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Panchkula News: सरपंच एसोसिएशन ने सीएम को भेजा मांग पत्र
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अंबेडकर आवास योजना में सहायता दिलाने व अनावश्यक सर्वे रोकने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
कालका। सरपंच एसोसिएशन जिला पंचकूला ने समाधान शिविर के माध्यम से मुख्यमंत्री को मांग पत्र भेजकर डॉ. बीआर अंबेडकर आवास नवीनीकरण योजना के तहत पात्र परिवारों को आर्थिक सहायता दिलाने और अनावश्यक सर्वे बंद कराने की मांग उठाई है।
जिला प्रधान करण सिंह ने बताया कि हरियाणा सरकार की इस योजना के तहत गरीब व पात्र परिवारों को जर्जर मकानों की मरम्मत के लिए 80 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है। इसके बावजूद पिछले कई वर्षों से क्षेत्र में पटवारी और ग्राम सचिव द्वारा नियमित सर्वे तो किया जा रहा है, लेकिन पात्र परिवारों को अब तक सहायता राशि नहीं मिल पाई है।
उन्होंने कहा कि हर साल सर्वे होने से गरीब परिवारों में सहायता मिलने की उम्मीद जगती है, लेकिन राशि जारी न होने के कारण वे अपने मकानों की मरम्मत नहीं करा पा रहे हैं। इससे गांवों में भ्रम और असंतोष की स्थिति बन रही है।
करण सिंह के अनुसार, इस स्थिति में लोग बार-बार सरपंच और पंचायत प्रतिनिधियों से जवाब मांगते हैं, जिससे उन पर अनावश्यक दबाव बनता है। पंचायतें भी फंड न मिलने के कारण केवल आश्वासन देने तक सीमित रह जाती हैं।
एसोसिएशन ने मांग की है कि या तो पात्र परिवारों को जल्द सहायता राशि जारी की जाए या जब तक बजट उपलब्ध न हो, तब तक अनावश्यक सर्वेक्षण बंद किया जाए, ताकि ग्रामीणों में भ्रम की स्थिति न बने।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कालका। सरपंच एसोसिएशन जिला पंचकूला ने समाधान शिविर के माध्यम से मुख्यमंत्री को मांग पत्र भेजकर डॉ. बीआर अंबेडकर आवास नवीनीकरण योजना के तहत पात्र परिवारों को आर्थिक सहायता दिलाने और अनावश्यक सर्वे बंद कराने की मांग उठाई है।
जिला प्रधान करण सिंह ने बताया कि हरियाणा सरकार की इस योजना के तहत गरीब व पात्र परिवारों को जर्जर मकानों की मरम्मत के लिए 80 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है। इसके बावजूद पिछले कई वर्षों से क्षेत्र में पटवारी और ग्राम सचिव द्वारा नियमित सर्वे तो किया जा रहा है, लेकिन पात्र परिवारों को अब तक सहायता राशि नहीं मिल पाई है।
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उन्होंने कहा कि हर साल सर्वे होने से गरीब परिवारों में सहायता मिलने की उम्मीद जगती है, लेकिन राशि जारी न होने के कारण वे अपने मकानों की मरम्मत नहीं करा पा रहे हैं। इससे गांवों में भ्रम और असंतोष की स्थिति बन रही है।
करण सिंह के अनुसार, इस स्थिति में लोग बार-बार सरपंच और पंचायत प्रतिनिधियों से जवाब मांगते हैं, जिससे उन पर अनावश्यक दबाव बनता है। पंचायतें भी फंड न मिलने के कारण केवल आश्वासन देने तक सीमित रह जाती हैं।
एसोसिएशन ने मांग की है कि या तो पात्र परिवारों को जल्द सहायता राशि जारी की जाए या जब तक बजट उपलब्ध न हो, तब तक अनावश्यक सर्वेक्षण बंद किया जाए, ताकि ग्रामीणों में भ्रम की स्थिति न बने।