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Mahendragarh-Narnaul News: नाटक और शार्ट फिल्मों से रंगकर्मी अनिल ने दिलाई हरियाणवी संस्कृति को पहचान
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Fri, 27 Mar 2026 12:01 AM IST
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फोटो संख्या:54 अनिल कौशिक
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महेंद्रगढ़। महेंद्रगढ़ निवासी रंगकर्मी अनिल कौशिक ने 10 से अधिक प्रसिद्ध धारावाहिकों, नाटक एवं शॉर्ट फिल्मों के माध्यम से हरियाणवी संस्कृति को पहचान दिलाई है। उन्होंने 15 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय अवाॅर्ड भी अपने नाम किए हैं।
रंगमंच को अपने अभिनय ओर निर्देशन से पहचान दिलाने वाले अनिल कौशिक का कहना है कि रंगमंच मनोरंजन के साथ-साथ शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और आत्म सुधार का काम करता है। रंगमंच संवाद सहानुभूति रचनात्मक और आत्म विश्वास को बढ़ाता है।
यह समाज का दर्पण है जो लोगों को जागरूक और एकजुट करता है। रंगमंच केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि मानव अनुभव को समझने ओर बेतर समाज बनाने का सशक्त जरिया है। हरियाणा सरकार में निदेशक हरियाणा कला परिषद वाईसीओ के पद पर रहते हुए उन्होंने रंगमंच को बढ़ावा देने के अनेक कीर्तिमान स्थापित किए।
रंगकर्मी अनिल कौशिक की ओर से निर्देशित नाटक अश्वथामा, रस गंधर्व, रिपुदमन, नील पक्षी ने राष्ट्र स्तर पर पदक प्राप्त कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। हाल ही में उनके द्वारा निर्देशित लाइट एंड साउंड शो रामगुरुकुल गमन का राष्ट्र स्तर पर सफल मंचन किया जा रहा है। यह रामगुरुकुल गमन नशों के विरूद्ध एक अभियान के रूप में कार्य कर रहा है। इसके अतिरिक्त दो दर्जन से भी अधिक नाटकों का सफल मंचन कौशिक द्वारा किया जा चुका है।
टीवी पर भी दिलाई जिले को विशेष पहचान
अनिल कौशिक ने थियेटर के साथ-साथ धारावाहिक और टेली फिल्मों में भी जिले को विशेष पहचान दिलाई है। अपने जमाने के प्रसिद्ध धारावाहिक टीपू सुल्तान, मिस्टर सीएम के साथ-साथ टेली फिल्म पहल, सपने सच होने चाहिए, हम बाेलेगा तो बोलोगे बोलता है.. में भी अभिनय पटकथा लेखन व कास्टिंग डायरेक्टर की भूमिका निभा चुके हैं। हरियाणवी संस्कृति एवं कला को विशेष पहचान दिलाने के लिए मेलबाॅर्न आस्ट्रेलिया से अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिलने के साथ-साथ गवर्नर अवार्ड, फिल्म फेस्टिवल में आइकॉन अवार्ड, हरियाणा गौरव अवार्ड सहित 15 से अधिक अवार्ड मिल चुके हैं।
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यह समाज का दर्पण है जो लोगों को जागरूक और एकजुट करता है। रंगमंच केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि मानव अनुभव को समझने ओर बेतर समाज बनाने का सशक्त जरिया है। हरियाणा सरकार में निदेशक हरियाणा कला परिषद वाईसीओ के पद पर रहते हुए उन्होंने रंगमंच को बढ़ावा देने के अनेक कीर्तिमान स्थापित किए।
रंगकर्मी अनिल कौशिक की ओर से निर्देशित नाटक अश्वथामा, रस गंधर्व, रिपुदमन, नील पक्षी ने राष्ट्र स्तर पर पदक प्राप्त कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। हाल ही में उनके द्वारा निर्देशित लाइट एंड साउंड शो रामगुरुकुल गमन का राष्ट्र स्तर पर सफल मंचन किया जा रहा है। यह रामगुरुकुल गमन नशों के विरूद्ध एक अभियान के रूप में कार्य कर रहा है। इसके अतिरिक्त दो दर्जन से भी अधिक नाटकों का सफल मंचन कौशिक द्वारा किया जा चुका है।
टीवी पर भी दिलाई जिले को विशेष पहचान
अनिल कौशिक ने थियेटर के साथ-साथ धारावाहिक और टेली फिल्मों में भी जिले को विशेष पहचान दिलाई है। अपने जमाने के प्रसिद्ध धारावाहिक टीपू सुल्तान, मिस्टर सीएम के साथ-साथ टेली फिल्म पहल, सपने सच होने चाहिए, हम बाेलेगा तो बोलोगे बोलता है.. में भी अभिनय पटकथा लेखन व कास्टिंग डायरेक्टर की भूमिका निभा चुके हैं। हरियाणवी संस्कृति एवं कला को विशेष पहचान दिलाने के लिए मेलबाॅर्न आस्ट्रेलिया से अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिलने के साथ-साथ गवर्नर अवार्ड, फिल्म फेस्टिवल में आइकॉन अवार्ड, हरियाणा गौरव अवार्ड सहित 15 से अधिक अवार्ड मिल चुके हैं।