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गीता से दूर होने के कारण बढ़ रही मन की अशांति : स्वामी ज्ञानानंद
Thu, 13 Aug 2026 12:33 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Thu, 13 Aug 2026 12:33 AM IST
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नारनौल। श्रीकृष्ण कृपा जीओ गीता परिवार की ओर से मंगलवार रात रेवाड़ी रोड स्थित सीएल फार्म में तीन दिवसीय दिव्य गीता सत्संग कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ नगर परिषद अध्यक्ष कमलेश सैनी सहित अन्य गणमान्य लोगों ने विधिवत रूप से श्रीमद्भागवत गीता का पूजन कर किया।
इसके बाद गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने श्रद्धालुओं को गीता के महत्व और मन की शांति के मूलमंत्र के बारे में विस्तार से बताया। स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि मनुष्य के शरीर की अनेक बीमारियों का उपचार चिकित्सक और वैज्ञानिक कर सकते हैं, लेकिन मन की अशांति का स्थायी समाधान केवल भगवद् गीता के ज्ञान में मिलता है।
उन्होंने कहा कि आज अधिकांश लोग मानसिक अशांति से जूझ रहे हैं और इसका एक प्रमुख कारण गीता के ज्ञान तथा सत्संग से दूरी बनना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में युवा पीढ़ी के लिए गीता का अध्ययन और सत्संग बेहद जरूरी है। गीता और सत्संग से दूरी के कारण युवाओं में जिद और असहनशीलता बढ़ रही है। अंत में आरती हुई तथा श्रद्धालुओं को भोजन रूपी प्रसाद वितरित किया गया। संस्था के संरक्षक डॉ. अशोक आहुजा ने शहरवासियों से आगामी सत्संग में पहुंचकर गीता ज्ञान का लाभ लेने का आह्वान किया।
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इसके बाद गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने श्रद्धालुओं को गीता के महत्व और मन की शांति के मूलमंत्र के बारे में विस्तार से बताया। स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि मनुष्य के शरीर की अनेक बीमारियों का उपचार चिकित्सक और वैज्ञानिक कर सकते हैं, लेकिन मन की अशांति का स्थायी समाधान केवल भगवद् गीता के ज्ञान में मिलता है।
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उन्होंने कहा कि आज अधिकांश लोग मानसिक अशांति से जूझ रहे हैं और इसका एक प्रमुख कारण गीता के ज्ञान तथा सत्संग से दूरी बनना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में युवा पीढ़ी के लिए गीता का अध्ययन और सत्संग बेहद जरूरी है। गीता और सत्संग से दूरी के कारण युवाओं में जिद और असहनशीलता बढ़ रही है। अंत में आरती हुई तथा श्रद्धालुओं को भोजन रूपी प्रसाद वितरित किया गया। संस्था के संरक्षक डॉ. अशोक आहुजा ने शहरवासियों से आगामी सत्संग में पहुंचकर गीता ज्ञान का लाभ लेने का आह्वान किया।
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