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Haryana: 10 दिन चली कांग्रेस की सियासी पाठशाला, लगी 42 क्लासें; 20 से ज्यादा जिलाध्यक्षों ने तोड़ा अनुशासन
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Thu, 22 Jan 2026 09:58 PM IST
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सार
पूरी पाठशाला के दौरान 60 में से 20 जिलाध्यक्षों ने अनुशासन तोड़ा। किसी के मोबाइल की घंटी बजी तो कोई औपचारिकता में दिखा लेकिन इसका दंड भी पुशअप के साथ भुगतना पड़ा।
कांग्रेस की कार्यशाला का आयोजन
- फोटो : संवाद
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विस्तार
धर्मनगरी स्थित पंजाबी धर्मशाला 13 से 22 जनवरी तक सियासी पाठशाला बनी रही, जहां कांग्रेस ने अपने हरियाणा व उत्तराखंड के जिलाध्यक्षों को खास सियासी पाठ पढ़ाया। 42 क्लासें लगाकर राहुल गांधी से लेकर पार्टी के केंद्रीय स्तर के नेताओं व विषय विशेषज्ञों ने प्राथमिक स्कूल के बच्चों की तरह एक-एक कर गूढ़ गुर दिए। कार्यशाला में देश व प्रदेश से जुड़े विभिन्न विषयों के अलावा पार्टी के संगठन को मजबूत करने व अनुशासित होने पर खास फोकस रहा। अनुशासन का आइना भी इस पाठशाला में मौके पर ही दिखाया जाता रहा।
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पूरी पाठशाला के दौरान 60 में से 20 जिलाध्यक्षों ने अनुशासन तोड़ा। किसी के मोबाइल की घंटी बजी तो कोई औपचारिकता में दिखा लेकिन इसका दंड भी पुशअप के साथ भुगतना पड़ा। खास टिप्स देने आए विशेषज्ञों द्वारा एक बार मोबाइल घंटी बजते ही पांच से ज्यादा पुशअप कराए जाने का दंड तय किया गया। हालांकि पहले दो से तीन दिन ही कुछ अनुशानहीता दिखी लेकिन सख्ती व पाठशाला के बने माहौल में बाद में सभी जिलाध्यक्ष ढल गए। अब वैचारिक रूप से ही नहीं बल्कि राजनीतिक व सामाजिक तौर पर भी नए बदलाव के साथ ये जिलाध्यक्ष धरातल पर दिखाई देंगे। इसी संकल्प के साथ वीरवार को कार्यशाला संपन्न होने पर प्रमाण पत्रों के साथ ये अपने-अपने गृह क्षेत्र के लिए रवाना हुए।
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लोगों से कनेक्ट करना ही सबसे बड़ा मुद्दा : राजेंद्र चौधरी
उत्तराखंड रूड़की के जिलाध्यक्ष राजेंद्र चौधरी का कहना था कि वे दूसरी बार प्रधान बने हैं। यह पहला मौका था कि इतनी बारीकी से उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला। खास तौर से इस कार्यशाला में छह विषयों पर ज्यादा फोकस रहा, जिनमें पार्टी संगठन की मजबूती, अनुशासन, पार्टी की विचारधारा, लक्ष्य, आमजन से मिलने व जोड़ने का तरीका, आईटी आदि रहे। केंद्र व प्रदेश स्तर के अनेक मुद्दे हैं, जिनसे आम जनता प्रभावित है, उन पर भी विस्तार से बताया गया कि कैसे राजनीति में आगे और लोग पार्टी से जुड़ते चले जाएं। लोगों से किस तरह कनेक्ट बढ़ाएं, यही सबसे खास संदेश मिला है।
कैसे जनता के बीच उतरें, मिली सीख : कुलदीप
उत्तराखंड के रूद्रप्रयाग के जिलाध्यक्ष कुलदीप भंडारी का कहना था कि जमीन पर उतरने के लिए जो सीख चाहिए थी, वही कार्यशाला में मिली है। संगठन को कैसे मजबूत करना है, लोगों से कैसे मिलना है, कैसे कार्यकर्ताओं को उत्साहित रखें और कैसे लोगों के मुद्दों को उठाया जाए, यह सब स्कूल की तरह सिखाया गया है। कृषि से लेकर सामाजिक, आर्थिक व अन्य विषयों पर गहन चिंतन इस शिविर में किया गया है। वे इस कार्यशाला से बेहद उत्साहित है। उनके साथ-साथ हर जिले में इस कार्यशाला का असर दिखाई देगा।
