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Palwal News: टूटी उपकरणों ने फिटनेस की तोड़ी कमर
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लाला लाजपत राय पार्क, गांधी पार्क और शास्त्री पार्क समेत शहर के अन्य पार्क की हालत खराब
पड़ताल
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। लोगों को स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से शहर के पार्कों में लगाई गई ओपन जिम अब खुद बदहाली का शिकार हो चुकी हैं। नगर परिषद की अनदेखी के चलते अधिकतर पार्कों में जिम के उपकरण टूटे पड़े हैं। बच्चों के झूले भी जर्जर हालत में हैं। अमर उजाला की पड़ताल में सामने आया कि शहर के कई प्रमुख पार्कों में न तो ओपन जिम उपयोग के लायक बची हैं और न ही झूले सुरक्षित हैं। ऐसे में लोगों को सुविधा देने के लिए बनाई गई व्यवस्था अब परेशानी और हादसे की आशंका का कारण बन गई हैं।
पड़ताल के दौरान लाला लाजपत राय पार्क, गांधी पार्क और शास्त्री पार्क समेत कई पार्कों में ओपन जिम के उपकरण टूटे हुए मिले। कहीं मशीनों के हैंडल गायब थे तो कहीं सीटें और पैडल क्षतिग्रस्त थे। वहीं, बच्चों के झूलों की चेन टूटी हुई मिलीं। कई झूले जंग खाकर खराब हो चुके हैं। इसके बावजूद छोटे-छोटे बच्चे इन्हीं टूटे झूलों पर खेलते दिखाई दिए, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पार्कों में रोजाना सुबह-शाम बड़ी संख्या में लोग सैर और व्यायाम के लिए आते हैं, लेकिन खराब उपकरणों के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है। लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च कर पार्कों में सुविधाएं तो विकसित कर दी गईं, लेकिन उनका रखरखाव पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है।
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निवासियों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए टूटे झूलों को तुरंत हटाया या ठीक कराया जाना चाहिए। यदि समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
2109 से लगनी हुई थी शुरू
शहर के पार्कों में 2019 से ओपन जिम लगनी शुरू हुई थी। इसे स्थापित करने की कीमत क्षेत्रफल पर निर्भर करती है। इसे लगाने में कम से कम 1.5 लाख रुपये की लागत आती है।
लोगों से बातचीत
सुबह व्यायाम करने आते हैं, लेकिन अधिकतर मशीनें खराब हैं। कई बार शिकायत की, फिर भी कोई सुनवाई नहीं हुई। -गोलू, निवासी
टूटे झूलों पर खेलना पड़ता है। ओपन जिम के उपकरण खराब हैं। जल्द मरम्मत नहीं हुई तो हादसा हो सकता है। -अमित, निवासी
पार्क घूमने, बैठने और व्यायाम करने का प्रमुख स्थान हैं, लेकिन इनकी हालत लगातार खराब होती हो रही है। -रमाकांत, निवासी
वर्जन
परिषद की ओर से जल्द ही शहर के सभी पार्कों में मरम्मत एवं सौंदर्यीकरण का कार्य शुरू कराया जाएगा। खराब ओपन जिम के उपकरणों और बच्चों के झूलों को दुरुस्त किया जाएगा, ताकि किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। -कौशल तंवर, जेई, नगर परिषद
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पड़ताल
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। लोगों को स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से शहर के पार्कों में लगाई गई ओपन जिम अब खुद बदहाली का शिकार हो चुकी हैं। नगर परिषद की अनदेखी के चलते अधिकतर पार्कों में जिम के उपकरण टूटे पड़े हैं। बच्चों के झूले भी जर्जर हालत में हैं। अमर उजाला की पड़ताल में सामने आया कि शहर के कई प्रमुख पार्कों में न तो ओपन जिम उपयोग के लायक बची हैं और न ही झूले सुरक्षित हैं। ऐसे में लोगों को सुविधा देने के लिए बनाई गई व्यवस्था अब परेशानी और हादसे की आशंका का कारण बन गई हैं।
पड़ताल के दौरान लाला लाजपत राय पार्क, गांधी पार्क और शास्त्री पार्क समेत कई पार्कों में ओपन जिम के उपकरण टूटे हुए मिले। कहीं मशीनों के हैंडल गायब थे तो कहीं सीटें और पैडल क्षतिग्रस्त थे। वहीं, बच्चों के झूलों की चेन टूटी हुई मिलीं। कई झूले जंग खाकर खराब हो चुके हैं। इसके बावजूद छोटे-छोटे बच्चे इन्हीं टूटे झूलों पर खेलते दिखाई दिए, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि पार्कों में रोजाना सुबह-शाम बड़ी संख्या में लोग सैर और व्यायाम के लिए आते हैं, लेकिन खराब उपकरणों के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है। लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च कर पार्कों में सुविधाएं तो विकसित कर दी गईं, लेकिन उनका रखरखाव पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है।
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निवासियों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए टूटे झूलों को तुरंत हटाया या ठीक कराया जाना चाहिए। यदि समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
2109 से लगनी हुई थी शुरू
शहर के पार्कों में 2019 से ओपन जिम लगनी शुरू हुई थी। इसे स्थापित करने की कीमत क्षेत्रफल पर निर्भर करती है। इसे लगाने में कम से कम 1.5 लाख रुपये की लागत आती है।
लोगों से बातचीत
सुबह व्यायाम करने आते हैं, लेकिन अधिकतर मशीनें खराब हैं। कई बार शिकायत की, फिर भी कोई सुनवाई नहीं हुई। -गोलू, निवासी
टूटे झूलों पर खेलना पड़ता है। ओपन जिम के उपकरण खराब हैं। जल्द मरम्मत नहीं हुई तो हादसा हो सकता है। -अमित, निवासी
पार्क घूमने, बैठने और व्यायाम करने का प्रमुख स्थान हैं, लेकिन इनकी हालत लगातार खराब होती हो रही है। -रमाकांत, निवासी
वर्जन
परिषद की ओर से जल्द ही शहर के सभी पार्कों में मरम्मत एवं सौंदर्यीकरण का कार्य शुरू कराया जाएगा। खराब ओपन जिम के उपकरणों और बच्चों के झूलों को दुरुस्त किया जाएगा, ताकि किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। -कौशल तंवर, जेई, नगर परिषद