कुरुक्षेत्र। जिले में पहले हरित शवदाह गृह का सफल ट्रायल किया गया। सेक्टर-पांच के वार्ड नंबर 12 में स्थापित यह परियोजना आधुनिक तकनीक के माध्यम से अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को अधिक पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। यह हरित शवदाह गृह सांसद नवीन जिंदल की ओर से बनवाया गया है।
इस परियोजना के तकनीकी सहयोगी रामजी जयमल ने बताया कि पारंपरिक अंतिम संस्कार में जहां चार से पांच क्विंटल लकड़ी की आवश्यकता होती है। वहीं इस हरित शवदाह गृह में केवल लगभग 80 किलोग्राम लकड़ी में संस्कार संभव है। विशेष रूप से डिजाइन किए गए चैंबर में ऑक्सीजन आपूर्ति और धुएं के नियंत्रित निष्कासन की व्यवस्था की गई है जिससे प्रदूषण में कमी आती है।
उन्होंने बताया कि इस तकनीक का उपयोग पिछले दो दशकों से हरियाणा और पंजाब के कई क्षेत्रों में सफलतापूर्वक किया जा रहा है। ट्रायल के दौरान 80 किलोग्राम लकड़ी के साथ पूरी प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। इसमें लगभग 45 मिनट का समय लगा। सांसद कार्यालय के प्रतिनिधियों ने इसे संसाधन बचत और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम पहल बताते हुए भविष्य में ऐसे और प्रकल्प स्थापित करने की बात कही।

कुरुक्षेत्र। हरित शवदाह गृह का निरिक्षण करते हुए सेक्टर वासी। विज्ञप्ति

कुरुक्षेत्र। हरित शवदाह गृह का निरिक्षण करते हुए सेक्टर वासी। विज्ञप्ति

कुरुक्षेत्र। हरित शवदाह गृह का निरिक्षण करते हुए सेक्टर वासी। विज्ञप्ति