{"_id":"6a6ba7decca1d1f88b0f6e13","slug":"company-ordered-to-refund-money-after-failing-to-replace-defective-fridge-under-warranty-narnol-news-c-199-1-sroh1006-157586-2026-07-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: वारंटी में खराब फ्रिज नहीं बदला, कंपनी को पैसे लौटाने का आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: वारंटी में खराब फ्रिज नहीं बदला, कंपनी को पैसे लौटाने का आदेश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जींद। जिला उपभोक्ता आयोग ने वारंटी अवधि में खराब रेफ्रिजरेटर नहीं बदलने के मामले में एलजी कंपनी और उसके अधिकृत विक्रेता को अनुचित व्यापारिक व्यवहार का दोषी ठहराया है।
आयोग ने उपभोक्ता को रेफ्रिजरेटर की कीमत 22,500 रुपये ब्याज सहित लौटाने, पांच हजार रुपये मानसिक प्रताड़ना के मुआवजे और पांच हजार रुपये वाद व्यय का भुगतान करने का आदेश दिया है।
जलालपुर खुर्द निवासी जयगोपाल ने आयोग में दायर शिकायत में बताया कि उन्होंने वर्ष 2025 में एलजी कंपनी का रेफ्रिजरेटर खरीदा था। कुछ समय बाद ही फ्रिज में लगातार तकनीकी खराबियां आने लगीं। उन्होंने कस्टमर केयर, ई-मेल और सर्विस सेंटर के माध्यम से कई बार शिकायत दर्ज कराई लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया गया।
विज्ञापन
आरोप है कि शिकायतों का निस्तारण करने के बजाय उन्हें बंद कर दिया गया। परेशान होकर उन्होंने जिला उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया।
शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता वीरेंद्र जेपी सिंह ने वारंटी रिकॉर्ड, दस्तावेजी साक्ष्य और संबंधित न्यायिक निर्णय आयोग के समक्ष प्रस्तुत किए। सुनवाई के दौरान कंपनी और विक्रेता आयोग के समक्ष उपस्थित नहीं हुए जिसके चलते उनके खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की गई।
आयोग के अध्यक्ष एके सरदाना ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर शिकायत को सही मानते हुए आदेश पारित किया। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि निर्धारित अवधि में आदेश का पालन नहीं होने पर देय राशि पर 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा।
अधिवक्ता वीरेंद्र जेपी सिंह ने कहा कि यह फैसला उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है और वारंटी के बावजूद शिकायतों की अनदेखी करने वाली कंपनियों के लिए स्पष्ट संदेश है।
विज्ञापन
आयोग ने उपभोक्ता को रेफ्रिजरेटर की कीमत 22,500 रुपये ब्याज सहित लौटाने, पांच हजार रुपये मानसिक प्रताड़ना के मुआवजे और पांच हजार रुपये वाद व्यय का भुगतान करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
जलालपुर खुर्द निवासी जयगोपाल ने आयोग में दायर शिकायत में बताया कि उन्होंने वर्ष 2025 में एलजी कंपनी का रेफ्रिजरेटर खरीदा था। कुछ समय बाद ही फ्रिज में लगातार तकनीकी खराबियां आने लगीं। उन्होंने कस्टमर केयर, ई-मेल और सर्विस सेंटर के माध्यम से कई बार शिकायत दर्ज कराई लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया गया।
विज्ञापन
आरोप है कि शिकायतों का निस्तारण करने के बजाय उन्हें बंद कर दिया गया। परेशान होकर उन्होंने जिला उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया।
शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता वीरेंद्र जेपी सिंह ने वारंटी रिकॉर्ड, दस्तावेजी साक्ष्य और संबंधित न्यायिक निर्णय आयोग के समक्ष प्रस्तुत किए। सुनवाई के दौरान कंपनी और विक्रेता आयोग के समक्ष उपस्थित नहीं हुए जिसके चलते उनके खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की गई।
आयोग के अध्यक्ष एके सरदाना ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर शिकायत को सही मानते हुए आदेश पारित किया। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि निर्धारित अवधि में आदेश का पालन नहीं होने पर देय राशि पर 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा।
अधिवक्ता वीरेंद्र जेपी सिंह ने कहा कि यह फैसला उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है और वारंटी के बावजूद शिकायतों की अनदेखी करने वाली कंपनियों के लिए स्पष्ट संदेश है।