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Mahendragarh-Narnaul News: जन्मतिथि सुधार के लिए देर से की गई अपील को कोर्ट ने किया खारिज
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Wed, 01 Apr 2026 11:47 PM IST
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नारनौल। जन्मतिथि में सुधार के लिए दायर अपील को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि वादी ने निर्धारित समय सीमा के काफी बाद मुकदमा दायर किया, इसलिए उसे राहत नहीं दी जा सकती।
पुष्पा ने अपने शैक्षणिक प्रमाणपत्रों में दर्ज जन्मतिथि को गलत बताते हुए सुधार कराने का आग्रह किया था। स्कूल रिकॉर्ड में उनकी जन्मतिथि 21 जनवरी 1987 दर्ज है जबकि उन्होंने अपने जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड के आधार पर 25 मई 1991 को सही बताया।
इस संबंध में वादी ने पहले सिविल कोर्ट में मामला दायर किया था, जिसे 6 अप्रैल 2022 को खारिज कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने फैसले को चुनौती देते हुए अपील दायर की।
सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि वादी 25 मई 2009 को बालिग हो चुकी थी और कानून के अनुसार उसे तीन साल के भीतर यानी 25 मई 2012 तक जन्मतिथि सुधार के लिए दावा करना चाहिए था। वादी ने यह मुकदमा 30 अक्तूबर 2018 को दायर किया, जो तय समय सीमा से काफी देर बाद था। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि समय सीमा के बाद दायर किए गए ऐसे मामलों में राहत नहीं दी जा सकती है।
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पुष्पा ने अपने शैक्षणिक प्रमाणपत्रों में दर्ज जन्मतिथि को गलत बताते हुए सुधार कराने का आग्रह किया था। स्कूल रिकॉर्ड में उनकी जन्मतिथि 21 जनवरी 1987 दर्ज है जबकि उन्होंने अपने जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड के आधार पर 25 मई 1991 को सही बताया।
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इस संबंध में वादी ने पहले सिविल कोर्ट में मामला दायर किया था, जिसे 6 अप्रैल 2022 को खारिज कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने फैसले को चुनौती देते हुए अपील दायर की।
सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि वादी 25 मई 2009 को बालिग हो चुकी थी और कानून के अनुसार उसे तीन साल के भीतर यानी 25 मई 2012 तक जन्मतिथि सुधार के लिए दावा करना चाहिए था। वादी ने यह मुकदमा 30 अक्तूबर 2018 को दायर किया, जो तय समय सीमा से काफी देर बाद था। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि समय सीमा के बाद दायर किए गए ऐसे मामलों में राहत नहीं दी जा सकती है।