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Mahendragarh-Narnaul News: आमजन को राहत दिलाने के लिए नप ने किया 1250 कुत्तों का बधियाकरण
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फोटो नंबर-14गांव रघुनाथपुरा में बना कुत्तों का शेल्टर होम।
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नारनौल। शहर में बढ़ते कुत्तों और बंदरों के आतंक से परेशान नागरिकों को राहत दिलाने के लिए नगर परिषद ने अभियान तेज कर दिया है। एक ओर बंदरों को पकड़ने का कार्य अभी शुरू किया गया है, वहीं दूसरी ओर आवारा कुत्तों को पकड़ कर उनके बधियाकरण की प्रक्रिया भी जारी है।
नगर परिषद की ओर से कुत्तों के बधियाकरण का अभियान 19 जनवरी से शुरू किया गया था। इस अभियान के तहत अब तक करीब 1250 कुत्तों का एंटी रेबीज व जनसंख्या नियंत्रण को लेकर बधियाकरण किया जा चुका है। परिषद ने कुल 1550 कुत्तों के बधियाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया था, जो अब लगभग पूरा होने की स्थिति में है।
कुत्तों को पकड़ने और उनके बधियाकरण के लिए रघुनाथपुरा में एक शेल्टर होम बनाया गया है, जहां उन्हें सुरक्षित तरीके से रखा जाता है और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण करना और शहरवासियों को संभावित खतरे से बचाना है।
शहर में लंबे समय से आवारा कुत्तों व बंदरों के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। आए दिन काटने की घटनाओं और झुंड में घूमने वाले कुत्तों के कारण आमजन में भय का माहौल बना हुआ था।
नगर परिषद अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा लक्ष्य पूरा होने के बाद शहर की आबादी और कुत्तों की संख्या को देखते हुए बधियाकरण अभियान का दायरा बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि इस समस्या का स्थायी समाधान किया जा सके।
वर्जन:
कुत्तों के बधियाकरण का जो लक्ष्य रखा गया था वह लगभग पूरा होने को हैं। शहर की जनसंख्या के हिसाब से अभी इसे बढ़ाने की योजना भी चल रही है। शहर में कुत्तों की संख्या भी अधिक है इसलिए अभियान को आगे बढ़ाया जा सकता है।
सत्येंद्र सिंह, सफाई निरीक्षक नगर परिषद, नारनौल।
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नगर परिषद की ओर से कुत्तों के बधियाकरण का अभियान 19 जनवरी से शुरू किया गया था। इस अभियान के तहत अब तक करीब 1250 कुत्तों का एंटी रेबीज व जनसंख्या नियंत्रण को लेकर बधियाकरण किया जा चुका है। परिषद ने कुल 1550 कुत्तों के बधियाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया था, जो अब लगभग पूरा होने की स्थिति में है।
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कुत्तों को पकड़ने और उनके बधियाकरण के लिए रघुनाथपुरा में एक शेल्टर होम बनाया गया है, जहां उन्हें सुरक्षित तरीके से रखा जाता है और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण करना और शहरवासियों को संभावित खतरे से बचाना है।
शहर में लंबे समय से आवारा कुत्तों व बंदरों के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। आए दिन काटने की घटनाओं और झुंड में घूमने वाले कुत्तों के कारण आमजन में भय का माहौल बना हुआ था।
नगर परिषद अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा लक्ष्य पूरा होने के बाद शहर की आबादी और कुत्तों की संख्या को देखते हुए बधियाकरण अभियान का दायरा बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि इस समस्या का स्थायी समाधान किया जा सके।
वर्जन:
कुत्तों के बधियाकरण का जो लक्ष्य रखा गया था वह लगभग पूरा होने को हैं। शहर की जनसंख्या के हिसाब से अभी इसे बढ़ाने की योजना भी चल रही है। शहर में कुत्तों की संख्या भी अधिक है इसलिए अभियान को आगे बढ़ाया जा सकता है।
सत्येंद्र सिंह, सफाई निरीक्षक नगर परिषद, नारनौल।