{"_id":"6a021b7baa803ee77c05dca8","slug":"new-vegetable-market-remains-incomplete-even-after-nine-years-the-foundation-stone-plaque-has-become-its-sole-identity-narnol-news-c-196-1-nnl1004-139770-2026-05-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: नौ साल बाद भी अधूरी नई सब्जी मंडी, शिलान्यास पट्ट ही बना पहचान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: नौ साल बाद भी अधूरी नई सब्जी मंडी, शिलान्यास पट्ट ही बना पहचान
विज्ञापन
फोटो 21 पूर्णमल, सब्जी विक्रेता।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
मंडी अटेली। नई सब्जी मंडी का सपना नौ साल से अधूरा पड़ा हुआ है। वर्ष 2017 में तत्कालीन डिप्टी स्पीकर संतोष यादव ने मंडी का शिलान्यास किया था लेकिन आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया। मौके पर केवल शिलान्यास पट्ट ही दिखाई देता है।
योजना के तहत 15 आधुनिक दुकानों का निर्माण होना था ताकि लोगों को एक ही जगह पर फल और सब्जियां मिल सकें। प्रशासन ने 2019 और 2021 में दुकानों की बोली भी करवाई जिसमें कुछ दुकानों की कीमत 56 लाख रुपये तक पहुंच गई। इसके बावजूद नौ दुकानों की बोली अब भी बाकी है और काम अटका हुआ है।
क्षेत्र के लोगों में इसको लेकर नाराजगी है। उनका कहना है कि अटेली विधानसभा क्षेत्र होने के बावजूद विकास कार्य धीमी गति से चल रहे हैं। फिलहाल लोग पुरानी मंडी और अलग-अलग जगहों पर लगी रेहड़ियों से खरीदारी करने को मजबूर हैं।
वर्जन:
तकनीकी खामियों की वजह से दुकानों को लेकर बाधा है। इसकी फाइल मार्केटिंग बोर्ड में भेज रखी है। जैसे ही तकनीकी कमियां दूर होगी उसके बाद और दुकान भी अलाॅट की जाएगी जो दुकानें बनी हुई है वह कभी भी लाइसेंस लेकर अपना काम शुरू कर सकते हैं। -अनिल कुमार, सुपरवाइजर मार्केट कमेटी, मंडी अटेली
बॉक्स
सब्जी मंडी का शिलान्यास होने पर सब्जी विक्रेता को खुशी मिली थी लेकिन सालों का समय बीत जाने के बाद भी अभी तक कोई सुविधा उपलब्ध नहीं हुईं हैं। ऐसे हालात में इधर उधर सड़क किनारे ही सब्जियां बेचने को मजबूर हैं। -पूर्णमल, सब्जी विक्रेता
बॉक्स
नौ सालों से नागरिक सब्जी मंडी का इंतजार कर रहे हैं लेकिन अभी चालू होने का मामला ठंड बस्ते में पड़ा हुआ है, मंडी तो चालू नहीं हुई लेकिन दुकानों की कीमत में दो गुणा बढ़ोतरी हो गई जो अब खरीदना मुश्किल हो गया। -सुबेसिंह, सब्जी विक्रेता
Trending Videos
योजना के तहत 15 आधुनिक दुकानों का निर्माण होना था ताकि लोगों को एक ही जगह पर फल और सब्जियां मिल सकें। प्रशासन ने 2019 और 2021 में दुकानों की बोली भी करवाई जिसमें कुछ दुकानों की कीमत 56 लाख रुपये तक पहुंच गई। इसके बावजूद नौ दुकानों की बोली अब भी बाकी है और काम अटका हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन
क्षेत्र के लोगों में इसको लेकर नाराजगी है। उनका कहना है कि अटेली विधानसभा क्षेत्र होने के बावजूद विकास कार्य धीमी गति से चल रहे हैं। फिलहाल लोग पुरानी मंडी और अलग-अलग जगहों पर लगी रेहड़ियों से खरीदारी करने को मजबूर हैं।
वर्जन:
तकनीकी खामियों की वजह से दुकानों को लेकर बाधा है। इसकी फाइल मार्केटिंग बोर्ड में भेज रखी है। जैसे ही तकनीकी कमियां दूर होगी उसके बाद और दुकान भी अलाॅट की जाएगी जो दुकानें बनी हुई है वह कभी भी लाइसेंस लेकर अपना काम शुरू कर सकते हैं। -अनिल कुमार, सुपरवाइजर मार्केट कमेटी, मंडी अटेली
बॉक्स
सब्जी मंडी का शिलान्यास होने पर सब्जी विक्रेता को खुशी मिली थी लेकिन सालों का समय बीत जाने के बाद भी अभी तक कोई सुविधा उपलब्ध नहीं हुईं हैं। ऐसे हालात में इधर उधर सड़क किनारे ही सब्जियां बेचने को मजबूर हैं। -पूर्णमल, सब्जी विक्रेता
बॉक्स
नौ सालों से नागरिक सब्जी मंडी का इंतजार कर रहे हैं लेकिन अभी चालू होने का मामला ठंड बस्ते में पड़ा हुआ है, मंडी तो चालू नहीं हुई लेकिन दुकानों की कीमत में दो गुणा बढ़ोतरी हो गई जो अब खरीदना मुश्किल हो गया। -सुबेसिंह, सब्जी विक्रेता