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Mahendragarh-Narnaul News: विधि के विद्यार्थियों ने सीखी वकालत की बारीकियां, तर्कशक्ति का हुआ परीक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sun, 29 Mar 2026 11:31 PM IST
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फोटो संख्या:52- हकेवि में आयोजित मूट कोर्ट प्रतियोगिता के उद्घाटन सत्र में विशिष्ट अतिथि राकेश
- फोटो : सांकेतिक
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महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि) की विधि पीठ की ओर से शनिवार को प्रथम राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों की 20 टीमों ने भाग लिया। इस दौरान विधि के विद्यार्थियों ने वकालत की बारीकियां सीखीं। विद्यार्थियों में विधि व्यवसाय के मुख्य बिंदु तर्कशक्ति का परीक्षण किया गया।
प्रवक्ता नीरज करण सिंह ने बताया कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सेंटर फॉर इंडियन नॉलेज सिस्टम के निदेशक प्रो. आनंद शर्मा। विशिष्ट अतिथि जिला न्यायालय नारनौल से वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश मेहता रहे। विधि पीठ के अधिष्ठाता व विभागाध्यक्ष प्रो. प्रदीप सिंह ने कहा कि मूट कोर्ट प्रतियोगिता विधि विद्यार्थियों की प्रयोगशाला है।
मुख्य अतिथि प्रो. आनंद शर्मा ने कहा कि मूट कोर्ट प्रतियोगिताएं युवा विधि विद्यार्थियों को वकालत की बारीकियों को समझने और अपनी अधिवक्ता क्षमता को निखारने का उत्कृष्ट अवसर प्रदान करती हैं।
उन्होंने जस्टिस और न्याय की भारतीय अवधारणा का उल्लेख कर विद्यार्थियों को समाज के वंचित वर्गों तक न्याय पहुंचाने के लिए समर्पित रहने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि राकेश मेहता ने अपने व्यावहारिक अनुभव साझा किए और प्रतिभागियों को विधि व्यवसाय में अनुशासन, परिश्रम और तर्कशक्ति के महत्व से अवगत कराया। कार्यक्रम में डॉ. धर्मपाल, राकेश मीना, डॉ. अंजू व अन्य प्रोफेसर मौजूद रहे।
डॉ. समीक्षा ने बताया कि प्रतियोगिता में बनस्थली विद्यापीठ, जीडी गोयनका, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू), बाबू बनारसी दास, केशव मेमोरियल, केएलई लॉ कॉलेज बंगलुरू, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय, यूपीएसआईएफएस लखनऊ, एसआरएम सोनीपत, केआर मंगलम एवं एमिटी यूनिवर्सिटी पंजाब आदि टीमों ने भाग लिया।
वर्जन
संस्थान में विधि विभाग की ओर से पहली बार मूट कोर्ट प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें देश के विभिन्न राज्यों से विश्वविद्यालयों की टीमों ने हिस्सा लिया और यहां पर वकालत की प्रक्रिया और इस दौरान प्रमुख पहलुओं का सही उपयोग व अनुशासन के बारे में जानकारी ली। इससे विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष तौर पर अदालती कार्रवाई का अनुभव भी मिला है।-प्रो. डॉ. टंकेश्वर कुमार, कुलपति, हकेंवि।
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प्रवक्ता नीरज करण सिंह ने बताया कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सेंटर फॉर इंडियन नॉलेज सिस्टम के निदेशक प्रो. आनंद शर्मा। विशिष्ट अतिथि जिला न्यायालय नारनौल से वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश मेहता रहे। विधि पीठ के अधिष्ठाता व विभागाध्यक्ष प्रो. प्रदीप सिंह ने कहा कि मूट कोर्ट प्रतियोगिता विधि विद्यार्थियों की प्रयोगशाला है।
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मुख्य अतिथि प्रो. आनंद शर्मा ने कहा कि मूट कोर्ट प्रतियोगिताएं युवा विधि विद्यार्थियों को वकालत की बारीकियों को समझने और अपनी अधिवक्ता क्षमता को निखारने का उत्कृष्ट अवसर प्रदान करती हैं।
उन्होंने जस्टिस और न्याय की भारतीय अवधारणा का उल्लेख कर विद्यार्थियों को समाज के वंचित वर्गों तक न्याय पहुंचाने के लिए समर्पित रहने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि राकेश मेहता ने अपने व्यावहारिक अनुभव साझा किए और प्रतिभागियों को विधि व्यवसाय में अनुशासन, परिश्रम और तर्कशक्ति के महत्व से अवगत कराया। कार्यक्रम में डॉ. धर्मपाल, राकेश मीना, डॉ. अंजू व अन्य प्रोफेसर मौजूद रहे।
डॉ. समीक्षा ने बताया कि प्रतियोगिता में बनस्थली विद्यापीठ, जीडी गोयनका, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू), बाबू बनारसी दास, केशव मेमोरियल, केएलई लॉ कॉलेज बंगलुरू, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय, यूपीएसआईएफएस लखनऊ, एसआरएम सोनीपत, केआर मंगलम एवं एमिटी यूनिवर्सिटी पंजाब आदि टीमों ने भाग लिया।
वर्जन
संस्थान में विधि विभाग की ओर से पहली बार मूट कोर्ट प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें देश के विभिन्न राज्यों से विश्वविद्यालयों की टीमों ने हिस्सा लिया और यहां पर वकालत की प्रक्रिया और इस दौरान प्रमुख पहलुओं का सही उपयोग व अनुशासन के बारे में जानकारी ली। इससे विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष तौर पर अदालती कार्रवाई का अनुभव भी मिला है।-प्रो. डॉ. टंकेश्वर कुमार, कुलपति, हकेंवि।