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Kurukshetra News: गीताद्वार चौक पर बने सार्वजनिक शौचालयों पर ताला, यात्री परेशान
Thu, 13 Aug 2026 02:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Thu, 13 Aug 2026 02:06 AM IST
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पिपली। दिन के समय ही शौचालय पर लटका ताला। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
पिपली/मथाना। राष्ट्रीय राजमार्ग-44 स्थित के गीताद्वार चौक पर स्थित सार्वजनिक शौचालय पर ताला लगे होने से यात्रियों, श्रद्धालुओं और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा शौचालयों में नियमित साफ-सफाई का भी अभाव है। गंदगी के कारण यहां से बदबू भी उठती है।
केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत वर्ष 2018 में लाखों रुपये से विकसित की गई इस जनसुविधा का उद्देश्य यात्रियों को स्वच्छ व सुलभ सुविधाएं उपलब्ध कराना था, लेकिन वर्तमान स्थिति इसके विपरीत दिखाई दे रही है।
स्थल पर लगी सूचना के अनुसार शौचालय का समय ग्रीष्मकाल में सुबह 4 से रात 10 बजे तक और शीतकाल में सुबह 5 से रात 9 बजे तक निर्धारित है। इसके बावजूद दिन में मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला लगा मिला। वहीं, अंदर महिलाओं, पुरुषों और दिव्यांगजनों के लिए अलग-अलग शौचालयों की व्यवस्था तो दिखाई देती है, लेकिन ताला लगे होने के कारण लोग इसका उपयोग नहीं कर पा रहे।
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राष्ट्रीय राजमार्ग से प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं। ऐसे में सार्वजनिक शौचालय बंद रहने से विशेषकर महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और दूर-दराज से आने वाले यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस जनसुविधा का नियमित संचालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि आमजन को इसका लाभ मिल सके।
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शौचालय को निर्धारित समय में खुलवाने की मांग
रास्ट्रीय राजमार्ग-44 पर स्थित गीताद्वार चौक से रोजाना हजाराें लोग गुजरते हैं। सैंकड़ों लोग यहां बसों व अन्य वाहनों के इंतजार में लंबे समय तक खड़े रहते हैं। इनमें महिलाएं व बच्चे भी शामिल होते हैं। ऐसे में लोगों ने संबंधित विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि शौचालय को निर्धारित समय के अनुसार नियमित रूप से खुलवाया जाए, साफ-सफाई व रखरखाव की व्यवस्था की जाए और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए, ताकि यात्रियों को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान न होना पड़े।
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पिपली/मथाना। राष्ट्रीय राजमार्ग-44 स्थित के गीताद्वार चौक पर स्थित सार्वजनिक शौचालय पर ताला लगे होने से यात्रियों, श्रद्धालुओं और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा शौचालयों में नियमित साफ-सफाई का भी अभाव है। गंदगी के कारण यहां से बदबू भी उठती है।
केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत वर्ष 2018 में लाखों रुपये से विकसित की गई इस जनसुविधा का उद्देश्य यात्रियों को स्वच्छ व सुलभ सुविधाएं उपलब्ध कराना था, लेकिन वर्तमान स्थिति इसके विपरीत दिखाई दे रही है।
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स्थल पर लगी सूचना के अनुसार शौचालय का समय ग्रीष्मकाल में सुबह 4 से रात 10 बजे तक और शीतकाल में सुबह 5 से रात 9 बजे तक निर्धारित है। इसके बावजूद दिन में मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला लगा मिला। वहीं, अंदर महिलाओं, पुरुषों और दिव्यांगजनों के लिए अलग-अलग शौचालयों की व्यवस्था तो दिखाई देती है, लेकिन ताला लगे होने के कारण लोग इसका उपयोग नहीं कर पा रहे।
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राष्ट्रीय राजमार्ग से प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं। ऐसे में सार्वजनिक शौचालय बंद रहने से विशेषकर महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और दूर-दराज से आने वाले यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस जनसुविधा का नियमित संचालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि आमजन को इसका लाभ मिल सके।
शौचालय को निर्धारित समय में खुलवाने की मांग
रास्ट्रीय राजमार्ग-44 पर स्थित गीताद्वार चौक से रोजाना हजाराें लोग गुजरते हैं। सैंकड़ों लोग यहां बसों व अन्य वाहनों के इंतजार में लंबे समय तक खड़े रहते हैं। इनमें महिलाएं व बच्चे भी शामिल होते हैं। ऐसे में लोगों ने संबंधित विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि शौचालय को निर्धारित समय के अनुसार नियमित रूप से खुलवाया जाए, साफ-सफाई व रखरखाव की व्यवस्था की जाए और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए, ताकि यात्रियों को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान न होना पड़े।

पिपली। दिन के समय ही शौचालय पर लटका ताला। संवाद