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Palwal News: मजदूर लौटने लगे घर.... रबी फसल की कटाई अधर में
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घरेली गैस की किल्लत के कारण अटल कैंटिन में 21.5% तक खाने वालों की हुई बढ़ोतरी
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। घरेलू गैस सिलिंडर की किल्लत अब आम जनजीवन से आगे बढ़कर श्रमिकों और किसानों के लिए गंभीर समस्या बनती जा रही है। इस समस्या के कारण एक ओर जहां गरीब और मजदूर वर्ग को प्रभावित किया है। वहीं, दूसरी ओर खेती-किसानी पर भी इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है। खासकर रबी फसल की कटाई के समय मजदूरों की कमी ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
ईरान-इजरायल तनाव के कारण अटल श्रमिक कैंटीन में खाने वाले मजदूरों की संख्या में करीब 21.5 फीसदी तक वृद्धि दर्ज की गई है। कैंटीन की संचालक नीलम सैनी के मुताबिक फरवरी में जहां प्रतिदिन करीब 190 लोग भोजन करने आते थे। वहीं, मार्च की शुरुआत से यह संख्या बढ़कर 230 से अधिक हो गई है। इससे साफ है कि आर्थिक दबाव बढ़ने के कारण मजदूर सस्ते भोजन के विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।
वहीं, गैस सिलिंडर की कमी के कारण बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर अपने-अपने घरों को लौटने लगे हैं। इसका सबसे ज्यादा असर कृषि क्षेत्र पर पड़ा है। इस समय रबी फसल की कटाई का सीजन चल रहा है और मौसम में लगातार बदलाव और बारिश की आशंका के कारण किसान जल्द से जल्द फसल काटने की कोशिश में जुटे हैं। लेकिन मजदूरों की कमी के कारण फसल कटाई का कार्य प्रभावित हो रहा है। मजदूरों के अभाव में किसानों को या तो महंगे दामों पर श्रमिक जुटाने पड़ रहे हैं या फिर कटाई में देरी का जोखिम उठाना पड़ रहा है। इससे फसल खराब होने का खतरा भी बना हुआ है। किसानों को आर्थिक नुकसान की आशंका सता रही है। गैस सिलिंडर की किल्लत ने जिले में एक व्यापक संकट का रूप ले लिया है, जिसका असर समाज के हर वर्ग पर पड़ रहा है।
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पहले खुद खाना बनाकर खाते थे, लेकिन अब गैस नहीं मिल रही है। दोपहर में अटल कैंटीन में 10 रुपये में खाना खा लेते हैं, जबकि रात में बाहर से खाना खरीदना पड़ता है। गैस नहीं मिलने से खाने का खर्च भी बढ़ गया है। कभी-कभी लकड़ी की व्यवस्था हो जाती है तो चूल्हे पर खाना बना लेते हैं। - नरायण सिंह, मजदूर
काम पहले ही कम मिल रहा है, ऊपर से गैस की किल्लत ने परेशानी और बढ़ा दी है। इसके कारण हम भी अब घर वापस जाने की तैयारी कर रहे हैं। यहां रहना मुश्किल होता जा रहा है। - विकास, मजदूर
रबी फसल की कटाई का समय है, लेकिन मजदूर नहीं मिल रहे। जो मिल रहे हैं, वे ज्यादा पैसे मांग रहे हैं। मौसम भी खराब होने का डर है, ऐसे में फसल खराब होने की चिंता सता रही है। - धर्मचंद घुघेरा, किसान
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अटल श्रमिक किसान कैंटीन में 10 रुपये में भरपेट खाना मिलता है
