सब्सक्राइब करें

Prince Yadav: सपना पूरा करने के लिए छोड़ी कांस्टेबल की परीक्षा, पीठ पर वजन लादकर की प्रैक्टिस; अब IPL में चमके

स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Mayank Tripathi Updated Tue, 07 Apr 2026 04:54 PM IST
सार

नजफगढ़ के युवा तेज गेंदबाज प्रिंस यादव ने कांस्टेबल की परीक्षा छोड़कर क्रिकेट पर दांव लगाया और अब लखनऊ सुपर जाएंट्स के लिए खेलते हुए आईपीएल में अपनी पहचान बना ली। कड़ी मेहनत, कोच अमित वशिष्ठ और प्रदीप सांगवान के मार्गदर्शन से उन्होंने टेनिस बॉल क्रिकेट से प्रोफेशनल स्तर तक का सफर तय किया।

विज्ञापन
IPL 2026 LSG Bowler Prince Yadav Story Cricket Career Journey Struggle Success
प्रिंस यादव - फोटो : IPL/BCCI
कुछ साल पहले तक नजफगढ़ में रहने वाले रेलवे सुरक्षा बल के सहायक सब इंस्पेक्टर (एएसआई) राम निवास यादव अपने सबसे छोटे बेटे प्रिंस के भविष्य को लेकर बेहद चिंतित थे, जिसकी दिलचस्पी केवल टेनिस बॉल टूर्नामेंट में यॉर्कर गेंदबाजी करने में थी। लेकिन इस युवा क्रिकेटर को खुद पर भरोसा था और उसने अपने पिता से सीधे शब्दों में कह दिया, 'आप मेरी चिंता करना छोड़ दो। मैं अपने से कुछ कर लूंगा।'
Trending Videos
IPL 2026 LSG Bowler Prince Yadav Story Cricket Career Journey Struggle Success
प्रिंस यादव - फोटो : IANS
बेटे के भविष्य को लेकर चिंतित थे पिता
साल 2026 में वह बेपरवाह दिखने वाला लड़का अपने वादे पर खरा उतर चुका है। लखनऊ सुपर जाएंट्स के इस स्विंग गेंदबाज का नाम है प्रिंस यादव, जो आईपीएल में अक्षर पटेल और ईशान किशन जैसे अनुभवी भारतीय बल्लेबाजों के डिफेंस को भेदने में सफल रहा। प्रिंस के पिता रामनिवास ने कहा, 'कोई भी पिता अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित होगा और मैं भी था। 18 साल की उम्र तक उसने चमड़े की गेंद से एक बार भी गेंदबाजी नहीं की थी। मैंने उसे दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल की परीक्षा में बैठने के लिए मजबूर किया। वह शारीरिक रूप से फिट था, लेकिन लिखित परीक्षा के लिए अच्छी तरह से तैयार नहीं था क्योंकि उसका ध्यान कहीं और था।'

जब बेटे के जुनून के आगे झुके पिता
रामनिवास ने आखिर अपने बेटे की जिद मान ली क्योंकि उनके पास अपने बेटे का साथ देने के अलावा कोई और विकल्प नहीं था। उन्होंने कहा, 'बेटे की जिद है और हमें पूरा करना था। एक एएसआई के वेतन में कितना ही गुजारा हो पाता है। लेकिन मुझे खुशी है कि मैंने उसे अपनी इच्छा पूरी करने दी।'
विज्ञापन
विज्ञापन
IPL 2026 LSG Bowler Prince Yadav Story Cricket Career Journey Struggle Success
प्रिंस यादव - फोटो : IANS
इन दोनों ने प्रिंस के करियर को संवारा
प्रिंस के शानदार प्रदर्शन के बाद अब नजफगढ़ के खेड़ा डाबर गांव से भी लोग उनके घर पर बधाई देने के लिए आने लगे हैं। उन्होंने कहा, 'पहले हमारे इस इलाके को लोग इसलिए जानते थे क्योंकि पूर्व राष्ट्रपति साहिबा (प्रतिभा पाटिल) चौधरी ब्रह्म प्रकाश आयुर्वेदिक संस्थान का उद्घाटन करने (2012में) यहां आई थी। अब हमारा इलाका क्रिकेट के लिए फेमस हो गया है।' राम निवास के अनुसार प्रिंस के पहले और अब तक के एकमात्र कोच अमित वशिष्ठ और भारत के अंडर-19 विश्व कप विजेता तेज गेंदबाज प्रदीप सांगवान ने उनके खेल में निखार लाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा, 'मैं अमित सर का जितना भी शुक्रिया अदा करूं, कम है। उन्होंने प्रिंस को टेनिस टूर्नामेंट खेलते हुए देखा और उसे नजफगढ़ स्थित अपनी अकादमी से जुड़ने के लिए कहा। प्रदीप जी (सांगवान) भी अमित सर के शिष्य थे और उन्होंने प्रिंस को फिटनेस में मदद की।'

रेत की बोरी बांधकर की प्रैक्टिस
एक समय ऐसा भी था जब प्रिंस अपनी पीठ पर रेत की बोरी बांधकर धान के खेतों में दौड़ते थे ताकि उनके शरीर का ऊपरी हिस्सा मजबूत बन जाए। रामनिवास ने कहा, 'प्रदीप ने उसका बहुत मार्गदर्शन किया और अमित सर ने उसके खेल में सुधार किया। मैं डीपीएल (दिल्ली प्रीमियर लीग) और नयी दिल्ली टीम को कैसे भूल सकता हूं। अगर डीपीएल नहीं होता, तो मुझे नहीं लगता कि मेरे बेटे की प्रगति इतनी तेज होती। इसलिए मैं डीडीसीए और विजय दहिया सर का भी आभारी हूं।'
IPL 2026 LSG Bowler Prince Yadav Story Cricket Career Journey Struggle Success
लखनऊ के खिलाड़ियों के साथ प्रिंस यादव - फोटो : IANS
प्रिंस की सफलता पर क्या बोले कोच वशिष्ठ?
प्रिंस के कोच वशिष्ठ ने कहा, 'वह यॉर्कर गेंदें फेंक सकता था और टेनिस बॉल को भी अच्छी गति से स्विंग करा सकता था। जब मैंने उसे देखा तो मैंने उसके दोस्तों से कहा कि वे उसे मुझसे मिलने के लिए कहें। वह पहले से ही 18 साल का था और उसके पास अपनी काबिलियत साबित करने के लिए बहुत कम समय था।' वशिष्ठ को लगता है कि प्रिंस की कड़ी मेहनत करने की क्षमता ही उन्हें दूसरों से अलग बनाती है। उन्होंने कहा, 'वह कड़ी मेहनत करने से पीछे नहीं हटा। वह दिल्ली की भीषण गर्मी में भी दो घंटे गेंदबाजी कर सकता है। प्रदीप के साथ काम करने से उसकी फिटनेस में सुधार हुआ है। वह जहीर खान और भरत अरुण से भी टिप्स ले चुका है। अब उसकी सफलता की कोई सीमा नहीं है।'
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें क्रिकेट समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। क्रिकेट जगत की अन्य खबरें जैसे क्रिकेट मैच लाइव स्कोरकार्ड, टीम और प्लेयर्स की आईसीसी रैंकिंग आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed