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Palwal News: खराब परीक्षा परिणाम पर बीईओ, सीआरसी हेड तथा स्कूल हेड से स्पष्टीकरण
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दिनेश देशवाल
नूंह। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 12वीं के परीक्षा परिणाम को लेकर जिले में शिक्षा विभाग की खूब किरकिरी को देखते हुए शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है। जिन सरकारी स्कूलों का परिणाम खराब रहा है, उससे संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी, सीआरसी मुखिया व स्कूल मुखिया को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। स्पष्टीकरण मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी। जिला शिक्षा अधिकारी राजेंद्र शर्मा ने कहा कि जिले में संसाधनों की कमी जरूर है, लेकिन किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी नूंह जिले का परीक्षा परिणाम पूरे प्रदेश में सबसे निचले पायदान पर रहा है।
जिला शिक्षा अधिकारी राजेंद्र शर्मा ने कहा कि केवल संसाधनों की आड़ लेकर जिम्मेदारी से नहीं बचा जा सकता। इस बार के शिक्षा सत्र में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
तावडू खंड रहा प्रथम
जिले में खंड़वार परीक्षा परिणाम की बात करें तो तावडू खंड़ प्रथम तथा नूंह खंड़ सबसे पीछे रहा है। तावडू खंड 69.54 फीसदी परिणाम के साथ प्रथम, नगीना 60.67 फीसदी के साथ दूसरे, पुन्हाना 58.14 फीसदी के साथ तीसरे, 44.47 फीसदी के साथ फिरोजपुर झिरका चौथे तथा 44.33 फीसदी के साथ नूंह खंड़ पांचवें व अंतिम स्थान पर रहा है। नूंह और फिरोजपुर झिरका खंड़ में 50 फीसदी बच्चे भी परीक्षा में पास नहीं हो पाए है।
जिले में अध्यापकों की कमी एक बड़ी वजह है। इसके अलावा उन पर लापरवाही के भी आरोप लगते रहे हैं। इन सबसे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है।
नूंह। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 12वीं के परीक्षा परिणाम को लेकर जिले में शिक्षा विभाग की खूब किरकिरी को देखते हुए शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है। जिन सरकारी स्कूलों का परिणाम खराब रहा है, उससे संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी, सीआरसी मुखिया व स्कूल मुखिया को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। स्पष्टीकरण मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी। जिला शिक्षा अधिकारी राजेंद्र शर्मा ने कहा कि जिले में संसाधनों की कमी जरूर है, लेकिन किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी नूंह जिले का परीक्षा परिणाम पूरे प्रदेश में सबसे निचले पायदान पर रहा है।
जिला शिक्षा अधिकारी राजेंद्र शर्मा ने कहा कि केवल संसाधनों की आड़ लेकर जिम्मेदारी से नहीं बचा जा सकता। इस बार के शिक्षा सत्र में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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तावडू खंड रहा प्रथम
जिले में खंड़वार परीक्षा परिणाम की बात करें तो तावडू खंड़ प्रथम तथा नूंह खंड़ सबसे पीछे रहा है। तावडू खंड 69.54 फीसदी परिणाम के साथ प्रथम, नगीना 60.67 फीसदी के साथ दूसरे, पुन्हाना 58.14 फीसदी के साथ तीसरे, 44.47 फीसदी के साथ फिरोजपुर झिरका चौथे तथा 44.33 फीसदी के साथ नूंह खंड़ पांचवें व अंतिम स्थान पर रहा है। नूंह और फिरोजपुर झिरका खंड़ में 50 फीसदी बच्चे भी परीक्षा में पास नहीं हो पाए है।
जिले में अध्यापकों की कमी एक बड़ी वजह है। इसके अलावा उन पर लापरवाही के भी आरोप लगते रहे हैं। इन सबसे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है।