अटल श्रमिक किसान कैंटीन योजना के तहत हरियाणा में मजदूरों और किसानों को सस्ती दरों पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है। राज्य की अनाज मंडियों, चीनी मिलों और औद्योगिक क्षेत्रों में संचालित इन कैंटीनों में मात्र 10 रुपये में भरपेट थाली दी जाती है। थाली में 4 चपाती, दाल, सब्जी, चावल और अचार शामिल होता है। इनका संचालन महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा किया जा रहा है। यह योजना खाद्य सुरक्षा के साथ जीवन स्तर सुधारने में मददगार है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। घरेलू गैस सिलिंडर की किल्लत अब आम जनजीवन से आगे बढ़कर श्रमिकों और किसानों के लिए गंभीर समस्या बनती जा रही है। इस समस्या के कारण एक ओर जहां गरीब और मजदूर वर्ग को प्रभावित किया है। वहीं, दूसरी ओर खेती-किसानी पर भी इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है। खासकर रबी फसल की कटाई के समय मजदूरों की कमी ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
ईरान-इजरायल तनाव के कारण अटल श्रमिक कैंटीन में खाने वाले मजदूरों की संख्या में करीब 21.5 फीसदी तक वृद्धि दर्ज की गई है। कैंटीन की संचालक नीलम सैनी के मुताबिक फरवरी में जहां प्रतिदिन करीब 190 लोग भोजन करने आते थे। वहीं, मार्च की शुरुआत से यह संख्या बढ़कर 230 से अधिक हो गई है। इससे साफ है कि आर्थिक दबाव बढ़ने के कारण मजदूर सस्ते भोजन के विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।
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वहीं, गैस सिलिंडर की कमी के कारण बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर अपने-अपने घरों को लौटने लगे हैं। इसका सबसे ज्यादा असर कृषि क्षेत्र पर पड़ा है। इस समय रबी फसल की कटाई का सीजन चल रहा है और मौसम में लगातार बदलाव और बारिश की आशंका के कारण किसान जल्द से जल्द फसल काटने की कोशिश में जुटे हैं। लेकिन मजदूरों की कमी के कारण फसल कटाई का कार्य प्रभावित हो रहा है। मजदूरों के अभाव में किसानों को या तो महंगे दामों पर श्रमिक जुटाने पड़ रहे हैं या फिर कटाई में देरी का जोखिम उठाना पड़ रहा है। इससे फसल खराब होने का खतरा भी बना हुआ है। किसानों को आर्थिक नुकसान की आशंका सता रही है। गैस सिलिंडर की किल्लत ने जिले में एक व्यापक संकट का रूप ले लिया है, जिसका असर समाज के हर वर्ग पर पड़ रहा है।
पहले खुद खाना बनाकर खाते थे, लेकिन अब गैस नहीं मिल रही है। दोपहर में अटल कैंटीन में 10 रुपये में खाना खा लेते हैं, जबकि रात में बाहर से खाना खरीदना पड़ता है। गैस नहीं मिलने से खाने का खर्च भी बढ़ गया है। कभी-कभी लकड़ी की व्यवस्था हो जाती है तो चूल्हे पर खाना बना लेते हैं। - नरायण सिंह, मजदूर
काम पहले ही कम मिल रहा है, ऊपर से गैस की किल्लत ने परेशानी और बढ़ा दी है। इसके कारण हम भी अब घर वापस जाने की तैयारी कर रहे हैं। यहां रहना मुश्किल होता जा रहा है। - विकास, मजदूर
रबी फसल की कटाई का समय है, लेकिन मजदूर नहीं मिल रहे। जो मिल रहे हैं, वे ज्यादा पैसे मांग रहे हैं। मौसम भी खराब होने का डर है, ऐसे में फसल खराब होने की चिंता सता रही है। - धर्मचंद घुघेरा, किसान
अटल श्रमिक किसान कैंटीन में 10 रुपये में भरपेट खाना मिलता है
अटल श्रमिक किसान कैंटीन योजना के तहत हरियाणा में मजदूरों और किसानों को सस्ती दरों पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है। राज्य की अनाज मंडियों, चीनी मिलों और औद्योगिक क्षेत्रों में संचालित इन कैंटीनों में मात्र 10 रुपये में भरपेट थाली दी जाती है। थाली में 4 चपाती, दाल, सब्जी, चावल और अचार शामिल होता है। इनका संचालन महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा किया जा रहा है। यह योजना खाद्य सुरक्षा के साथ जीवन स्तर सुधारने में मददगार है।