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Mahendragarh-Narnaul News: चिराग योजना में दाखिलों के बाद अब निजी स्कूलों को करना होगा डेटा अपडेट
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 12 May 2026 11:50 PM IST
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फोटो नंबर-18जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय।
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नारनौल। मुख्यमंत्री हरियाणा समान शिक्षा राहत, सहायता एवं अनुदान (चिराग) योजना के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए दाखिला प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब शिक्षा विभाग की नजर निजी स्कूलों की ओर से पोर्टल पर अपलोड किए जाने वाले डेटा पर टिक गई है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि जब तक स्कूल दाखिलों का पूरा विवरण एमआईएस पोर्टल पर अपडेट नहीं करेंगे, तब तक उन्हें फीस प्रतिपूर्ति राशि का क्लेम जारी नहीं किया जाएगा।
जिले में योजना के तहत करीब 36 निजी स्कूलों ने सहमति देते हुए कक्षा 6 से 12वीं तक की लगभग 1532 सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए निर्धारित की थीं।
विभागीय निर्देशानुसार पात्र विद्यार्थियों को 30 अप्रैल तक दाखिले भी दे दिए गए, लेकिन अब तक अधिकांश स्कूलों ने दाखिलों का पूरा रिकॉर्ड विभाग को उपलब्ध नहीं कराया है।
इसी को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा निदेशालय ने जिला शिक्षा अधिकारियों और खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि स्कूलों से रोजाना रिपोर्ट लेकर 23 मई तक पोर्टल पर डेटा अपडेट करवाना सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए विभाग ने विशेष कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने के भी निर्देश दिए हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. विश्वेश्वर कौशिक ने बताया कि चिराग योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में निशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि संबंधित खंड अधिकारियों को अपने क्षेत्र के स्कूलों से समन्वय कर समय पर डेटा अपडेट करवाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि स्कूलों को फीस प्रतिपूर्ति प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
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विभाग ने स्पष्ट किया है कि जब तक स्कूल दाखिलों का पूरा विवरण एमआईएस पोर्टल पर अपडेट नहीं करेंगे, तब तक उन्हें फीस प्रतिपूर्ति राशि का क्लेम जारी नहीं किया जाएगा।
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जिले में योजना के तहत करीब 36 निजी स्कूलों ने सहमति देते हुए कक्षा 6 से 12वीं तक की लगभग 1532 सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए निर्धारित की थीं।
विभागीय निर्देशानुसार पात्र विद्यार्थियों को 30 अप्रैल तक दाखिले भी दे दिए गए, लेकिन अब तक अधिकांश स्कूलों ने दाखिलों का पूरा रिकॉर्ड विभाग को उपलब्ध नहीं कराया है।
इसी को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा निदेशालय ने जिला शिक्षा अधिकारियों और खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि स्कूलों से रोजाना रिपोर्ट लेकर 23 मई तक पोर्टल पर डेटा अपडेट करवाना सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए विभाग ने विशेष कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने के भी निर्देश दिए हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. विश्वेश्वर कौशिक ने बताया कि चिराग योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में निशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि संबंधित खंड अधिकारियों को अपने क्षेत्र के स्कूलों से समन्वय कर समय पर डेटा अपडेट करवाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि स्कूलों को फीस प्रतिपूर्ति प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी न हो।