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आधुनिकता के साथ-साथ परंपराओं से जुड़ाव ही हमारी ताकत : नायब सैनी
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लाडवा। लोहड़ी की अग्नि में तिल, रेवड़ी, गुड़ व मूंगफली अर्पित करते मुख्यमंत्री नायब सैनी व उन
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लाडवा/कुरुक्षेत्र। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को शिवाला राम कुंडी में आमजन के साथ पारंपरिक उत्साह और हर्षोल्लास के साथ लोहड़ी का पर्व मनाया। उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर लोहड़ी की अग्नि में आहुतियां दीं और तिल, रेवड़ी, गुड़ व मूंगफली अर्पित कर इस सांस्कृतिक उत्सव को सार्थक बनाया।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि लोहड़ी हमारी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं का प्रतीक है। यह त्योहार हमें खुशियां बांटने और अपनी जड़ों से जुड़े रहने का अवसर देता है। उन्होंने कहा कि आधुनिकता के साथ-साथ परंपराओं से जुड़ाव ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है, युवा पीढ़ी को इस पर्व से यही सीख लेनी चाहिए।
उन्होंने लोहड़ी का ऐतिहासिक महत्व बताया कि दुल्ला भट्टी ने अकबर काल में अपहृत लड़कियों की रक्षा कर समाज में एक मिसाल कायम की थी। इसलिए लोहड़ी पर दुल्ला भट्टी को श्रद्धा से याद किया जाता है। यह कथा हमें बेटियों की सुरक्षा का संदेश देती है और समाज को संवेदनशील बनने की प्रेरणा देती है। यह पर्व भाईचारे, प्रेम और सामूहिकता की भावना को बढ़ाता है। लोग मिलकर गीत-संगीत, नृत्य व सामूहिक भोजन के जरिये खुशी साझा करते हैं। इस तरह यह त्योहार समाज को एकता के सूत्र में पिरोता है। देश को मजबूत बनाने के लिए समाज में समानता और सहयोग की भावना का प्रसार आवश्यक है।
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि महिलाओं को उच्च शिक्षा देने के लिए प्रदेश में खुले 81 कॉलेजों में से 31 लड़कियों के लिए हैं और पोस्ट ग्रेजुएशन तक शिक्षा नि:शुल्क है। लाडो लक्ष्मी योजना में दो किस्तों में सात लाख से अधिक बहन-बेटियों को 260 करोड़ रुपये दिए गए। लखपति दीदी योजना के तहत पांच लाख महिलाओं को सशक्त बनाने का लक्ष्य, अब तक दो लाख 34 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।
ड्रोन दीदी योजना के तहत 100 महिलाओं को मुफ्त ड्रोन और प्रशिक्षण दिया गया है। 203 महिला सांस्कृतिक केंद्र खोले जा चुके हैं, जहां महिलाएं भजन, गीत और नृत्य जैसे कार्यक्रम कर प्रतिभा निखार सकती हैं।
दुल्ला भट्टी की तरह बेटियों की रक्षा का लें संकल्प
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि आज भी समाज में महिलाओं के खिलाफ अपराध व कन्या भ्रूण हत्या जैसे कलंक मौजूद हैं, जिन्हें दूर करना आवश्यक है। उन्होंने अपील की कि सभी लोग दुल्ला भट्टी की तरह बेटियों की रक्षा का संकल्प लें। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान का सकारात्मक परिणाम है कि हरियाणा का लिंगानुपात 871 से बढ़कर 923 हो गया है। आज बेटियां हर क्षेत्र में बड़ी उपलब्धियां हासिल कर रही हैं और समाज की वास्तविक ताकत बन चुकी हैं।
कार्यक्रम में उमड़ी संस्कृति और उत्साह की छटा
