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Panchkula News: हाईकोर्ट ने सांसदों/विधायकों के मामलों का ब्योरा तलब किया
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चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब और हरियाणा के मौजूदा तथा पूर्व सांसदों एवं विधायकों के खिलाफ ब्योरा मांगा है। यह ब्योरा आयकर विभाग, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज मामलों से संबंधित है। अदालत ने दोनों राज्य सरकारों को 48 घंटे में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश अश्विनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की पीठ ने यह आदेश दिया। यह आदेश लंबित आपराधिक मामलों की सुनवाई में तेजी लाने के लिए है। अदालत इन मामलों की प्रगति की लगातार निगरानी कर रही है। पीठ ने कहा कि ऐसे मामलों को लंबे समय तक लंबित नहीं रखा जाना चाहिए। सुनवाई में तेजी लाने के लिए समय-समय पर निर्देश जारी होते रहे हैं। अब जांच एजेंसियों से दर्ज मामलों का विस्तृत रिकॉर्ड मांगा गया है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश :
पीठ ने सुप्रीम कोर्ट के उन निर्देशों का भी उल्लेख किया जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों को लंबित आपराधिक मामलों को तत्काल सूचीबद्ध करने को कहा था। विशेष रूप से स्थगन आदेश वाले मामलों को पीठ के समक्ष रखने के निर्देश दिए गए थे। हाईकोर्ट स्तर पर ऐसे मामलों की प्रगति पर निगरानी रखी जा रही है। इन निर्देशों का उद्देश्य मामलों की सुनवाई पर नजर रखना और तेजी लाना है।
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कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश अश्विनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की पीठ ने यह आदेश दिया। यह आदेश लंबित आपराधिक मामलों की सुनवाई में तेजी लाने के लिए है। अदालत इन मामलों की प्रगति की लगातार निगरानी कर रही है। पीठ ने कहा कि ऐसे मामलों को लंबे समय तक लंबित नहीं रखा जाना चाहिए। सुनवाई में तेजी लाने के लिए समय-समय पर निर्देश जारी होते रहे हैं। अब जांच एजेंसियों से दर्ज मामलों का विस्तृत रिकॉर्ड मांगा गया है।
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सुप्रीम कोर्ट के निर्देश :
पीठ ने सुप्रीम कोर्ट के उन निर्देशों का भी उल्लेख किया जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों को लंबित आपराधिक मामलों को तत्काल सूचीबद्ध करने को कहा था। विशेष रूप से स्थगन आदेश वाले मामलों को पीठ के समक्ष रखने के निर्देश दिए गए थे। हाईकोर्ट स्तर पर ऐसे मामलों की प्रगति पर निगरानी रखी जा रही है। इन निर्देशों का उद्देश्य मामलों की सुनवाई पर नजर रखना और तेजी लाना है।
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