{"_id":"6a6fa62a21b1cfba6d01c998","slug":"mothers-milk-is-the-complete-and-best-food-for-the-baby-prof-tanwar-kurukshetra-news-c-45-1-kur1009-158778-2026-08-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"मां का दूध शिशु के लिए संपूर्ण एवं सर्वोत्तम आहार : प्रो. तंवर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मां का दूध शिशु के लिए संपूर्ण एवं सर्वोत्तम आहार : प्रो. तंवर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुरुक्षेत्र। श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के प्रसूति तंत्र एवं स्त्री रोग विभाग ने विश्व स्तनपान सप्ताह पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इसका उद्देश्य महिलाओं को स्तनपान के महत्व के प्रति प्रेरित कर मातृ-शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाना था।
प्रोफेसर डॉ. सुनीति तंवर ने मां के दूध को शिशु के लिए संपूर्ण और सर्वोत्तम आहार बताया। यह शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास में भी सहायक है। जन्म के पहले घंटे में स्तनपान शुरू करना और छह माह तक केवल मां का दूध देना स्वस्थ भविष्य की मजबूत नींव है। कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान और कुलसचिव डॉ. कृष्णकांत गुप्ता के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय जागरूकता फैला रहा है। सहायक प्राध्यापिका डॉ. प्रियंका ने विद्यार्थियों को स्तनपान के वैज्ञानिक व आयुर्वेदिक महत्व समझाए। मातृ पोषण, उचित परामर्श और परिवार के सहयोग को सफल स्तनपान की आधारशिला बताया गया। चिकित्सा अधीक्षक प्रो. राजा सिंगला की अगुवाई में विभाग पूरे सप्ताह विभिन्न जागरूकता गतिविधियां करेगा। स्नातकोत्तर विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में भाग लिया और समाज के हर वर्ग तक संदेश पहुंचाने का संकल्प लिया।
विज्ञापन
प्रोफेसर डॉ. सुनीति तंवर ने मां के दूध को शिशु के लिए संपूर्ण और सर्वोत्तम आहार बताया। यह शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास में भी सहायक है। जन्म के पहले घंटे में स्तनपान शुरू करना और छह माह तक केवल मां का दूध देना स्वस्थ भविष्य की मजबूत नींव है। कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान और कुलसचिव डॉ. कृष्णकांत गुप्ता के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय जागरूकता फैला रहा है। सहायक प्राध्यापिका डॉ. प्रियंका ने विद्यार्थियों को स्तनपान के वैज्ञानिक व आयुर्वेदिक महत्व समझाए। मातृ पोषण, उचित परामर्श और परिवार के सहयोग को सफल स्तनपान की आधारशिला बताया गया। चिकित्सा अधीक्षक प्रो. राजा सिंगला की अगुवाई में विभाग पूरे सप्ताह विभिन्न जागरूकता गतिविधियां करेगा। स्नातकोत्तर विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में भाग लिया और समाज के हर वर्ग तक संदेश पहुंचाने का संकल्प लिया।
विज्ञापन