कार्यक्रम में लोहड़ी की अग्नि, लोकगीतों की लय, बच्चों की खिलखिलाहट और महिलाओं की पारंपरिक भागीदारी ने वातावरण को उल्लासपूर्ण बना दिया। लोगों ने मुख्यमंत्री के साथ घूमकर लोहड़ी का पारंपरिक फेरा लगाया। उत्सव में संस्कृति, सामूहिकता और आनंद का सुंदर संगम देखने को मिला। इस अवसर पर पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, हरियाणा राज्य बाल विकास परिषद की उपाध्यक्ष सुमन सैनी, जिला अध्यक्ष तिजेंदर सिंह गोल्डी, कार्यक्रम में मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रभारी कैलाश सैनी सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि लोहड़ी हमारी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं का प्रतीक है। यह त्योहार हमें खुशियां बांटने और अपनी जड़ों से जुड़े रहने का अवसर देता है। उन्होंने कहा कि आधुनिकता के साथ-साथ परंपराओं से जुड़ाव ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है, युवा पीढ़ी को इस पर्व से यही सीख लेनी चाहिए।
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उन्होंने लोहड़ी का ऐतिहासिक महत्व बताया कि दुल्ला भट्टी ने अकबर काल में अपहृत लड़कियों की रक्षा कर समाज में एक मिसाल कायम की थी। इसलिए लोहड़ी पर दुल्ला भट्टी को श्रद्धा से याद किया जाता है। यह कथा हमें बेटियों की सुरक्षा का संदेश देती है और समाज को संवेदनशील बनने की प्रेरणा देती है। यह पर्व भाईचारे, प्रेम और सामूहिकता की भावना को बढ़ाता है। लोग मिलकर गीत-संगीत, नृत्य व सामूहिक भोजन के जरिये खुशी साझा करते हैं। इस तरह यह त्योहार समाज को एकता के सूत्र में पिरोता है। देश को मजबूत बनाने के लिए समाज में समानता और सहयोग की भावना का प्रसार आवश्यक है।
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि महिलाओं को उच्च शिक्षा देने के लिए प्रदेश में खुले 81 कॉलेजों में से 31 लड़कियों के लिए हैं और पोस्ट ग्रेजुएशन तक शिक्षा नि:शुल्क है। लाडो लक्ष्मी योजना में दो किस्तों में सात लाख से अधिक बहन-बेटियों को 260 करोड़ रुपये दिए गए। लखपति दीदी योजना के तहत पांच लाख महिलाओं को सशक्त बनाने का लक्ष्य, अब तक दो लाख 34 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।
ड्रोन दीदी योजना के तहत 100 महिलाओं को मुफ्त ड्रोन और प्रशिक्षण दिया गया है। 203 महिला सांस्कृतिक केंद्र खोले जा चुके हैं, जहां महिलाएं भजन, गीत और नृत्य जैसे कार्यक्रम कर प्रतिभा निखार सकती हैं।
दुल्ला भट्टी की तरह बेटियों की रक्षा का लें संकल्प
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि आज भी समाज में महिलाओं के खिलाफ अपराध व कन्या भ्रूण हत्या जैसे कलंक मौजूद हैं, जिन्हें दूर करना आवश्यक है। उन्होंने अपील की कि सभी लोग दुल्ला भट्टी की तरह बेटियों की रक्षा का संकल्प लें। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान का सकारात्मक परिणाम है कि हरियाणा का लिंगानुपात 871 से बढ़कर 923 हो गया है। आज बेटियां हर क्षेत्र में बड़ी उपलब्धियां हासिल कर रही हैं और समाज की वास्तविक ताकत बन चुकी हैं।
कार्यक्रम में उमड़ी संस्कृति और उत्साह की छटा
कार्यक्रम में लोहड़ी की अग्नि, लोकगीतों की लय, बच्चों की खिलखिलाहट और महिलाओं की पारंपरिक भागीदारी ने वातावरण को उल्लासपूर्ण बना दिया। लोगों ने मुख्यमंत्री के साथ घूमकर लोहड़ी का पारंपरिक फेरा लगाया। उत्सव में संस्कृति, सामूहिकता और आनंद का सुंदर संगम देखने को मिला। इस अवसर पर पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, हरियाणा राज्य बाल विकास परिषद की उपाध्यक्ष सुमन सैनी, जिला अध्यक्ष तिजेंदर सिंह गोल्डी, कार्यक्रम में मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रभारी कैलाश सैनी सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।