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Panchkula News: सरकारी स्कूल में छह नहीं आठ पेड़ों की हुई कटाई
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डेमोक्रेटिक स्कूल टीचर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत, जांच और कार्रवाई की मांग
पेड़ों की कटाई की अनुमति, लकड़ी के निस्तारण और अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
रायपुररानी। राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रायपुररानी में छह नहीं आठ पेड़ काटने और लकड़ी गायब करने आरोपों ने विवाद खड़ा कर दिया है। इस मामले में डेमोक्रेटिक स्कूल टीचर एसोसिएशन हरियाणा ने मुख्यमंत्री समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत भेजकर जांच करने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। संगठन का आरोप है कि स्कूल परिसर में बिना अनुमति पेड़ काटे गए और बाद में उनकी लकड़ी भी मौके पर नहीं मिली।
एसोसिएशन के राज्य चेयरमैन धर्मेंद्र ढांडा के अनुसार शिकायत मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, वन मंत्री, जिला उपायुक्त पंचकूला, जिला वन अधिकारी, प्रधान सचिव स्कूल शिक्षा, महानिदेशक सेकेंडरी शिक्षा और जिला शिक्षा अधिकारी को भेजी गई है। संगठन ने दावा किया है कि शिकायत के साथ मामले से जुड़े प्रमाण भी उपलब्ध कराए गए हैं।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि स्कूल परिसर में हर्बल, फलदार और छायादार प्रकृति के आठ पेड़ काटे गए। संगठन ने सवाल उठाया है कि कटाई के बाद लकड़ी मौके पर क्यों नहीं मिली और उसे कहां ले जाया गया। एसोसिएशन ने पेड़ों की कटाई से लेकर लकड़ी के परिसर से बाहर जाने तक पूरे घटनाक्रम की जांच कराने की मांग की है।
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निगरानी व्यवस्था पर भी उठे सवाल
धर्मेंद्र ढांडा ने कहा कि खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) का कार्यालय स्कूल परिसर में ही संचालित होता है, जबकि वन विभाग की दीवार भी विद्यालय परिसर से सटी हुई है। इसके बावजूद यदि पेड़ों की कटाई हुई है तो संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई और समय रहते इसे रोका क्यों नहीं गया। संगठन ने इसे निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल बताया है।
हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन की जांच की मांग
एसोसिएशन ने अपनी शिकायत में एक अप्रैल 2026 को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा दिए गए आदेश का भी हवाला दिया है। संगठन का कहना है कि पेड़ों की कटाई से संबंधित सभी नियमों और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप प्रक्रिया अपनाई गई या नहीं, इसकी जांच होनी चाहिए। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
पुरानी शिकायतों का भी किया जिक्र
शिकायत में स्कूल की प्राचार्या के खिलाफ पूर्व में भेजी गई शिकायतों का भी उल्लेख किया गया है। धर्मेंद्र ढांडा ने आरोप लगाया कि पहले भी कई गंभीर शिकायतें विभाग के समक्ष रखी गई थीं, लेकिन उन पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। फिलहाल मामला प्रदेश सरकार और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच चुका है। अब जांच की दिशा और उसके निष्कर्षों पर सभी की नजरें टिकी हैं। वहीं, स्कूल प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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पेड़ों की कटाई की अनुमति, लकड़ी के निस्तारण और अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
रायपुररानी। राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रायपुररानी में छह नहीं आठ पेड़ काटने और लकड़ी गायब करने आरोपों ने विवाद खड़ा कर दिया है। इस मामले में डेमोक्रेटिक स्कूल टीचर एसोसिएशन हरियाणा ने मुख्यमंत्री समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत भेजकर जांच करने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। संगठन का आरोप है कि स्कूल परिसर में बिना अनुमति पेड़ काटे गए और बाद में उनकी लकड़ी भी मौके पर नहीं मिली।
एसोसिएशन के राज्य चेयरमैन धर्मेंद्र ढांडा के अनुसार शिकायत मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, वन मंत्री, जिला उपायुक्त पंचकूला, जिला वन अधिकारी, प्रधान सचिव स्कूल शिक्षा, महानिदेशक सेकेंडरी शिक्षा और जिला शिक्षा अधिकारी को भेजी गई है। संगठन ने दावा किया है कि शिकायत के साथ मामले से जुड़े प्रमाण भी उपलब्ध कराए गए हैं।
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शिकायत में आरोप लगाया गया है कि स्कूल परिसर में हर्बल, फलदार और छायादार प्रकृति के आठ पेड़ काटे गए। संगठन ने सवाल उठाया है कि कटाई के बाद लकड़ी मौके पर क्यों नहीं मिली और उसे कहां ले जाया गया। एसोसिएशन ने पेड़ों की कटाई से लेकर लकड़ी के परिसर से बाहर जाने तक पूरे घटनाक्रम की जांच कराने की मांग की है।
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निगरानी व्यवस्था पर भी उठे सवाल
धर्मेंद्र ढांडा ने कहा कि खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) का कार्यालय स्कूल परिसर में ही संचालित होता है, जबकि वन विभाग की दीवार भी विद्यालय परिसर से सटी हुई है। इसके बावजूद यदि पेड़ों की कटाई हुई है तो संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई और समय रहते इसे रोका क्यों नहीं गया। संगठन ने इसे निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल बताया है।
हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन की जांच की मांग
एसोसिएशन ने अपनी शिकायत में एक अप्रैल 2026 को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा दिए गए आदेश का भी हवाला दिया है। संगठन का कहना है कि पेड़ों की कटाई से संबंधित सभी नियमों और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप प्रक्रिया अपनाई गई या नहीं, इसकी जांच होनी चाहिए। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
पुरानी शिकायतों का भी किया जिक्र
शिकायत में स्कूल की प्राचार्या के खिलाफ पूर्व में भेजी गई शिकायतों का भी उल्लेख किया गया है। धर्मेंद्र ढांडा ने आरोप लगाया कि पहले भी कई गंभीर शिकायतें विभाग के समक्ष रखी गई थीं, लेकिन उन पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। फिलहाल मामला प्रदेश सरकार और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच चुका है। अब जांच की दिशा और उसके निष्कर्षों पर सभी की नजरें टिकी हैं। वहीं, स्कूल प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।