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खान-पान में हो रहे बदलाव से बढ़ रही है बीमारियां : डॉ. अनिल जैन
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12जेएनडी13: मेगा स्वास्थ्य कैंप में पहुंची डॉक्टरों की टीम जिन्हें सम्मानित किया। स्रोत आयोजक
- फोटो : गंगा नगर स्थित ककरऊ कोठी फीडर पर स्मार्ट मीटर को लेकर हंगामा करती महिलाएं। संवाद
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जींद। बाबा फुल्ले साध गोशाला कापड़ो में रविवार को मेगा स्वास्थ्य कैंप आयोजित किया। इस दौरान कैंप में 214 मरीजों ने नेत्र, बीपी, शुगर, दांतों की जांच कराई।
तेरापंथ प्रोफेशनल फॉर्म जींद स्वास्थ्य टीम के डॉ. अनिल जैन ने कहा कि गांव का खान-पान पहले स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता था। अब समय के साथ-साथ इसमें बदलाव हो रहा है। फसल उत्पादन अधिक लेने के लिए खाद अधिक डाली जा रही है उससे स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है।
बीपी, शुगर सहित कई बीमारी ऐसी है जो खान-पान में हुए बदलाव की वजह से हो रही है। गांव के लोगों भी समय-समय पर बीपी, शुगर की जांच जरूर करवाए। सुबह की सैर जरूर करें। नेत्र संबंधित परेशानी बच्चों में अधिक हो रही है। बच्चे आजकल मोबाइल का इस्तेमाल अधिक करते है जिससे उनकी आंखों पर असर पड़ता है।
आंखों की वजह से सिरदर्द, आंखों में जलन जैसे कई बीमारी हो जाती है। समिति प्रधान नत्थूराम जैन ने कहा कि गोशाला में मुफ्त कैंप लगाय गया। इस तरह के कैंपों का आयोजन समय-समय पर किया जाता है ताकि लोगों को इसका फायदा गांव में मिल सकें।
ग्रामीण गांव में स्वास्थ्य की जांच करवा सकें। मौके पर उचाना से डॉ. आशीष सिंगला, डॉ. सुरेश गुप्ता, डॉ. मीनाक्षी जैन, डॉ. सुनीता गोयल, डॉ. बानिश गर्ग, डॉ. रचित, डॉ. ऋषभ, डॉ. अनिल गुप्ता मौजूद रहे।
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तेरापंथ प्रोफेशनल फॉर्म जींद स्वास्थ्य टीम के डॉ. अनिल जैन ने कहा कि गांव का खान-पान पहले स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता था। अब समय के साथ-साथ इसमें बदलाव हो रहा है। फसल उत्पादन अधिक लेने के लिए खाद अधिक डाली जा रही है उससे स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है।
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बीपी, शुगर सहित कई बीमारी ऐसी है जो खान-पान में हुए बदलाव की वजह से हो रही है। गांव के लोगों भी समय-समय पर बीपी, शुगर की जांच जरूर करवाए। सुबह की सैर जरूर करें। नेत्र संबंधित परेशानी बच्चों में अधिक हो रही है। बच्चे आजकल मोबाइल का इस्तेमाल अधिक करते है जिससे उनकी आंखों पर असर पड़ता है।
आंखों की वजह से सिरदर्द, आंखों में जलन जैसे कई बीमारी हो जाती है। समिति प्रधान नत्थूराम जैन ने कहा कि गोशाला में मुफ्त कैंप लगाय गया। इस तरह के कैंपों का आयोजन समय-समय पर किया जाता है ताकि लोगों को इसका फायदा गांव में मिल सकें।
ग्रामीण गांव में स्वास्थ्य की जांच करवा सकें। मौके पर उचाना से डॉ. आशीष सिंगला, डॉ. सुरेश गुप्ता, डॉ. मीनाक्षी जैन, डॉ. सुनीता गोयल, डॉ. बानिश गर्ग, डॉ. रचित, डॉ. ऋषभ, डॉ. अनिल गुप्ता मौजूद रहे।