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Mahendragarh-Narnaul News: फास्ट फूड खाने से बच्चों में बढ़ रही दांत सड़न की समस्या
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फोटो संख्या:51- नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़ में बच्चों की दांतों की जांच करता चिकित्सक--संवाद
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महेंद्रगढ़। क्षेत्र में बच्चों के दांतों से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन करीब 15 बच्चे दांत दर्द और सड़न की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। दंत रोग विशेषज्ञों के अनुसार इसका मुख्य कारण बच्चों में फास्ट फूड की बढ़ती आदत और दांतों की सही सफाई न करना है।
दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. रविंद्र कुमार का कहना है कि बाल्य और किशोरावस्था में दांतों की देखभाल बेहद जरूरी है अन्यथा भविष्य में गंभीर दंत रोग और समय से पहले दांत गिरने का खतरा रहता है। दांतों की उचित सफाई न होने से कई प्रकार की बीमारियां हो सकती हैं।
इसके लिए अभिभावकों को बच्चों के दांतों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। अब ओपीडी में प्रतिदिन 15 लोग बच्चों की दांतों की बीमारी लेकर अस्पताल में पहुंच रहे हैं। अगर बाल्यावस्था में बच्चों का विशेष ध्यान रखा जाए तो दांतों का क्रम सही रहता है और उनमें किसी प्रकार की बीमारी नहीं लगती है।
वहीं अधिकतर बच्चों में नियमित रूप से चॉकलेट या टॉफी खाने की आदत मिल रही है जबकि इनमें ब्रश करने की आदत केवल 20 प्रतिशत बच्चों में ही मिली है। खानपान की अव्यवस्थित शैली और सफाई का अभाव ही बच्चों की दांतों का दर्द बन रहा है।
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इन बातों का रखें ध्यान
- दिन में दो बार करीब 2 मिनट तक ब्रश करना चाहिए।
- मीठे पेय पदार्थ, सोडा, कैंडी और स्टार्चयुक्त खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें।
- साल में कम से कम दो बार दंत चिकित्सक से परामर्श लें।
- खाना खाने के बाद दो बार पानी से कुल्ला जरूर करें।
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दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. रविंद्र कुमार का कहना है कि बाल्य और किशोरावस्था में दांतों की देखभाल बेहद जरूरी है अन्यथा भविष्य में गंभीर दंत रोग और समय से पहले दांत गिरने का खतरा रहता है। दांतों की उचित सफाई न होने से कई प्रकार की बीमारियां हो सकती हैं।
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इसके लिए अभिभावकों को बच्चों के दांतों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। अब ओपीडी में प्रतिदिन 15 लोग बच्चों की दांतों की बीमारी लेकर अस्पताल में पहुंच रहे हैं। अगर बाल्यावस्था में बच्चों का विशेष ध्यान रखा जाए तो दांतों का क्रम सही रहता है और उनमें किसी प्रकार की बीमारी नहीं लगती है।
वहीं अधिकतर बच्चों में नियमित रूप से चॉकलेट या टॉफी खाने की आदत मिल रही है जबकि इनमें ब्रश करने की आदत केवल 20 प्रतिशत बच्चों में ही मिली है। खानपान की अव्यवस्थित शैली और सफाई का अभाव ही बच्चों की दांतों का दर्द बन रहा है।
इन बातों का रखें ध्यान
- दिन में दो बार करीब 2 मिनट तक ब्रश करना चाहिए।
- मीठे पेय पदार्थ, सोडा, कैंडी और स्टार्चयुक्त खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें।
- साल में कम से कम दो बार दंत चिकित्सक से परामर्श लें।
- खाना खाने के बाद दो बार पानी से कुल्ला जरूर करें।