{"_id":"69dbe3578687314e170ea148","slug":"dhriti-an-ai-generated-image-becomes-the-voice-for-the-existence-of-daughters-narnol-news-c-199-1-sroh1009-151537-2026-04-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: एआई की काल्पनिक तस्वीर ‘धृति’ बनी बेटियों के अस्तित्व की आवाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: एआई की काल्पनिक तस्वीर ‘धृति’ बनी बेटियों के अस्तित्व की आवाज
विज्ञापन
12जेएनडी26: सेल्फी विद डॉटर के संस्थापक सुनील जागलान ने एआई के माध्यम से अपनी काल्पनिक बेटी की
- फोटो : पीसीएस परीक्षा में उत्तीर्णँ राहुल सिंह अपने परिजन के साथ खड़े हुए। संवाद
विज्ञापन
जींद। वैश्विक अभियान सेल्फी विद डॉटर के संस्थापक सुनील जागलान ने एक नई पहल करते हुए एआई के माध्यम से अपनी काल्पनिक बेटी की छवि तैयार की है। इसका नाम धृति रखा गया है। यह पहल उन परिवारों को बेटी होने का एहसास कराने के उद्देश्य से शुरू की गई है जिनके घर में बेटियां नहीं हैं।
सुनील जागलान दो बेटियों के पिता हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने कल्पना की कि यदि उनकी तीसरी बेटी होती तो वह कैसी दिखती। इस सोच को एआई के जरिए साकार किया गया। जब उन्होंने यह तस्वीर अपने परिवार को दिखाई तो माहौल भावुक हो गया। उनकी पत्नी दीपा ढुल और दोनों बेटियां इस काल्पनिक छोटी बहन को देख भावुक हो उठीं।
जागलान ने कहा कि धृति सिर्फ एक तस्वीर नहीं बल्कि उन लाखों बेटियों का प्रतीक है जिन्हें जन्म लेने का अवसर नहीं मिल पाया। इस पहल के जरिए लोगों के मन में बेटियों के प्रति प्रेम और संवेदनशीलता जागृत करने का प्रयास किया जा रहा है। एआई सेल्फी विद डॉटर अभियान के तहत अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों को जोड़ा जा रहा है।
जिन परिवारों को तकनीक का ज्ञान नहीं है, उनकी मदद के लिए लाडो टीम सहयोग कर रही है ताकि वह अपनी काल्पनिक बेटी की तस्वीर बना सकें। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चलाए गए बेटी बचाओ अभियानों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की पहल कन्या भ्रूण हत्या रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
फोटो कैप्शन
12जेएनडी26
Trending Videos
सुनील जागलान दो बेटियों के पिता हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने कल्पना की कि यदि उनकी तीसरी बेटी होती तो वह कैसी दिखती। इस सोच को एआई के जरिए साकार किया गया। जब उन्होंने यह तस्वीर अपने परिवार को दिखाई तो माहौल भावुक हो गया। उनकी पत्नी दीपा ढुल और दोनों बेटियां इस काल्पनिक छोटी बहन को देख भावुक हो उठीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
जागलान ने कहा कि धृति सिर्फ एक तस्वीर नहीं बल्कि उन लाखों बेटियों का प्रतीक है जिन्हें जन्म लेने का अवसर नहीं मिल पाया। इस पहल के जरिए लोगों के मन में बेटियों के प्रति प्रेम और संवेदनशीलता जागृत करने का प्रयास किया जा रहा है। एआई सेल्फी विद डॉटर अभियान के तहत अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों को जोड़ा जा रहा है।
जिन परिवारों को तकनीक का ज्ञान नहीं है, उनकी मदद के लिए लाडो टीम सहयोग कर रही है ताकि वह अपनी काल्पनिक बेटी की तस्वीर बना सकें। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चलाए गए बेटी बचाओ अभियानों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की पहल कन्या भ्रूण हत्या रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
फोटो कैप्शन
12जेएनडी26