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Mahendragarh-Narnaul News: हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में उन्मुखीकरण व संवेदनशीलता कार्यक्रम का शुभारंभ
Wed, 29 Jul 2026 12:37 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Wed, 29 Jul 2026 12:37 AM IST
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महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के यूजीसी-मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र और पूर्णिमा विश्वविद्यालय जयपुर के शैक्षणिक सहयोग से आयोजित 37वें राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 उन्मुखीकरण व संवेदनशीलता कार्यक्रम का शुभारंभ ऑनलाइन माध्यम से हुआ। इसमें देशभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों के 76 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है।
मुख्य अतिथि हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने उच्च शिक्षा में शिक्षकों की बदलती भूमिका पर कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान प्रदान करने वाला नहीं, बल्कि सृजनकर्ता, मार्गदर्शक और सीखने की प्रक्रिया का सुगमकर्ता भी होता है।
शिक्षक ज्ञान के उत्पादक, शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया के संचालक तथा शैक्षणिक उत्कृष्टता के निर्माता के रूप में बहुआयामी भूमिका निभाते हैं। उन्होंने मल्टीपल एंट्री एवं मल्टीपल एग्जिट प्रणाली की महत्ता पर प्रकाश डाला।
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विशिष्ट अतिथि एफसीई एवं एफईटी, पूर्णिमा विश्वविद्यालय जयपुर के प्रो-प्रेसिडेंट डॉ. मनोज गुप्ता ने लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम के प्रभावी उपयोग को शिक्षण-अधिगम गतिविधियों की योजना, संचालन, निगरानी एवं मूल्यांकन का सशक्त माध्यम बताया।
कार्यक्रम का शुभारंभ हकेंवि में यूजीसी-एमएमटीटीसी के निदेशक एवं शिक्षक शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. प्रमोद कुमार के स्वागत उद्बोधन से हुआ।
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मुख्य अतिथि हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने उच्च शिक्षा में शिक्षकों की बदलती भूमिका पर कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान प्रदान करने वाला नहीं, बल्कि सृजनकर्ता, मार्गदर्शक और सीखने की प्रक्रिया का सुगमकर्ता भी होता है।
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शिक्षक ज्ञान के उत्पादक, शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया के संचालक तथा शैक्षणिक उत्कृष्टता के निर्माता के रूप में बहुआयामी भूमिका निभाते हैं। उन्होंने मल्टीपल एंट्री एवं मल्टीपल एग्जिट प्रणाली की महत्ता पर प्रकाश डाला।
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विशिष्ट अतिथि एफसीई एवं एफईटी, पूर्णिमा विश्वविद्यालय जयपुर के प्रो-प्रेसिडेंट डॉ. मनोज गुप्ता ने लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम के प्रभावी उपयोग को शिक्षण-अधिगम गतिविधियों की योजना, संचालन, निगरानी एवं मूल्यांकन का सशक्त माध्यम बताया।
कार्यक्रम का शुभारंभ हकेंवि में यूजीसी-एमएमटीटीसी के निदेशक एवं शिक्षक शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. प्रमोद कुमार के स्वागत उद्बोधन से हुआ।