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Kurukshetra News: सफाई कर्मियों ने नगर परिषद कार्यालय पर जड़ा ताला, 600 टन कचरा जमा
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कुरुक्षेत्र। नप कार्यालय पर ताला लगाते हुए सफाई कर्मी। संवाद
- फोटो : Archive
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कुरुक्षेत्र। सफाई कर्मचारियों ने मंगलवार को नगर परिषद कार्यालय के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया। उन्होंने निकाय मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनका पुतला फूंका। इस हड़ताल के कारण शहर में 600 टन से ज्यादा कचरा जमा हो गया है। सफाई कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में हड़ताल जारी रखी। सुभाष गुंसर और सुनील लोहाट के नेतृत्व में कर्मचारियों ने धरना दिया। उन्होंने नगर परिषद कार्यालय पर जमकर प्रदर्शन किया।
सुबह नौ बजे ही कार्यालय के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया गया। कुछ कर्मचारी दूसरे दरवाजे से कार्यालय में पहुंचे थे। प्रदर्शनकारियों ने उन्हें भी बाहर निकाल दिया। इसे लेकर दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक बहस होती रही। कर्मचारियों ने अंबेडकर चौक पर निकाय मंत्री के पुतले की शवयात्रा निकालकर उसे फूंका। सफाई कर्मचारियों के प्रदर्शन का असर शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ा है। घर-घर से कचरा उठाने वाले टिप्परों पर दूसरे दिन भी ताला लगा रहा। संबंधित कंपनी के सुपरवाइजर ने ताला खुलवाने का प्रयास किया लेकिन हड़ताल पर उतरे कर्मचारी नहीं माने। कर्मचारियों के काम पर नहीं लौटने से कचरा उठान पूरी तरह प्रभावित रहा।
शहर के विभिन्न हिस्सों में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हर जगह दुर्गंध उठने लगी है। दुर्गंध के कारण शहर के हालात और खराब हो रहे हैं। यह स्थिति लगातार दूसरे दिन बनी हुई है।
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आंबेडकर चौक पर फूंका निकाय मंत्री का पुतला
प्रदर्शनकारी सफाई कर्मचारियों ने निकाय मंत्री के खिलाफ जमकर रोष जताया। कर्मचारियों ने पहले पुतले की नगर परिषद कार्यालय से मेन बाजार, पालिका बाजार होते हुए बीआर आंबेडकर चौक तक शवयात्रा निकाली और बाद में पुतले को आग के हवाले कर दिया। इसके बाद भी कर्मचारी बाजार में रोष जताते हुए फिर नगर परिषद कार्यालय के मुख्य द्वार पर दिए जा रहे धरना स्थल पर पहुंच गए और दिनभर नारेबाजी करते रहे। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार और निकाय मंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। उधर, नगर पालिका कर्मचारी संघ के इकाई प्रमुख सुनील लोहाट ने कहा कि बुधवार को सभी नगर पार्षदों से मिलेंगी और उन्हें भी ज्ञापन सौंपे जाएंगे।
शहर की सफाई व्यवस्था चरमराई
कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। जहां हर रोज शहर से 100 टन से ज्यादा कचरा निकलता है वहीं हड़ताल के चलते अब तक 600 टन से अधिक कचरा जमा होने का कर्मचारियों की ओर से दावा किया जा रहा है। गलियों, बाजार और सार्वजनिक स्थानों पर कचरे के ढेर दिखाई दे रहे हैं। कचरा उठान नहीं होने से स्थानीय लोगों को दुर्गंध और गंदगी के बीच से गुजरना पड़ रहा है। लोगों ने जल्द से जल्द सफाई व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।
जजपा नेता सहित कई संगठनों ने दिया समर्थन
धरना दे रहे सफाई कर्मचारियों को जजपा नेता योगश शर्मा भी समर्थन देने पहुंचे और उन्होंने उनकी मांगों को जायज करार दिया। उन्होंने कहा कि पूरा शहर कचरे से अट चुका है लेकिन सरकार व अधिकारी मनमानी पर अड़े हैं। पहले ही शहर बदहाली झेल रहा है, अब और हालात बिगड़ चुके हैं। कर्मचारियों को समर्थन देने के लिए भीम आर्मी की ओर से नौशाद अली, सुभाष चंद, कुलदीप सिंह के अलावा सर्व कर्मचारी संघ सहित जन संघर्ष मंच व कई अन्य संगठनों के प्रतिनिधि भी पहुंचे।
