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Mahendragarh-Narnaul News: पौधों से प्रेम ने घर की दीवारों पर बिखेरी हरियाली
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महेंद्रगढ़। शहर निवासी पूनम यादव ने बगिया के शौक घर की दीवारों को भी पौधों से भर दिया। पौधे लगाने का मुख्य मकसद परिवार के साथ समय बिताना है। अब शौक भी पूरा हो रहा है और परिवार के साथ समय बिताने का मौका भी मिल रहा है।
बता दें कि पूनम यादव शहर स्थित प्राथमिक पाठशाला में प्राचार्या हैं। उनको घर को हरा-भरा रखना पसंद है इसके चलते एक साल पहले ही उन्होंने घर पर पौधे लगाए। उनके पति दिनेश यादव पलवल में डीएसपी हैं जबकि ससुर भाईराम सिंह पूर्व जिला प्रधान रह चुके हैं। पूनम का पूरा समय स्कूल और घर के कामों में बीत जाता है और इससे उनको शौक पूरा करने का समय नहीं मिलता है। पिछले साल उन्होंने घर पर पौधे लगाए और इसमें उनके ससुर का सहयोग रहा। अब प्रतिदिन वह अपने ससुर और बच्चों के साथ बगिया में समय बिताती हैं।
सभी प्रतिदिन पौधों में पानी डालते हैं। इसमें बच्चों को इंडोर पौधों, ससुर को जमीन पर लगे पौधें और स्वयं बालकनी में लगे पौधों की गुड़ाई व सिंचाई का कार्य करती हैं। प्रतिदिन सभी अपने पौधों की देखभाल करते हैं और बाद में चाय के साथ पौधों की सेहत पर चर्चा करते हैं। इसी में ही घर अन्य बातें भी होती हैं। पति भी जब घर आते हैं तो उनके साथ बागवानी में कार्य करते हैं। पूनम ने घर में गुलाब, सदाबहार, स्पाइडर प्लांट, करी पत्ता, पर्पल हार्ट, टर्टल वाइन, मनी प्लांट, सिंगोनियम, डिफनबेकिया, लक्की बंबू, तुलसी, शमी, अपराजिता, स्नेक प्लांट, गुड़हल, रेन लीली, जेड प्लांट आदि पौधे लगाए हुए हैं। अब पौधों में डोरमेंसी पीरियड के चलते ग्रोथ रुकी हुई है और मार्च माह में डोरमेंसी खुलते ही पौधों की वृद्धि शुरू होगी। फिलहाल पौधों की कटाई और गुड़ाई कर खाद डाली गई है।
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एक साल पुराने पौधों की करें रिपोटिंग
उनका कहना है कि एक साल तक पौधों के एक ही गमले में रहने से जड़ों का जाल बन जाता है इससे पौधों की ग्रोथ रुक जाती है। एक साल बाद पौधों की रिपोटिंग जरूर करनी चाहिए इसमें मिट्टी का मिश्रण पौधों के साइज के अनुसार खाद, मिट्टी, कोकोपीट आदि से बनाएं जिससे पौधों की वृद्धि होगी और आगामी सीजन में घने व हरे होंगे। रिपोटिंग के बाद पौधों को दो दिन तक अधिक धूप से बचाएं। पानी का विशेष ध्यान रखें।
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बता दें कि पूनम यादव शहर स्थित प्राथमिक पाठशाला में प्राचार्या हैं। उनको घर को हरा-भरा रखना पसंद है इसके चलते एक साल पहले ही उन्होंने घर पर पौधे लगाए। उनके पति दिनेश यादव पलवल में डीएसपी हैं जबकि ससुर भाईराम सिंह पूर्व जिला प्रधान रह चुके हैं। पूनम का पूरा समय स्कूल और घर के कामों में बीत जाता है और इससे उनको शौक पूरा करने का समय नहीं मिलता है। पिछले साल उन्होंने घर पर पौधे लगाए और इसमें उनके ससुर का सहयोग रहा। अब प्रतिदिन वह अपने ससुर और बच्चों के साथ बगिया में समय बिताती हैं।
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सभी प्रतिदिन पौधों में पानी डालते हैं। इसमें बच्चों को इंडोर पौधों, ससुर को जमीन पर लगे पौधें और स्वयं बालकनी में लगे पौधों की गुड़ाई व सिंचाई का कार्य करती हैं। प्रतिदिन सभी अपने पौधों की देखभाल करते हैं और बाद में चाय के साथ पौधों की सेहत पर चर्चा करते हैं। इसी में ही घर अन्य बातें भी होती हैं। पति भी जब घर आते हैं तो उनके साथ बागवानी में कार्य करते हैं। पूनम ने घर में गुलाब, सदाबहार, स्पाइडर प्लांट, करी पत्ता, पर्पल हार्ट, टर्टल वाइन, मनी प्लांट, सिंगोनियम, डिफनबेकिया, लक्की बंबू, तुलसी, शमी, अपराजिता, स्नेक प्लांट, गुड़हल, रेन लीली, जेड प्लांट आदि पौधे लगाए हुए हैं। अब पौधों में डोरमेंसी पीरियड के चलते ग्रोथ रुकी हुई है और मार्च माह में डोरमेंसी खुलते ही पौधों की वृद्धि शुरू होगी। फिलहाल पौधों की कटाई और गुड़ाई कर खाद डाली गई है।
एक साल पुराने पौधों की करें रिपोटिंग
उनका कहना है कि एक साल तक पौधों के एक ही गमले में रहने से जड़ों का जाल बन जाता है इससे पौधों की ग्रोथ रुक जाती है। एक साल बाद पौधों की रिपोटिंग जरूर करनी चाहिए इसमें मिट्टी का मिश्रण पौधों के साइज के अनुसार खाद, मिट्टी, कोकोपीट आदि से बनाएं जिससे पौधों की वृद्धि होगी और आगामी सीजन में घने व हरे होंगे। रिपोटिंग के बाद पौधों को दो दिन तक अधिक धूप से बचाएं। पानी का विशेष ध्यान रखें।