गांधी के रास्ते का संदेश दे गया प्रशिक्षण शिविर : अमन गर्ग
हरिद्वार जिलाध्यक्ष अमन गर्ग का कहना था कि इस प्रशिक्षण शिविर में पार्टी जिलाध्यक्षों को गांधी के रास्ते का संदेश दे गया है। गांधी का भी यही सपना था कि अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी महत्ता मिले। यही यहां सिखाया गया है। अब और अधिक साकारात्मक उर्जा के साथ अंतिम व्यक्ति तक को पार्टी से जोड़ने का काम करेंगे तो उसे मजबूती भी देंगे। पार्टी का हर कार्यकर्ता अब अंतिम पायदान के व्यक्ति की सेवा में खड़ा दिखाई देगा।
10 दिन में देश-प्रदेश की वास्तविकता का दिखाया गया आइना : संजय किशोर
देहरादून जिलाध्यक्ष संजय किशोर का कहना था कि 10 दिन के दौरान उन्हें देश की वास्तविकता का आइना दिखाया गया है। कृषि से लेकर हर क्षेत्र में लोगों के किए जा रहे शोषण को समझा है। पता चला है कि लोगों को कैसे भाजपा सरकार की कुनीतियों से बचाया जा सकता है। अब नए स्वरूप में हर जिलाध्यक्ष दिखाई देगा और ज्यादा से ज्यादा लोगों को पार्टी से जोड़ा जाएगा। यह तय है कि दस दिन में पार्टी संगठन से लेकर हर क्षेत्र में जो बारीकी सिखाई गई है, उसका भविष्य में पार्टी को बड़ा लाभ होगा। आज से ही अपने-अपने क्षेत्र में जिलाध्यक्ष नए स्वरूप में कार्य करना शुरू कर देंगे। हर जिलाध्यक्ष को इस कार्यशाला से बड़ी मजबूती व उत्साह मिला है।
उत्तराखंड के रूद्रप्रयाग के जिलाध्यक्ष कुलदीप भंडारी का कहना था कि जमीन पर उतरने के लिए जो सीख चाहिए थी, वही कार्यशाला में मिली है। संगठन को कैसे मजबूत करना है, लोगों से कैसे मिलना है, कैसे कार्यकर्ताओं को उत्साहित रखें और कैसे लोगों के मुद्दों को उठाया जाए, यह सब स्कूल की तरह सिखाया गया है। कृषि से लेकर सामाजिक, आर्थिक व अन्य विषयों पर गहन चिंतन इस शिविर में किया गया है। वे इस कार्यशाला से बेहद उत्साहित है। उनके साथ-साथ हर जिले में इस कार्यशाला का असर दिखाई देगा।
गांधी के रास्ते का संदेश दे गया प्रशिक्षण शिविर : अमन गर्ग
हरिद्वार जिलाध्यक्ष अमन गर्ग का कहना था कि इस प्रशिक्षण शिविर में पार्टी जिलाध्यक्षों को गांधी के रास्ते का संदेश दे गया है। गांधी का भी यही सपना था कि अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी महत्ता मिले। यही यहां सिखाया गया है। अब और अधिक साकारात्मक उर्जा के साथ अंतिम व्यक्ति तक को पार्टी से जोड़ने का काम करेंगे तो उसे मजबूती भी देंगे। पार्टी का हर कार्यकर्ता अब अंतिम पायदान के व्यक्ति की सेवा में खड़ा दिखाई देगा।
10 दिन में देश-प्रदेश की वास्तविकता का दिखाया गया आइना : संजय किशोर
देहरादून जिलाध्यक्ष संजय किशोर का कहना था कि 10 दिन के दौरान उन्हें देश की वास्तविकता का आइना दिखाया गया है। कृषि से लेकर हर क्षेत्र में लोगों के किए जा रहे शोषण को समझा है। पता चला है कि लोगों को कैसे भाजपा सरकार की कुनीतियों से बचाया जा सकता है। अब नए स्वरूप में हर जिलाध्यक्ष दिखाई देगा और ज्यादा से ज्यादा लोगों को पार्टी से जोड़ा जाएगा। यह तय है कि दस दिन में पार्टी संगठन से लेकर हर क्षेत्र में जो बारीकी सिखाई गई है, उसका भविष्य में पार्टी को बड़ा लाभ होगा। आज से ही अपने-अपने क्षेत्र में जिलाध्यक्ष नए स्वरूप में कार्य करना शुरू कर देंगे। हर जिलाध्यक्ष को इस कार्यशाला से बड़ी मजबूती व उत्साह मिला है।