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Palwal News: मामलिका का सरकारी स्कूल निजी विद्यालयों को दे रहा टक्कर
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फोटो कैप्शन:- स्कूल में पढ़ाई करते बच्चे
सद्दाम हुसैन
पिनगवां । नूंह जिले के गांव मामलिका स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय आज शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभर रहा है। जहां एक ओर सरकारी स्कूलों में घटती छात्र संख्या और शिक्षा स्तर को लेकर सवाल उठते हैं, वहीं यह विद्यालय अपनी बेहतर व्यवस्था, अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के कारण चर्चा में है।
गांव के अभिभावक अब निजी स्कूलों से बच्चों का नाम कटवाकर इस सरकारी विद्यालय में दाखिला दिला रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यहां पढ़ाई का स्तर निजी स्कूलों के बराबर है। शिक्षकों की मेहनत और बच्चों पर विशेष ध्यान के कारण छात्रों के परिणाम भी बेहतर आ रहे हैं, जिससे लोगों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।
मूलभूत सुविधाओं का रखा गया ध्यान
विद्यालय में मूलभूत सुविधाओं का भी पूरा ध्यान रखा गया है। बच्चों के लिए स्वच्छ पेयजल, बिजली, साफ-सुथरे शौचालय और अनुशासित वातावरण उपलब्ध है। साफ-सुथरा परिसर और सकारात्मक माहौल बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करता है।
स्कूल में लगभग 530 छात्र पंजीकृत हैं, जिनमें 222 मिडिल और 308 प्राइमरी कक्षाओं के छात्र शामिल हैं। हालांकि, इतनी बड़ी संख्या के मुकाबले केवल सात शिक्षक कार्यरत हैं, जिससे स्टाफ की कमी साफ नजर आती है। इसके बावजूद शिक्षक पूरी लगन और जिम्मेदारी के साथ बच्चों को शिक्षित कर रहे हैं।
ग्रामीणों का मानना है कि यदि स्कूल में शिक्षकों की संख्या बढ़ाई जाए तो यह विद्यालय जिले के सर्वश्रेष्ठ स्कूलों में शामिल हो सकता है। वर्तमान में भी यह स्कूल यह साबित कर रहा है कि समर्पित शिक्षक, बेहतर सुविधाएं और सकारात्मक माहौल मिल जाए तो सरकारी स्कूल किसी भी निजी स्कूल से कम नहीं होते।
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सद्दाम हुसैन
पिनगवां । नूंह जिले के गांव मामलिका स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय आज शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभर रहा है। जहां एक ओर सरकारी स्कूलों में घटती छात्र संख्या और शिक्षा स्तर को लेकर सवाल उठते हैं, वहीं यह विद्यालय अपनी बेहतर व्यवस्था, अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के कारण चर्चा में है।
गांव के अभिभावक अब निजी स्कूलों से बच्चों का नाम कटवाकर इस सरकारी विद्यालय में दाखिला दिला रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यहां पढ़ाई का स्तर निजी स्कूलों के बराबर है। शिक्षकों की मेहनत और बच्चों पर विशेष ध्यान के कारण छात्रों के परिणाम भी बेहतर आ रहे हैं, जिससे लोगों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।
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मूलभूत सुविधाओं का रखा गया ध्यान
विद्यालय में मूलभूत सुविधाओं का भी पूरा ध्यान रखा गया है। बच्चों के लिए स्वच्छ पेयजल, बिजली, साफ-सुथरे शौचालय और अनुशासित वातावरण उपलब्ध है। साफ-सुथरा परिसर और सकारात्मक माहौल बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करता है।
स्कूल में लगभग 530 छात्र पंजीकृत हैं, जिनमें 222 मिडिल और 308 प्राइमरी कक्षाओं के छात्र शामिल हैं। हालांकि, इतनी बड़ी संख्या के मुकाबले केवल सात शिक्षक कार्यरत हैं, जिससे स्टाफ की कमी साफ नजर आती है। इसके बावजूद शिक्षक पूरी लगन और जिम्मेदारी के साथ बच्चों को शिक्षित कर रहे हैं।
ग्रामीणों का मानना है कि यदि स्कूल में शिक्षकों की संख्या बढ़ाई जाए तो यह विद्यालय जिले के सर्वश्रेष्ठ स्कूलों में शामिल हो सकता है। वर्तमान में भी यह स्कूल यह साबित कर रहा है कि समर्पित शिक्षक, बेहतर सुविधाएं और सकारात्मक माहौल मिल जाए तो सरकारी स्कूल किसी भी निजी स्कूल से कम नहीं होते।
