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Panchkula News: विश्वकर्मा कॉलोनी पिंजौर में ढाई महीनों से पेयजल संकट गहराया
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पिंजौर। नगर परिषद कालका-पिंजौर के अंतर्गत आने वाली विश्वकर्मा कॉलोनी में करीब ढाई महीनों से पेयजल संकट गहराता जा रहा है। कॉलोनी स्थित आजाद पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल के सामने और आसपास के क्षेत्र में पानी की भारी किल्लत के चलते स्थानीय लोगों में विभाग और जिला प्रशासन के खिलाफ रोष बढ़ता जा रहा है। स्थानीय निवासी नरेंद्र कुमार बग्गन, नेहा रानी, पवन कुमार, पल्लवी, संजीव कुमार, शकुंतला देवी, महिंद्र पाल, सुरेंद्र राजू, गीता, भावना, कुसुम, पार्वती, धनवंती, निशा, कविता सहित अनेक महिलाओं और लोगों ने बताया कि क्षेत्र में पानी की सप्लाई एक दिन छोड़कर आ रही है और वह भी मात्र 20 से 30 मिनट आती है। इस दौरान पानी का प्रेशर इतना कम होता है कि अधिकांश घरों की टंकियां भर ही नहीं पातीं।
लोगों का कहना है कि पानी आने का कोई निश्चित समय नहीं है। कभी शाम साढ़े 7 बजे, कभी साढ़े 9 बजे तो कभी रात 11 बजे सप्लाई आती है, जिससे परिवारों को रात को जागकर पानी भरना पड़ता है। सर्दियों में ही यह हाल है तो आने वाली गर्मियों को लेकर लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
स्थानीय निवासियों ने समस्या के समाधान के लिए कई बार विभाग और उपमंडल कार्यालय कालका को शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ है। मजबूरी में लोगों को निजी पानी के टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। महिलाओं ने बताया कि एक टैंकर 300 से 500 रुपये तक का पड़ता है और महीने में लगभग 20 टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं, जिससे घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग
निवासियों ने आरोप लगाया कि पिंजौर के कई इलाकों में घंटों तक पानी की सप्लाई होती है, जबकि जरूरतमंद क्षेत्रों में बेहद कम समय के लिए पानी छोड़ा जा रहा है। उन्होंने कॉलोनी में नियमित और पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि जब तक व्यवस्था दुरुस्त नहीं होती, तब तक प्रशासन टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराए।
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लोगों का कहना है कि पानी आने का कोई निश्चित समय नहीं है। कभी शाम साढ़े 7 बजे, कभी साढ़े 9 बजे तो कभी रात 11 बजे सप्लाई आती है, जिससे परिवारों को रात को जागकर पानी भरना पड़ता है। सर्दियों में ही यह हाल है तो आने वाली गर्मियों को लेकर लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
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स्थानीय निवासियों ने समस्या के समाधान के लिए कई बार विभाग और उपमंडल कार्यालय कालका को शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ है। मजबूरी में लोगों को निजी पानी के टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। महिलाओं ने बताया कि एक टैंकर 300 से 500 रुपये तक का पड़ता है और महीने में लगभग 20 टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं, जिससे घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग
निवासियों ने आरोप लगाया कि पिंजौर के कई इलाकों में घंटों तक पानी की सप्लाई होती है, जबकि जरूरतमंद क्षेत्रों में बेहद कम समय के लिए पानी छोड़ा जा रहा है। उन्होंने कॉलोनी में नियमित और पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि जब तक व्यवस्था दुरुस्त नहीं होती, तब तक प्रशासन टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराए।