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Kurukshetra News: काला फरमाना के टोकी घोड़े की सवारी को तरसे सलमान खान, ठुकराया तीन करोड़ का ऑफर
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कुरुक्षेत्र। रेवाल दौड़ में टोकी पर सवार काला। स्वयं
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कुरुक्षेत्र। घोड़ों से बचपन में उपजा लगाव समय के साथ जुनून बन गया। पढ़ाई बीच में छोड़कर एक युवक ने अपनी पूरी जिंदगी घोड़ों की दौड़ और नस्ल संवर्धन को समर्पित कर दी। अब वही युवक काला फरमाना के नाम से देशभर में घोड़ा प्रेमियों के बीच जाने जाते हैं। घुड़सवारी के क्षेत्र में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है। बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान से लेकर उद्योगपति और सांसद नवीन जिंदल तक उनके घोड़ों को खरीदने के लिए करोड़ों रुपये के प्रस्ताव दे चुके हैं लेकिन काला फरमाना का कहना है कि उनका उद्देश्य घोड़े बेचना या नौकरी करना नहीं बल्कि टोकी जैसी देसी नस्ल सिंधी को आगे बढ़ाना है।
काला फरमाना बताते हैं कि आठवीं कक्षा में पढ़ते समय उन्हें पहली बार घोड़े की दौड़ देखने का मौका मिला। उसी दिन से उनका मन घोड़ों में ही रम गया। पिता स्कूल भेजने के लिए डांटते लेकिन वे जहां भी घोड़े का जिक्र सुनते, वहीं पहुंच जाते। अंत में पिता ने जिद्द पर एक घोड़ा खरीदकर दे दिया ताकी आगे पढ़ ले। इसके बाद भी वे सिर्फ 12वीं तक पढ़ पाए। पिता की मार और तानों से बचने के लिए वे दोस्तों-रिश्तेदारों के घरों में रहने लगे लेकिन इस दौरान घुड़सवारी और घोड़ों की देखभाल में उसने ऐसी महारत हासिल की कि नामी अश्वपालक उसे देखने आने लगे।
अब काला फरमाना पशु मेले में आकर्षण का केंद्र बन चुके हैं। इसी मेले में उनके दो मारवाड़ी घोड़ों प्रशांत व गुजालकर ने मेले में पहला और दूसरा पुरस्कार अपने नाम किया है। लोग काले के साथ मिलकर सेल्फी ले रहे हैं और छोटे बच्चे भी काला से घुड़सवारी व रेवाल दौड़ के गुर पूछ रहे हैं।
टोकी से प्रसिद्ध हुआ काला, काला से प्रसिद्ध हुआ टोकी
रोहतक जिले के फरमाना गांव के रहने वाले काला को लोग टोकी की वजह से जानने लगे। टोकी ने 25 रेवाल दौड़ में हिस्सा लिया और 25 की दौड़ अपने नाम की थी। इसके बाद दोनों को एक दूसरे की वजह से पहचान मिलनी शुरू हो गई थी। टोकी की चर्चा सुनकर रेवाल दौड़ के अन्य जोकी मैदान छोड़कर भागने लगे, क्योंकि रेवाल में 45 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ना पड़ता है। इसके बाद काला ने टोकी के साथ रेवाल दौड़ में जाना छोड़ दिया।
काला के टोकी को खरीदने के लिए सलमान खान ने तीन करोड़ किए थे ऑफर
काला फरमाना ने बताया कि सलमान खान ने उनके टोकी घोड़े पर सवारी करने की बहुत इच्छा जताई थी। उन्होंने तीन करोड़ रुपये में घोड़ा खरीदने के साथ-साथ पांच लाख रुपये मासिक वेतन पर नौकरी का भी ऑफर दिया लेकिन काला ने मना कर दिया। इसी तरह नवीन जिंदल ने भी उन्हें साढ़े तीन लाख रुपये मासिक वेतन पर अपने फार्म में रखने का प्रस्ताव रखा। काला तीन दिन नवीन जिंदल के फार्म में रहे, पोलो भी खेला लेकिन फिर वहां से लौट आए। उनका कहना है कि मैं किसी के फार्म में नौकर नहीं बनना चाहता। मैं अपनी मेहनत से टोकी जैसी सिंधी नस्ल को दुनिया के सामने लाना चाहता हूं।
पिता से बोले- 50 लाख का घोड़ा बेचने के बाद ही करूंगा शादी
