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Palwal News: मेडिकल कॉलेज परिसर में झाड़ियां बनीं खतरा
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संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। जिले के शहीद हसन खां मेवाती मेडिकल कॉलेज की बदहाल सफाई व्यवस्था एक बार फिर चिंता का विषय बन गई है। कॉलेज परिसर में लंबे समय से पेड़ों की छंटाई और घास-फूस की सफाई नहीं होने के कारण चारों ओर झाड़ियां फैल गई हैं। इससे यहां कार्यरत चिकित्सकों, कर्मचारियों, मरीजों और उनके परिजनों में जहरीले कीड़े-मकोड़ों का भय बना हुआ है।
अरावली की तलहटी में स्थित होने के कारण मेडिकल कॉलेज परिसर में प्राकृतिक रूप से सांप, बिच्छू और अन्य विषैले जीव-जंतु निकलने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। कर्मचारियों का कहना है कि हाल के दिनों में कई बार सांप बिच्छू तथा अन्य जहरीले कीड़े परिसर में दिखाई दिए हैं, जिससे हर समय अनहोनी का खतरा बना रहता है।
चिकित्सकों और कर्मचारियों का कहना है कि बरसात के मौसम में झाड़ियां तेजी से बढ़ जाती हैं। यदि समय रहते इनकी कटाई और सफाई नहीं कराई जाए तो विषैले जीव-जंतु छिपने के लिए सुरक्षित स्थान बना लेते हैं। ऐसे में किसी भी समय मरीज, चिकित्सक, कर्मचारी या उनके परिजन हादसे का शिकार हो सकते हैं।
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मेडिकल कॉलेज में रोजाना सैकड़ों मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में छात्र, नर्सिंग स्टाफ, चिकित्सक और अन्य कर्मचारी भी परिसर में रहते और कार्य करते हैं। बावजूद इसके, लंबे समय से नियमित सफाई और झाड़ियों की कटाई नहीं होने से परिसर की सुंदरता भी बिगड़ गई है और सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
कोट
झाड़ियां व घास को कटवाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। कुछ दिनों में मेडिकल कॉलेज साफ नजर आएगा। कर्मचारी इसमें लगे हुए हैं। -डॉ. मुकेश कुमार, निदेशक, मेडिकल कॉलेज, नल्हड़
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नूंह। जिले के शहीद हसन खां मेवाती मेडिकल कॉलेज की बदहाल सफाई व्यवस्था एक बार फिर चिंता का विषय बन गई है। कॉलेज परिसर में लंबे समय से पेड़ों की छंटाई और घास-फूस की सफाई नहीं होने के कारण चारों ओर झाड़ियां फैल गई हैं। इससे यहां कार्यरत चिकित्सकों, कर्मचारियों, मरीजों और उनके परिजनों में जहरीले कीड़े-मकोड़ों का भय बना हुआ है।
अरावली की तलहटी में स्थित होने के कारण मेडिकल कॉलेज परिसर में प्राकृतिक रूप से सांप, बिच्छू और अन्य विषैले जीव-जंतु निकलने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। कर्मचारियों का कहना है कि हाल के दिनों में कई बार सांप बिच्छू तथा अन्य जहरीले कीड़े परिसर में दिखाई दिए हैं, जिससे हर समय अनहोनी का खतरा बना रहता है।
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चिकित्सकों और कर्मचारियों का कहना है कि बरसात के मौसम में झाड़ियां तेजी से बढ़ जाती हैं। यदि समय रहते इनकी कटाई और सफाई नहीं कराई जाए तो विषैले जीव-जंतु छिपने के लिए सुरक्षित स्थान बना लेते हैं। ऐसे में किसी भी समय मरीज, चिकित्सक, कर्मचारी या उनके परिजन हादसे का शिकार हो सकते हैं।
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मेडिकल कॉलेज में रोजाना सैकड़ों मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में छात्र, नर्सिंग स्टाफ, चिकित्सक और अन्य कर्मचारी भी परिसर में रहते और कार्य करते हैं। बावजूद इसके, लंबे समय से नियमित सफाई और झाड़ियों की कटाई नहीं होने से परिसर की सुंदरता भी बिगड़ गई है और सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
कोट
झाड़ियां व घास को कटवाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। कुछ दिनों में मेडिकल कॉलेज साफ नजर आएगा। कर्मचारी इसमें लगे हुए हैं। -डॉ. मुकेश कुमार, निदेशक, मेडिकल कॉलेज, नल्हड़