{"_id":"69e153bbf61c8a1f5b0e9359","slug":"agriculture-ministers-son-arrives-at-grain-market-with-crop-gets-gate-pass-cut-kurukshetra-news-c-45-1-kur1007-153377-2026-04-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: कृषि मंत्री के बेटे फसल लेकर पहुंचे अनाज मंडी, कटवाया गेट पास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: कृषि मंत्री के बेटे फसल लेकर पहुंचे अनाज मंडी, कटवाया गेट पास
विज्ञापन
पिहोवा। अनाजमंडी में गेहूं की फसल लेकर पहुंचे कृषि एवं पशुपालन मंत्री श्याम सिंह राणा के पुत्र
- फोटो : samvad
विज्ञापन
पिहोवा। राज्य के कृषि व पशुपालन मंत्री श्याम सिंह राणा के पुत्र नेपाल सिंह राणा आम किसानों की तरह अपनी फसल को ट्रैक्टर ट्रॉली में भरकर क्षेत्र की अनाज मंडी में पहुंचे। गेटपास लेने के बाद गेहूं को बेचने के लिए मंडी के अंदर लेकर गए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हित और कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2047 तक आम नागरिक के साथ-साथ देश के किसान भी खुश और खुशहाल बनें और आय में लगातार इजाफा भी हो। इन्हीं नीतियों को आधार मानकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी लगातार किसानों के हित में कार्य कर रहे हैं। सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए ही बायोमीट्रिक और गेटपास प्रणाली को अपनाया है। इस प्रणाली का धीरे-धीरे किसानों को लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देगी, आय को दोगुना करने के लिए योजनाओं को अमलीजामा पहना रही है। इसके साथ ही खेतों के रास्तों को पक्का करना और निरंतर बिजली उपलब्ध करवाकर किसानों को खेती के लिए तमाम मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवा रही है। इतना ही नहीं किसानों को 24 फसलों पर न्यूनतम निर्धारित मूल्य भी दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि वे 50 वर्ष की आयु में 100 एकड़ की खेती करते हैं जिसमें गेहूं, धान, सरसों, मक्की, आलू और विभिन्न प्रकार की फसलों का उत्पादन करते हैं।
Trending Videos
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हित और कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2047 तक आम नागरिक के साथ-साथ देश के किसान भी खुश और खुशहाल बनें और आय में लगातार इजाफा भी हो। इन्हीं नीतियों को आधार मानकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी लगातार किसानों के हित में कार्य कर रहे हैं। सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए ही बायोमीट्रिक और गेटपास प्रणाली को अपनाया है। इस प्रणाली का धीरे-धीरे किसानों को लाभ मिलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देगी, आय को दोगुना करने के लिए योजनाओं को अमलीजामा पहना रही है। इसके साथ ही खेतों के रास्तों को पक्का करना और निरंतर बिजली उपलब्ध करवाकर किसानों को खेती के लिए तमाम मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवा रही है। इतना ही नहीं किसानों को 24 फसलों पर न्यूनतम निर्धारित मूल्य भी दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि वे 50 वर्ष की आयु में 100 एकड़ की खेती करते हैं जिसमें गेहूं, धान, सरसों, मक्की, आलू और विभिन्न प्रकार की फसलों का उत्पादन करते हैं।

पिहोवा। अनाजमंडी में गेहूं की फसल लेकर पहुंचे कृषि एवं पशुपालन मंत्री श्याम सिंह राणा के पुत्र - फोटो : samvad

कमेंट
कमेंट X