काला फरमाना पर जब उनके पिता रघुवीर सिंह शादी करने का दबाव डालने लगे तो काला ने पिता से एक वादा किया कि जब तक 50 लाख का घोड़ा नहीं बेचूंगा, तब तक शादी नहीं करूंगा। इसके बाद काला ने अपनी प्रसिद्ध घोड़ी रानी शिवा को 65 लाख में बेचा। काला ने बताया कि घोड़ों ने नाम तो दिया था लेकिन पैसा पास नहीं था। इसलिए वे शादी नहीं करना चाहते थे। अब 65 लाख में घोड़ा बेचने के बाद 32 साल की उम्र में दो साल पहले शादी की है।
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काला फरमाना बताते हैं कि आठवीं कक्षा में पढ़ते समय उन्हें पहली बार घोड़े की दौड़ देखने का मौका मिला। उसी दिन से उनका मन घोड़ों में ही रम गया। पिता स्कूल भेजने के लिए डांटते लेकिन वे जहां भी घोड़े का जिक्र सुनते, वहीं पहुंच जाते। अंत में पिता ने जिद्द पर एक घोड़ा खरीदकर दे दिया ताकी आगे पढ़ ले। इसके बाद भी वे सिर्फ 12वीं तक पढ़ पाए। पिता की मार और तानों से बचने के लिए वे दोस्तों-रिश्तेदारों के घरों में रहने लगे लेकिन इस दौरान घुड़सवारी और घोड़ों की देखभाल में उसने ऐसी महारत हासिल की कि नामी अश्वपालक उसे देखने आने लगे।
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अब काला फरमाना पशु मेले में आकर्षण का केंद्र बन चुके हैं। इसी मेले में उनके दो मारवाड़ी घोड़ों प्रशांत व गुजालकर ने मेले में पहला और दूसरा पुरस्कार अपने नाम किया है। लोग काले के साथ मिलकर सेल्फी ले रहे हैं और छोटे बच्चे भी काला से घुड़सवारी व रेवाल दौड़ के गुर पूछ रहे हैं।
टोकी से प्रसिद्ध हुआ काला, काला से प्रसिद्ध हुआ टोकी
रोहतक जिले के फरमाना गांव के रहने वाले काला को लोग टोकी की वजह से जानने लगे। टोकी ने 25 रेवाल दौड़ में हिस्सा लिया और 25 की दौड़ अपने नाम की थी। इसके बाद दोनों को एक दूसरे की वजह से पहचान मिलनी शुरू हो गई थी। टोकी की चर्चा सुनकर रेवाल दौड़ के अन्य जोकी मैदान छोड़कर भागने लगे, क्योंकि रेवाल में 45 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ना पड़ता है। इसके बाद काला ने टोकी के साथ रेवाल दौड़ में जाना छोड़ दिया।
काला के टोकी को खरीदने के लिए सलमान खान ने तीन करोड़ किए थे ऑफर
काला फरमाना ने बताया कि सलमान खान ने उनके टोकी घोड़े पर सवारी करने की बहुत इच्छा जताई थी। उन्होंने तीन करोड़ रुपये में घोड़ा खरीदने के साथ-साथ पांच लाख रुपये मासिक वेतन पर नौकरी का भी ऑफर दिया लेकिन काला ने मना कर दिया। इसी तरह नवीन जिंदल ने भी उन्हें साढ़े तीन लाख रुपये मासिक वेतन पर अपने फार्म में रखने का प्रस्ताव रखा। काला तीन दिन नवीन जिंदल के फार्म में रहे, पोलो भी खेला लेकिन फिर वहां से लौट आए। उनका कहना है कि मैं किसी के फार्म में नौकर नहीं बनना चाहता। मैं अपनी मेहनत से टोकी जैसी सिंधी नस्ल को दुनिया के सामने लाना चाहता हूं।
पिता से बोले- 50 लाख का घोड़ा बेचने के बाद ही करूंगा शादी
काला फरमाना पर जब उनके पिता रघुवीर सिंह शादी करने का दबाव डालने लगे तो काला ने पिता से एक वादा किया कि जब तक 50 लाख का घोड़ा नहीं बेचूंगा, तब तक शादी नहीं करूंगा। इसके बाद काला ने अपनी प्रसिद्ध घोड़ी रानी शिवा को 65 लाख में बेचा। काला ने बताया कि घोड़ों ने नाम तो दिया था लेकिन पैसा पास नहीं था। इसलिए वे शादी नहीं करना चाहते थे। अब 65 लाख में घोड़ा बेचने के बाद 32 साल की उम्र में दो साल पहले शादी की है।