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Panchkula News: किसान मजदूर मोर्चा का 31 को धरना, 14 सितंबर से मंत्रियों के खिलाफ मोर्चा
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चंडीगढ़। किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) ने वीरवार को चंडीगढ़ में एक बैठक की। मोर्चे ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 31 अगस्त को डीसी कार्यालयों के बाहर धरना देने का एलान किया है। इसके साथ ही, 14 सितंबर से मंत्रियों के खिलाफ पांच दिवसीय मोर्चा भी शुरू किया जाएगा। केएमएम पिछले साल शंभू-खनौरी बॉर्डर पर मोर्चा हटाने के दौरान हुए नुकसान की भरपाई की मांग कर रहा है।
मोर्चे के नेता सरवण सिंह पंधेर ने वीरवार को प्रेसवार्ता में बताया कि 25 अगस्त को गांव स्तर पर भी प्रदर्शन किया जाएगा। अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे आगे रेल रोको कार्यक्रम भी जारी करेंगे।
सरकारी वादे और कृषि खरीद :
पंधेर ने कहा कि 2022 में आप सरकार ने किसानों और मजदूरों से जो वादे किए थे, उन्हें पूरा किया जाना चाहिए। केंद्र सरकार पंजाब में गेहूं और धान की सरकारी खरीद बिना रुकावट सुनिश्चित करे। 23 फसलों की खरीद करने के वादे को लागू किया जाए। पहले चरण में बासमती, सरसों, मक्का, आलू और मूंग की सरकारी खरीद सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
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कर्ज मुक्ति और कानूनी मांगें :
मोर्चे ने सरकार के वादे के अनुसार किसानों और मजदूरों का कर्ज खत्म करने की मांग की है। साथ ही, किसान-मजदूर हितैषी कर्ज कानून बनाने पर भी जोर दिया गया। केंद्र द्वारा लाए जा रहे भारत-अमेरिका व्यापार समझौते, बिजली संशोधन विधेयक और बीज अधिनियम के खिलाफ पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर प्रस्ताव पारित किया जाए।
अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे :
शंभू-खनौरी मोर्चे के दौरान घायल हुए युवाओं को मुआवजा देने की मांग की गई है। मोर्चे के शहीदों के परिवारों को बकाया मुआवजा और नौकरियां भी मिलें। केंद्र या सरकार के खिलाफ मोर्चों के दौरान दर्ज पुलिस और पराली से संबंधित सभी मामले रद्द किए जाएं। पंजाब के पानी का मुद्दा रिपेरियन सिद्धांत से हल हो। बाढ़ की जांच के लिए निष्पक्ष ट्रिब्यूनल बनाया जाए। भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) में पंजाब के अधिकार और हक बहाल हों। पंजाब सरकार की लैंड पूलिंग नीति को भी रद्द करने की मांग की गई है। मोर्चा बंदी सिखों की रिहाई के लिए 15 अगस्त को राज्यपाल के घर के घेराव का समर्थन करता है। मोर्चा पंजोखरा साहिब में हरियाणा सरकार द्वारा की जा रही कार्रवाई का विरोध भी करता है।
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मोर्चे के नेता सरवण सिंह पंधेर ने वीरवार को प्रेसवार्ता में बताया कि 25 अगस्त को गांव स्तर पर भी प्रदर्शन किया जाएगा। अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे आगे रेल रोको कार्यक्रम भी जारी करेंगे।
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सरकारी वादे और कृषि खरीद :
पंधेर ने कहा कि 2022 में आप सरकार ने किसानों और मजदूरों से जो वादे किए थे, उन्हें पूरा किया जाना चाहिए। केंद्र सरकार पंजाब में गेहूं और धान की सरकारी खरीद बिना रुकावट सुनिश्चित करे। 23 फसलों की खरीद करने के वादे को लागू किया जाए। पहले चरण में बासमती, सरसों, मक्का, आलू और मूंग की सरकारी खरीद सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
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कर्ज मुक्ति और कानूनी मांगें :
मोर्चे ने सरकार के वादे के अनुसार किसानों और मजदूरों का कर्ज खत्म करने की मांग की है। साथ ही, किसान-मजदूर हितैषी कर्ज कानून बनाने पर भी जोर दिया गया। केंद्र द्वारा लाए जा रहे भारत-अमेरिका व्यापार समझौते, बिजली संशोधन विधेयक और बीज अधिनियम के खिलाफ पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर प्रस्ताव पारित किया जाए।
अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे :
शंभू-खनौरी मोर्चे के दौरान घायल हुए युवाओं को मुआवजा देने की मांग की गई है। मोर्चे के शहीदों के परिवारों को बकाया मुआवजा और नौकरियां भी मिलें। केंद्र या सरकार के खिलाफ मोर्चों के दौरान दर्ज पुलिस और पराली से संबंधित सभी मामले रद्द किए जाएं। पंजाब के पानी का मुद्दा रिपेरियन सिद्धांत से हल हो। बाढ़ की जांच के लिए निष्पक्ष ट्रिब्यूनल बनाया जाए। भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) में पंजाब के अधिकार और हक बहाल हों। पंजाब सरकार की लैंड पूलिंग नीति को भी रद्द करने की मांग की गई है। मोर्चा बंदी सिखों की रिहाई के लिए 15 अगस्त को राज्यपाल के घर के घेराव का समर्थन करता है। मोर्चा पंजोखरा साहिब में हरियाणा सरकार द्वारा की जा रही कार्रवाई का विरोध भी करता है।