{"_id":"9ad2de48683bba4b64048bb617e996c8","slug":"meet-horse-rider-mahesh-sharma","type":"story","status":"publish","title_hn":"मिलिए, हरियाणा के इस 'अजय देवगन' से","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मिलिए, हरियाणा के इस 'अजय देवगन' से
जींद/अमरजीत एस. गिल
Updated Thu, 08 Aug 2013 08:48 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
फिल्म फूल और कांटे में दो बाइक पर एक साथ ड्राइव करने का स्टंट हो या फिल्म सन ऑफ सरदार में दो घोड़ों में एक साथ खड़े होकर उन्हें भगाने वाला स्टंट, दोनों में बालीवुड अभिनेता अजय देवगन को महारत है, लेकिन हरियाणा के इस शूरवीर के लिए ये महज स्टंट नहीं शौक है।
Trending Videos
हरियाणा के जींद जिले के जलाना कस्बे में रहने वाले महेश शर्मा आज किसी परिचय के मोहताज नहीं रह गए हैं। महेश शर्मा ने अपनी विलक्षण प्रतिभा के दम पर पूरे विश्व में अलग पहचान बनाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
महेश दो घोड़ियों की पीठ पर खड़े होकर 80 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से घुड़सवारी करने में निपुण हैं। उसका यह कारनामा देखकर बड़े-बड़े दक्ष घुड़सवार दांतों तले ऊंगली दबाने को मजबूर हो जाते हैं।
बिना सुरक्षा कवच के ही 20 मिनट में 15 किलोमीटर तक घोड़ों की पीठ पर खड़ा होकर सफर कर दिखाया था और विश्व के नंबर वन घुड़सवार होने का खिताब हासिल किया था।
इसके लिए महेश अपना नाम लिम्का बुक, इंडिया बुक तथा एशिया बुक में दर्ज करवा चुका है। महेश ने कहा कि घुड़सवारी से उसे बहुत मान-सम्मान मिला है।
महेश शर्मा के घुड़सवारी का सफर करीबन दस साल पहले शुरू हुआ था। उस वक्त उसके घर में एक घोड़ी थी। घोड़ी को रोजाना घुमाने की जिम्मेवारी महेश को दी गई थी। इसके लिए वह रोजाना घोड़ी को घर से ले जाता और घंटों तक उस पर सवार रहता।
अपने अभ्यास से वह एक घोड़ी पर खड़ा होकर तेज रफ्तारी में भी सवारी करने लगा। इसके बाद उसके घर में एक और घोड़ी आ गई तो वह दोनों को घुमाने ले जाता। वह अभ्यास करने लगा तो देखते-देखते ही महेश एक साथ दो घोड़ियों की सवारी करने लगा।
उसने इसमें इतनी महारत हासिल कर ली कि वह 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने वाली दो घोड़ियों की पीठ पर खड़े होकर सवारी निपुणता से करने लगा।
28 वर्षीय महेश शर्मा के हैरतअंगेज कारनामे की चर्चाएं दूर-दूर तक होने लगी तो कुछ संस्थाओं ने उसकी प्रतिभा में रूचि दिखाते हुए उसे और तराशने का निर्णय लिया।
इसमें जिंदल पोलो टीम प्रबंधन ने महेश शर्मा की प्रतिभा को देखते हुए उसे अपनी टीम का हिस्सा बना लिया।
