधुनिक मशीनों की एक खासियत यह भी है कि इनमें शोर अपेक्षाकृत कम होता है। इससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को जांच के दौरान कम परेशानी होती है। यही कारण है कि जिले के अलावा कैथल, करनाल, यमुनानगर और आसपास के क्षेत्रों से भी मरीज यहां जांच कराने पहुंच रहे हैं।
पांच माह में इतनी हुई जांच
जनवरी में 690 सीटी स्कैन और 980 एमआरआई, फरवरी में 831 सीटी स्कैन और 917 एमआरआई, मार्च में 836 सीटी स्कैन और 1170 एमआरआई, अप्रैल में 830 सीटी स्कैन और 1190 एमआरआई तथा मई में 855 सीटी स्कैन और 1110 एमआरआई जांचें की गईं। पांच माह में कुल 9409 जांचें दर्ज की गईं।
मुफ्त जांच का लगातार बढ़ा लाभ
जनवरी में 1429, फरवरी में 1528, मार्च में 1652, अप्रैल में 1737 और मई में 1880 मरीजों ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत मुफ्त जांच करवाई। पांच माह में कुल 8226 मरीजों को निशुल्क एमआरआई और सीटी स्कैन सुविधा मिली।
गरीब परिवारों के लिए साबित हो रहा मिल का पत्थर : सीएमओ
सीएमओ डॉ. सुखबीर ने कहा कि जो परिवार महंगा इलाज और जांच करवाने में सक्षम नहीं हैं वे इस सुविधा का लाभ ले रहे है। उन परिवारों के लिए यह सुविधा मील का पत्थर साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि हर रोज करीब हजारों मरीज यहां ओपीडी में आते है। उन सबके लिए यह सुविधा बेहद खास है।