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Mahendragarh-Narnaul News: प्रति एकड़ 30 हजार रुपये मुआवजे के लिए किसानों का प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sat, 04 Apr 2026 01:12 AM IST
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फोटो 1मुआवजे की मांग करते किसान संगठन के सदस्य व अन्य।स्रोत प्रवक्ता
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नारनौल। ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के आह्वान पर शुक्रवार को किसानों ने जिला उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान बारिश और ओलावृष्टि से नष्ट फसल का मुआवजा 30 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से देने की मांग की गई। किसानों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपायुक्त कार्यालय के सुपरिटेंडेंट को सौंपा।
जिला सचिव डॉ. व्रतपाल सिंह ने कहा कि प्रभावित गांवों में मुनादी करवाकर किसानों की मौजूदगी में हर खेत की स्पेशल गिरदावरी तुरंत करवाई जाए और रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। उन्होंने शत-प्रतिशत मुआवजा देने की भी मांग की।
अभय सिंह चंदपुरा ने कहा कि जिले में अधिकतर किसान छोटी जोत के हैं, जो सहकारी समितियों और बैंकों से कर्ज लेकर खेती करते हैं। उन्होंने सरकार की 33 प्रतिशत नुकसान की शर्त को गलत बताते हुए वास्तविक नुकसान के अनुपात में मुआवजा देने की मांग की।
ज्ञापन में मांग की गई कि फसल बीमा कंपनियों पर निर्भरता खत्म कर सरकार स्वयं नुकसान का आकलन कर मुआवजा दे। साथ ही किसानों की कर्ज वसूली स्थगित करने, फसलों की खरीद सी2+50 प्रतिशत फार्मूले पर करने और प्रति क्विंटल बोनस देने की मांग भी उठाई गई।
इस दौरान ईश्वर सिंह तोताहेड़ी, जयनारायण, यादराम कोरियावास, छाजूराम रावत, मास्टर बलवंत सिंह उपस्थित थे।
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जिला सचिव डॉ. व्रतपाल सिंह ने कहा कि प्रभावित गांवों में मुनादी करवाकर किसानों की मौजूदगी में हर खेत की स्पेशल गिरदावरी तुरंत करवाई जाए और रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। उन्होंने शत-प्रतिशत मुआवजा देने की भी मांग की।
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अभय सिंह चंदपुरा ने कहा कि जिले में अधिकतर किसान छोटी जोत के हैं, जो सहकारी समितियों और बैंकों से कर्ज लेकर खेती करते हैं। उन्होंने सरकार की 33 प्रतिशत नुकसान की शर्त को गलत बताते हुए वास्तविक नुकसान के अनुपात में मुआवजा देने की मांग की।
ज्ञापन में मांग की गई कि फसल बीमा कंपनियों पर निर्भरता खत्म कर सरकार स्वयं नुकसान का आकलन कर मुआवजा दे। साथ ही किसानों की कर्ज वसूली स्थगित करने, फसलों की खरीद सी2+50 प्रतिशत फार्मूले पर करने और प्रति क्विंटल बोनस देने की मांग भी उठाई गई।
इस दौरान ईश्वर सिंह तोताहेड़ी, जयनारायण, यादराम कोरियावास, छाजूराम रावत, मास्टर बलवंत सिंह उपस्थित थे।