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Panchkula News: गैंगस्टरों पर नकेल के लिए हो रही कार्रवाई, एनकाउंटर होने पर उठने लगते हैं सवाल
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चंडीगढ़। जेलाें की सुरक्षा व पंजाब में कानून-व्यवस्था को लेकर हाईकोर्ट द्वारा लिए गए संज्ञान मामले में पंजाब सरकार ने मंंगलवार को कोर्ट के समक्ष अपनी बेबसी जाहिर की। सरकार ने कहा कि कोर्ट ने गैंगस्टरों पर शिकंजा कसने का आदेश दिया था, इसके तहत कार्रवाई हुई तो पुलिस पर ही गोलियां दाग दी गईं। बदले में पुलिस की कार्रवाई में गैंगस्टर के मरने पर पुलिस को ही सवालों के घेरे में लाकर खड़ा किया जा रहा है।
जनहित याचिका सुनवाई के लिए मुख्य न्यायाधीश पर आधारित खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के लिए पहुंची थी। हाईकोर्ट को बताया गया कि इससे पहले याचिका पर एक अन्य जज की खंडपीठ सुनवाई कर रही थी जो अब रिटायर हो चुके हैं। सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने कहा कि मूल मुद्दा जेल सुधारों का था और अब यह जनहित याचिका अपने उद्देश्य से आगे बढ़ चुकी है। गैंगस्टर लॉरेंस के इंटरव्यू मामले की जांच पूरी हो चुकी है और एक पुलिस अधिकारी को दोषी पाते हुए बर्खास्त किया गया है। अन्य अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की रिपोर्ट भी अदालत के समक्ष सीलबंद लिफाफे में प्रस्तुत की जा चुकी है।
पंजाब सरकार ने बताया कि बाद में कबड्डी कार्यक्रम में हुई गोलीबारी की घटना के बाद अदालत ने स्वत संज्ञान लेते हुए कानून-व्यवस्था, गैंग अपराध और पुलिसिंग से जुड़े कई निर्देश दिए। राज्य ने 92 एफआईआर, उगाही के मामलों का विवरण, एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन, एसओपी, ऑनलाइन कंटेंट हटाने और करीब 60 करोड़ रुपये से 12 हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाने जैसे कदमों की जानकारी दी।
पंजाब सरकार ने कहा कि पुलिस अपना काम कर रही है और उसके हर कदम की निगरानी करना ठीक नहीं है। उन्होंने दलील दी कि यह मामला अनिश्चितकाल तक जारी नहीं रह सकता और इसका मूल उद्देश्य अब पूरा हो चुका है। सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि वह यह तय करेगी कि क्या इस याचिका की आगे भी निगरानी जरूरी है तथा सोशल मीडिया कंटेंट हटाने की सीमा क्या होनी चाहिए।
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जनहित याचिका सुनवाई के लिए मुख्य न्यायाधीश पर आधारित खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के लिए पहुंची थी। हाईकोर्ट को बताया गया कि इससे पहले याचिका पर एक अन्य जज की खंडपीठ सुनवाई कर रही थी जो अब रिटायर हो चुके हैं। सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने कहा कि मूल मुद्दा जेल सुधारों का था और अब यह जनहित याचिका अपने उद्देश्य से आगे बढ़ चुकी है। गैंगस्टर लॉरेंस के इंटरव्यू मामले की जांच पूरी हो चुकी है और एक पुलिस अधिकारी को दोषी पाते हुए बर्खास्त किया गया है। अन्य अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की रिपोर्ट भी अदालत के समक्ष सीलबंद लिफाफे में प्रस्तुत की जा चुकी है।
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पंजाब सरकार ने बताया कि बाद में कबड्डी कार्यक्रम में हुई गोलीबारी की घटना के बाद अदालत ने स्वत संज्ञान लेते हुए कानून-व्यवस्था, गैंग अपराध और पुलिसिंग से जुड़े कई निर्देश दिए। राज्य ने 92 एफआईआर, उगाही के मामलों का विवरण, एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन, एसओपी, ऑनलाइन कंटेंट हटाने और करीब 60 करोड़ रुपये से 12 हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाने जैसे कदमों की जानकारी दी।
पंजाब सरकार ने कहा कि पुलिस अपना काम कर रही है और उसके हर कदम की निगरानी करना ठीक नहीं है। उन्होंने दलील दी कि यह मामला अनिश्चितकाल तक जारी नहीं रह सकता और इसका मूल उद्देश्य अब पूरा हो चुका है। सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि वह यह तय करेगी कि क्या इस याचिका की आगे भी निगरानी जरूरी है तथा सोशल मीडिया कंटेंट हटाने की सीमा क्या होनी चाहिए।