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Palwal News: 16-17 मई को चौपई गायन महाकुंभ का होगा आयोजन
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जाट धर्मशाला पर जुटेंगी ब्रज और हरियाणा की टोलियां
पलवल। जाट समाज विकास समिति 16 और 17 मई को जाट धर्मशाला में चौपई महाकुंभ का आयोजन करेगा। दो दिवसीय महाकुंभ में दक्षिण हरियाणा और ब्रज क्षेत्र की कला, बोली और संगीत का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। आयोजन समिति के सदस्य ज्ञान सिंह चौहान, समुंदर भाकर, हरीशचन्द्र शास्त्री ने बताया कि चौपई, जिकरी, रसिया और गाह्रो जैसी गायन शैलियां हमारी पहचान रही हैं। कभी हर गांव में चौपई की पार्टियां होती थीं, लेकिन आधुनिकता के दौर में नगाड़े धूल फांक रहे हैं। इस धरोहर को बचाने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए इस प्रतियोगिता का खाका तैयार किया गया है।
आयोजन का आगाज 16 मई को सुबह आठ बजे 21 विद्वान शास्त्रियों द्वारा हवन के साथ होगा, जिसके पश्चात साढ़े नौ बजे भव्य उद्घाटन किया जाएगा। भाग लेने वाली पार्टियों को 15 मई शाम 4 बजे तक पंजीकरण कराना अनिवार्य है। 16 मई की सुबह ड्रा के माध्यम से गायन का समय निर्धारित होगा। कलाकारों को धर्म, संस्कृति, समाज सुधार, देशभक्ति, नशाबंदी और गौ-रक्षा जैसे विषयों पर अपनी प्रस्तुति देनी होगी। प्रतियोगिता में केवल जिकरी, रसिया, गाह्रो, तुकबन्दी और पटका गायन को ही अनुमति दी गई है।
निर्णायक मंडल द्वारा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली पार्टियों को दर्जनों प्रोत्साहन पुरस्कार दिए जाएंगे। इस महाकुंभ में ब्रज और फरीदाबाद क्षेत्र की तमाम चौपई पार्टियों के साथ-साथ क्षेत्र के मंत्री, विधायक, राजनीतिक व सामाजिक कार्यकर्ता और पाल-खापों के प्रमुख शिरकत करेंगे। आयोजन समिति ने समस्त कला प्रेमियों को इष्ट-मित्रों सहित इस सांस्कृतिक उत्सव का हिस्सा बनने का निमंत्रण दिया है।
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पलवल। जाट समाज विकास समिति 16 और 17 मई को जाट धर्मशाला में चौपई महाकुंभ का आयोजन करेगा। दो दिवसीय महाकुंभ में दक्षिण हरियाणा और ब्रज क्षेत्र की कला, बोली और संगीत का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। आयोजन समिति के सदस्य ज्ञान सिंह चौहान, समुंदर भाकर, हरीशचन्द्र शास्त्री ने बताया कि चौपई, जिकरी, रसिया और गाह्रो जैसी गायन शैलियां हमारी पहचान रही हैं। कभी हर गांव में चौपई की पार्टियां होती थीं, लेकिन आधुनिकता के दौर में नगाड़े धूल फांक रहे हैं। इस धरोहर को बचाने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए इस प्रतियोगिता का खाका तैयार किया गया है।
आयोजन का आगाज 16 मई को सुबह आठ बजे 21 विद्वान शास्त्रियों द्वारा हवन के साथ होगा, जिसके पश्चात साढ़े नौ बजे भव्य उद्घाटन किया जाएगा। भाग लेने वाली पार्टियों को 15 मई शाम 4 बजे तक पंजीकरण कराना अनिवार्य है। 16 मई की सुबह ड्रा के माध्यम से गायन का समय निर्धारित होगा। कलाकारों को धर्म, संस्कृति, समाज सुधार, देशभक्ति, नशाबंदी और गौ-रक्षा जैसे विषयों पर अपनी प्रस्तुति देनी होगी। प्रतियोगिता में केवल जिकरी, रसिया, गाह्रो, तुकबन्दी और पटका गायन को ही अनुमति दी गई है।
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निर्णायक मंडल द्वारा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली पार्टियों को दर्जनों प्रोत्साहन पुरस्कार दिए जाएंगे। इस महाकुंभ में ब्रज और फरीदाबाद क्षेत्र की तमाम चौपई पार्टियों के साथ-साथ क्षेत्र के मंत्री, विधायक, राजनीतिक व सामाजिक कार्यकर्ता और पाल-खापों के प्रमुख शिरकत करेंगे। आयोजन समिति ने समस्त कला प्रेमियों को इष्ट-मित्रों सहित इस सांस्कृतिक उत्सव का हिस्सा बनने का निमंत्रण दिया है।