ईओ बोले- मामला सरकार के स्तर का
नगर परिषद के ईओ राजेश कुमार का कहना है कि यह सरकार के स्तर का मामला है। अस्थायी कर्मचारियों के सहारे सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखवाने का प्रयास किया जा रहा है।
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सुबह नौ बजे ही कार्यालय के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया गया। कुछ कर्मचारी दूसरे दरवाजे से कार्यालय में पहुंचे थे। प्रदर्शनकारियों ने उन्हें भी बाहर निकाल दिया। इसे लेकर दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक बहस होती रही। कर्मचारियों ने अंबेडकर चौक पर निकाय मंत्री के पुतले की शवयात्रा निकालकर उसे फूंका। सफाई कर्मचारियों के प्रदर्शन का असर शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ा है। घर-घर से कचरा उठाने वाले टिप्परों पर दूसरे दिन भी ताला लगा रहा। संबंधित कंपनी के सुपरवाइजर ने ताला खुलवाने का प्रयास किया लेकिन हड़ताल पर उतरे कर्मचारी नहीं माने। कर्मचारियों के काम पर नहीं लौटने से कचरा उठान पूरी तरह प्रभावित रहा।
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शहर के विभिन्न हिस्सों में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हर जगह दुर्गंध उठने लगी है। दुर्गंध के कारण शहर के हालात और खराब हो रहे हैं। यह स्थिति लगातार दूसरे दिन बनी हुई है।
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आंबेडकर चौक पर फूंका निकाय मंत्री का पुतला
प्रदर्शनकारी सफाई कर्मचारियों ने निकाय मंत्री के खिलाफ जमकर रोष जताया। कर्मचारियों ने पहले पुतले की नगर परिषद कार्यालय से मेन बाजार, पालिका बाजार होते हुए बीआर आंबेडकर चौक तक शवयात्रा निकाली और बाद में पुतले को आग के हवाले कर दिया। इसके बाद भी कर्मचारी बाजार में रोष जताते हुए फिर नगर परिषद कार्यालय के मुख्य द्वार पर दिए जा रहे धरना स्थल पर पहुंच गए और दिनभर नारेबाजी करते रहे। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार और निकाय मंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। उधर, नगर पालिका कर्मचारी संघ के इकाई प्रमुख सुनील लोहाट ने कहा कि बुधवार को सभी नगर पार्षदों से मिलेंगी और उन्हें भी ज्ञापन सौंपे जाएंगे।
शहर की सफाई व्यवस्था चरमराई
कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। जहां हर रोज शहर से 100 टन से ज्यादा कचरा निकलता है वहीं हड़ताल के चलते अब तक 600 टन से अधिक कचरा जमा होने का कर्मचारियों की ओर से दावा किया जा रहा है। गलियों, बाजार और सार्वजनिक स्थानों पर कचरे के ढेर दिखाई दे रहे हैं। कचरा उठान नहीं होने से स्थानीय लोगों को दुर्गंध और गंदगी के बीच से गुजरना पड़ रहा है। लोगों ने जल्द से जल्द सफाई व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।
जजपा नेता सहित कई संगठनों ने दिया समर्थन
धरना दे रहे सफाई कर्मचारियों को जजपा नेता योगश शर्मा भी समर्थन देने पहुंचे और उन्होंने उनकी मांगों को जायज करार दिया। उन्होंने कहा कि पूरा शहर कचरे से अट चुका है लेकिन सरकार व अधिकारी मनमानी पर अड़े हैं। पहले ही शहर बदहाली झेल रहा है, अब और हालात बिगड़ चुके हैं। कर्मचारियों को समर्थन देने के लिए भीम आर्मी की ओर से नौशाद अली, सुभाष चंद, कुलदीप सिंह के अलावा सर्व कर्मचारी संघ सहित जन संघर्ष मंच व कई अन्य संगठनों के प्रतिनिधि भी पहुंचे।
ईओ बोले- मामला सरकार के स्तर का
नगर परिषद के ईओ राजेश कुमार का कहना है कि यह सरकार के स्तर का मामला है। अस्थायी कर्मचारियों के सहारे सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखवाने का प्रयास किया जा रहा है।

कुरुक्षेत्र। नप कार्यालय पर ताला लगाते हुए सफाई कर्मी। संवाद- फोटो : Archive

कुरुक्षेत्र। नप कार्यालय पर ताला लगाते हुए सफाई कर्मी। संवाद- फोटो : Archive