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Kurukshetra News: 2000 रुपये दो, सात दिन में मिल जाएगा प्रमाणपत्र
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पानीपत। नगर निगम में जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने और छोटी सी त्रुटि ठीक कराने में भी बड़ा खेल चल रहा है। दलाल दो हजार रुपये लेकर घर बैठे व्यक्ति को सात दिन में प्रमाणपत्र बनवाकर दे रहे हैं, वहीं निगम में सीधे फाइल जमा कराने पर एक महीने में भी प्रमाणपत्र नहीं बन पा रहा है। लोगों के जूते तक घिस जा रहे हैं।
दलाली का यह खेल नगर निगम कार्यालय के साथ केंद्रों पर खुलकर चल रहा हैं। केंद्र संचालक व्हाट्सएप पर ही डॉक्यूमेंट और हस्ताक्षर भेजने पर प्रमाणपत्र बनवाने की गारंटी दे रहे हैं। नगर निगम में जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने में लंबे समय से खेल चल रहा है। लोगों के सीधे आने पर प्रमाणपत्र तक नहीं बन पा रहे हैं। लोग अधिकारियों तक शिकायत कर चुके हैं। फिर भी प्रमाणपत्र अटके हुए हैं।
मंगलवार को नगर निगम के ताऊ देवीलाल कांप्लेक्स स्थित जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र शाखा और बाहर सीएससी पर बैठे दलालों के बीच खेल का खेल नजदीक से जाना।
सीधी फाइल जमा कराने की पीड़ा : मॉडल टाउन क्षेत्र के अनिल ने बताया कि उन्होंने बेटे के जन्म प्रमाणपत्र में संशोधन कराने के लिए 21 जनवरी को फाइल ऑनलाइन कराई थी। इसके बाद 29 जनवरी को हार्डकॉपी जमा कराई। निगम 10 से 15 दिन में प्रमाणपत्र देना होता है। उनका अब तक प्रमाणपत्र नहीं मिला। वह कई बार चक्कर लगा चुका है।
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दलाली का यह खेल नगर निगम कार्यालय के साथ केंद्रों पर खुलकर चल रहा हैं। केंद्र संचालक व्हाट्सएप पर ही डॉक्यूमेंट और हस्ताक्षर भेजने पर प्रमाणपत्र बनवाने की गारंटी दे रहे हैं। नगर निगम में जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने में लंबे समय से खेल चल रहा है। लोगों के सीधे आने पर प्रमाणपत्र तक नहीं बन पा रहे हैं। लोग अधिकारियों तक शिकायत कर चुके हैं। फिर भी प्रमाणपत्र अटके हुए हैं।
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मंगलवार को नगर निगम के ताऊ देवीलाल कांप्लेक्स स्थित जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र शाखा और बाहर सीएससी पर बैठे दलालों के बीच खेल का खेल नजदीक से जाना।
सीधी फाइल जमा कराने की पीड़ा : मॉडल टाउन क्षेत्र के अनिल ने बताया कि उन्होंने बेटे के जन्म प्रमाणपत्र में संशोधन कराने के लिए 21 जनवरी को फाइल ऑनलाइन कराई थी। इसके बाद 29 जनवरी को हार्डकॉपी जमा कराई। निगम 10 से 15 दिन में प्रमाणपत्र देना होता है। उनका अब तक प्रमाणपत्र नहीं मिला। वह कई बार चक्कर लगा चुका है।