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Kurukshetra News: बिजली कर्मियों का यूनिट स्तर का धरना खत्म, आज से एसडीओ कार्यालयों पर प्रदर्शन
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कुरुक्षेत्र। हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर बुधवार को निगम के कर्मचारियों, जूनियर इंजीनियर्स, अभियंताओं और अधिकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने निजीकरण और डिस्कॉम के फैसले का खुलकर विरोध किया। तीन दिवसीय सांकेतिक धरने के अंतिम दिन यह निर्णय लिया गया।
कर्मचारी संगठन अब 6 अगस्त से सब डिवीजन स्तर पर धरना प्रदर्शन कर अपनी मांगों को उठाएंगे। यूनिट प्रधान कृष्ण चौहान ने बताया कि सभी संगठन एकजुट होकर सरकार की नीतियों का विरोध कर रहे हैं। बिजली वितरण व्यवस्था का निजीकरण कर्मचारियों के हितों के खिलाफ है। इससे उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा और ग्रामीण क्षेत्रों की सेवाएं प्रभावित होंगी। पदाधिकारियों ने बिजली निगम को सार्वजनिक क्षेत्र में मजबूत करने की मांग की। उन्होंने कहा कि बेहतर व्यवस्था के लिए पर्याप्त स्टाफ, आधुनिक संसाधन और मजबूत आधारभूत ढांचे की जरूरत है। सरकार निजीकरण और डिस्कॉम की प्रक्रिया वापस नहीं लेती तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
प्रमुख मांगें और आगामी रणनीति
संयुक्त मोर्चा की मुख्य मांगों में एग्री डिस्कॉम का बिना शर्त गठन रद्द करना है। कच्चे कर्मचारियों को समान काम-समान वेतन और तकनीकी कर्मियों का जोखिम भत्ता लागू करना भी शामिल है। नूह एवं गुरुग्राम में विभाग का निजीकरण रोकना, कैशलेस मेडिकल सुविधा और पुरानी पेंशन लागू करना भी उनकी मांगें हैं। कृष्ण चौहान ने बताया कि 6 से 8 अगस्त तक सब यूनिट में धरने होंगे और गांव-गांव जाकर एग्री डिस्कॉम के नुकसान बताए जाएंगे। यदि सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो 11 से 13 अगस्त की प्रस्तावित हड़ताल अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल दी जाएगी।
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कर्मचारी संगठन अब 6 अगस्त से सब डिवीजन स्तर पर धरना प्रदर्शन कर अपनी मांगों को उठाएंगे। यूनिट प्रधान कृष्ण चौहान ने बताया कि सभी संगठन एकजुट होकर सरकार की नीतियों का विरोध कर रहे हैं। बिजली वितरण व्यवस्था का निजीकरण कर्मचारियों के हितों के खिलाफ है। इससे उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा और ग्रामीण क्षेत्रों की सेवाएं प्रभावित होंगी। पदाधिकारियों ने बिजली निगम को सार्वजनिक क्षेत्र में मजबूत करने की मांग की। उन्होंने कहा कि बेहतर व्यवस्था के लिए पर्याप्त स्टाफ, आधुनिक संसाधन और मजबूत आधारभूत ढांचे की जरूरत है। सरकार निजीकरण और डिस्कॉम की प्रक्रिया वापस नहीं लेती तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
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प्रमुख मांगें और आगामी रणनीति
संयुक्त मोर्चा की मुख्य मांगों में एग्री डिस्कॉम का बिना शर्त गठन रद्द करना है। कच्चे कर्मचारियों को समान काम-समान वेतन और तकनीकी कर्मियों का जोखिम भत्ता लागू करना भी शामिल है। नूह एवं गुरुग्राम में विभाग का निजीकरण रोकना, कैशलेस मेडिकल सुविधा और पुरानी पेंशन लागू करना भी उनकी मांगें हैं। कृष्ण चौहान ने बताया कि 6 से 8 अगस्त तक सब यूनिट में धरने होंगे और गांव-गांव जाकर एग्री डिस्कॉम के नुकसान बताए जाएंगे। यदि सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो 11 से 13 अगस्त की प्रस्तावित हड़ताल अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल दी जाएगी।
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